Bhopal Food Safety Inspection: भोपाल, 12 अक्टूबर 2026। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों की सेहत सुरक्षित रखने के लिए भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक में मिठाई, दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के साथ छात्रावासों, स्कूलों, अस्पतालों और मेस-कैंटीन में स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अपर कलेक्टर प्रकाश नायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों और उपभोक्ता प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में खाद्य पदार्थों के नमूने लेने, मिलावट के मामलों में कानूनी कार्रवाई, खाद्य कारोबारियों के प्रशिक्षण और सरकारी संस्थानों में सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
Bhopal Food Safety Inspection: त्योहारों से पहले मिठाई और दूध की दुकानों पर बढ़ेगी निगरानी
दशहरा, नवरात्रि और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों, दूध, पनीर, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खाद्य कारोबारियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और रखरखाव की परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई। इस अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और मिलावट की आशंका वाले मामलों पर समय रहते कार्रवाई करना है।
Bhopal Food Safety Inspection: जुलाई से अक्टूबर तक 564 निरीक्षण, 17 नमूने असुरक्षित
बैठक में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से 1 जुलाई 2026 से 12 अक्टूबर 2026 तक की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की निगरानी के लिए निरीक्षण और नमूना संकलन किया गया।
प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान 337 रेगुलेटरी नमूने और 409 सर्विलांस नमूने लिए गए। विभाग ने कुल 564 निरीक्षण किए। प्रयोगशाला जांच से संबंधित प्रस्तुत विवरण में 20 नमूनों को मानक और 17 नमूनों को असुरक्षित पाया गया।
बैठक में इन आंकड़ों के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण और नमूना संकलन जारी रखने पर जोर दिया गया। असुरक्षित पाए गए नमूनों के मामलों में संबंधित नियमों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की बात भी कही गई।
Bhopal Food Safety Inspection: ₹32.40 लाख से अधिक की खाद्य सामग्री जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, जिले में दूध, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री के संबंध में जब्ती की कार्रवाई की गई। जब्त खाद्य सामग्री का कुल मूल्य 32,40,131 रुपये बताया गया है। विभाग ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाती है। बैठक में भी इस बात पर जोर दिया गया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में केवल निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और निर्धारित मानकों के पालन की निगरानी को महत्वपूर्ण बताया गया।
Bhopal Food Safety Inspection: अपर कलेक्टर न्यायालय में 68 मामले दर्ज, 13 का निराकरण
बैठक में खाद्य सुरक्षा से जुड़े न्यायालयीन मामलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में अपर कलेक्टर न्यायालय में खाद्य सुरक्षा संबंधी 68 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 13 मामलों का निराकरण किया गया।
बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को मामलों की प्रक्रिया में तेजी लाने और संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
खाद्य पदार्थों में मिलावट या अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ निगरानी बनाए रखना भी विभागीय कार्ययोजना का हिस्सा है।
Bhopal Food Safety Inspection: मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से 916 नमूनों की जांच
खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी भी बैठक में दी गई। प्रस्तुत विवरण के अनुसार, इस दौरान खाद्य सुरक्षा और जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की गईं तथा कुल 916 खाद्य नमूनों की टेस्टिंग की गई।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, 19 कार्यक्रम, 30 जन-जागरूकता कार्यक्रम और 17 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों और खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट की पहचान तथा सुरक्षित खाद्य व्यवहार के बारे में जानकारी देना है।
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री के माध्यम से लोगों को खाद्य पदार्थों की जांच और गुणवत्ता से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा संबंधी जन-जागरूकता गतिविधियां जारी रखने की जरूरत बताई।
Bhopal Food Safety Inspection: हॉस्टल, स्कूल और अस्पताल की कैंटीन पर विशेष ध्यान
बैठक में निजी और सरकारी छात्रावासों, स्कूलों, कॉलेजों, आवासीय शिक्षण संस्थानों तथा सरकारी अस्पतालों में संचालित मेस और कैंटीन की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। हाल के समय में भोजन या खाद्य सामग्री में छिपकली और अन्य अवांछित जीव-जंतु मिलने जैसी घटनाओं के संदर्भ में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
अपर कलेक्टर प्रकाश नायक ने संबंधित संस्थानों का निरीक्षण करने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें गठित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रसोईघर की स्वच्छता, भोजन तैयार करने की जगह, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और भोजन बनाने तथा परोसने के दौरान साफ-सफाई के नियमों की जांच पर जोर दिया गया।
इसके अलावा खाद्य पदार्थों को कीटों और अन्य जीव-जंतुओं से बचाने के उपायों की समीक्षा करने तथा खाद्य कारोबार से संबंधित आवश्यक पंजीयन, लाइसेंस और लागू नियमों के पालन की जांच करने की बात कही गई। कमियां मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
Bhopal Food Safety Inspection: आंगनवाड़ी, मिड-डे मील और राशन दुकानों में भी खाद्य सुरक्षा पर जोर
बैठक में सरकारी योजनाओं के तहत भोजन और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं में भी खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानें, महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ियां और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था शामिल हैं।
इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों के क्लब, कैंटीन और मेस में खाद्य सामग्री के निर्माण, भंडारण, वितरण और परोसने की व्यवस्था की समीक्षा करने पर जोर दिया गया। संबंधित विभागों से अपने अधीन संचालित संस्थानों की सूची उपलब्ध कराने और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कहा गया कि संबंधित संस्थानों में लागू नियमों के अनुसार खाद्य सुरक्षा पंजीयन या लाइसेंस तथा आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना है।
Bhopal Food Safety Inspection: खाद्य कारोबारियों को दिया जाएगा FoSTaC प्रशिक्षण
खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों और स्वच्छता के बारे में जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर कलेक्टर प्रकाश नायक ने फास्ट ट्रैक प्रशिक्षण और FoSTaC से संबंधित लागू प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के दायरे में स्ट्रीट फूड वेंडर्स, सब्जी विक्रेता, होटल और रेस्टोरेंट संचालक, छात्रावासों की मेस-कैंटीन चलाने वाले तथा खाद्य पदार्थों के निर्माता शामिल होंगे। उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, भोजन तैयार करने के तरीकों और साफ-सफाई से जुड़े मानकों की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में कारोबारियों को प्रशिक्षण के लिए प्रेरित करने और संबंधित श्रेणियों पर लागू प्रावधानों के अनुसार आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य खाद्य कारोबार के दौरान नियमों के पालन को बेहतर बनाना और असुरक्षित खाद्य पदार्थों से होने वाले जोखिम को कम करना है।
Bhopal Food Safety Inspection: बैठक में कई विभागों के अधिकारी और उपभोक्ता प्रतिनिधि शामिल
जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग, जिला शिक्षा विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक और अन्य अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से निरीक्षण, नमूना संकलन, न्यायालयीन मामलों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री की गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में उपभोक्ता प्रतिनिधि विजय सक्सेना के साथ सामाजिक संस्थाओं की ओर से श्वेता तायवाड़े और वर्षा तुलसानी भी उपस्थित रहीं। प्रस्तुत आंकड़ों और प्रस्तावित योजनाओं पर समिति में विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के अंत में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, त्योहारों के दौरान मिलावट पर रोक लगाने, छात्रावासों और कैंटीन की निगरानी बढ़ाने तथा खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल के अनुसार, आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों और संस्थागत रसोई की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।
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