Dantewada Rangoli के जरिए दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण विकासखंड में ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत खेल मैदान परिसर में शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने मिलकर वृहद रंगोली तैयार की। खास बात यह रही कि रंगोली को सजाने के लिए कृत्रिम रंगों के बजाय धान, चावल, विभिन्न प्रकार की दालों, फूलों और हरी पत्तियों जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया गया।
Dantewada Rangoli: प्राकृतिक सामग्री से उकेरी विकसित भारत की तस्वीर
Dantewada Rangoli में भारत के विकास और आत्मनिर्भरता की झलक अलग-अलग आकृतियों और चित्रों के माध्यम से दिखाई गई। रंगोली में आत्मनिर्भर भारत की सोच के साथ स्वच्छता, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्थान दिया गया।
प्राकृतिक सामग्री से तैयार इस रंगोली ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का संदेश भी दिया।
Dantewada Rangoli: शिक्षा से लेकर विज्ञान और तकनीक तक दिखी प्रगति
Dantewada Rangoli के माध्यम से भारत की प्रगति के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को दर्शाया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने रंगोली में शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक के साथ सौर ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया।
इसके अलावा भारत के अंतरिक्ष मिशन और आधुनिक तकनीक में बढ़ती क्षमता को भी रंगोली के जरिए सामने रखा गया। इस तरह पूरी रंगोली में परंपरा और आधुनिक विकास का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
Dantewada Rangoli: अनाज और दालों से दिया आत्मनिर्भरता का संदेश
Dantewada Rangoli में धान, चावल और विभिन्न प्रकार की दालों का इस्तेमाल विशेष रूप से किया गया। इन खाद्य सामग्रियों के माध्यम से कृषि और आत्मनिर्भरता के महत्व को दर्शाया गया।
फूलों और हरी पत्तियों से रंगोली को आकर्षक रूप दिया गया। प्राकृतिक सामग्री के इस्तेमाल ने कार्यक्रम को पर्यावरण के प्रति जागरूकता से भी जोड़ा। रंगोली के जरिए लोगों तक सेवा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और विकास का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
Dantewada Rangoli: शिक्षक और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
Dantewada Rangoli के निर्माण में शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी ने मिलकर रंगोली की अलग-अलग आकृतियों को तैयार किया और उसमें विकसित भारत की अवधारणा को उकेरा।
विद्यार्थियों की भागीदारी ने आयोजन को और खास बना दिया। प्राकृतिक सामग्री को व्यवस्थित तरीके से सजाकर तैयार की गई रंगोली ने परिसर में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
Dantewada Rangoli: कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
Dantewada Rangoli कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण टेकाम, वरिष्ठ भाजपाई संजय ठाकुर, बीईओ गोपाल पांडे, एबीईईओ, बीआरसी, नोडल अधिकारी रंगोली धीरेंद्र राठौर सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके साथ ही संकुल समन्वयक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने रंगोली निर्माण में विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया।
Dantewada Rangoli: सेवा, स्वच्छता और विकास का संदेश
Dantewada Rangoli केवल सजावट का माध्यम नहीं रही, बल्कि इसके जरिए सेवा संकल्प अभियान के संदेशों को भी सामने रखा गया। रंगोली में आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, विज्ञान, तकनीक, सौर ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति को प्रदर्शित किया गया।
कटेकल्याण में आयोजित इस गतिविधि ने यह संदेश दिया कि स्थानीय और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के साथ भी देश के विकास की बड़ी तस्वीर को रचनात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
Read more : Aaj ka Mausam: 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं


