रिपोर्ट- अंकित दुबे
Ghazipur Fake Call Center गाजीपुर में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले कथित गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस और सर्विलांस टीम ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 3 लाख 54 हजार 300 रुपये नकद, 23 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड, 10 मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर और दो चार पहिया वाहन बरामद किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन देकर बनाते थे जाल
Ghazipur Fake Call Center पुलिस के मुताबिक, गिरोह सोशल मीडिया और फेसबुक पर विदेश में नौकरी के आकर्षक विज्ञापन डालता था। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले युवाओं को फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नौकरी का भरोसा दिलाया जाता था। शुरुआत में पंजीकरण के नाम पर करीब 5 हजार रुपये लिए जाते थे। इसके बाद फर्जी जॉब ऑफर लेटर और डमी फ्लाइट टिकट भेजकर भरोसा कायम किया जाता और अलग-अलग मदों में उनसे और रकम मांगी जाती थी।
म्यूल खातों और क्यूआर कोड से मंगाते थे रकम
Ghazipur Fake Call Center पुलिस की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सोहन राम दूसरे लोगों के नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते हासिल करता था। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर म्यूल खातों के रूप में किया जाता था। ठगी की रकम इन्हीं खातों और क्यूआर कोड के जरिए मंगाई जाती थी, जिसे बाद में सीएससी सेंटर या एटीएम के माध्यम से निकाला जाता था। पुलिस के अनुसार, दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान अगस्त से सितंबर के बीच करीब 15 लाख रुपये की रकम नकद निकाले जाने की जानकारी सामने आई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, बड़ी संख्या में सामान बरामद
Ghazipur Fake Call Center गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोहन राम (45), सूर्य प्रकाश अरोरा (26) और फैजल खान उर्फ सन्नी (29) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकदी के अलावा 23 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड, 10 स्मार्टफोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, कलर प्रिंटर और दो कारें बरामद की हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

