Kawardha News: कवर्धा में गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति और छत्तीसगढ़ गोंडवाना संघ के संयुक्त तत्वावधान में चिल्हीडार पूजा एवं बेटा जौतिया महाव्रत का आयोजन किया गया। गोंडवाना गुरुदेव दुर्गभगत सिद्धार एवं ममतामयी माता दुर्गे दुलेश्वरी दाई के सानिध्य में हुए इस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में माताएं शामिल हुईं।
Kawardha News: चार राज्यों से बड़ी संख्या में माताएं हुईं शामिल
Kawardha News: कवर्धा में आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से समाज के लोग पहुंचे। आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में माताओं ने सहभागिता की।
Kawardha News: कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विभिन्न अनुष्ठान किए गए। समाज के लोगों ने इसे अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
Kawardha News: संतान और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा 24 घंटे का निर्जला व्रत
Kawardha News: कार्यक्रम में शामिल माताओं ने अपनी संतान और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा। इस दौरान व्रत से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और पूजा-विधियों का पालन किया गया।
Kawardha News: आयोजकों के मुताबिक बेटा जौतिया महाव्रत में माताओं की आस्था और पारिवारिक मंगलकामना प्रमुख रूप से जुड़ी हुई है। व्रत के दौरान समाज की महिलाएं निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना में शामिल हुईं।
Kawardha News: चिल्हीडार वृक्ष की हुई विधि-विधान से पूजा
Kawardha News: भादो अंधियारी अष्टमी की रात चिल्हीडार वृक्ष की डाल को स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा की विभिन्न प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
Kawardha News: इसके बाद माता काली कंकाली और शंभू शेख की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान समाज के लोगों ने पारंपरिक धार्मिक विधियों में हिस्सा लिया और आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
Kawardha News: नवमी पर जौतिया धारण कर किया व्रत का पारण
Kawardha News: नवमी तिथि पर व्रत रखने वाली माताओं ने स्नान के बाद जौतिया धारण किया। इसके बाद निर्धारित पूजा-अर्चना की गई और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार व्रत का पारण किया गया।
Kawardha News: पूरे आयोजन के दौरान समाज के लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महापर्व में शामिल हुए। पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक गतिविधियों के साथ कार्यक्रम का आयोजन पारंपरिक स्वरूप में किया गया।
Kawardha News: आदिवासी समाज की प्राचीन परंपरा से जुड़ा पर्व
Kawardha News: आयोजकों के मुताबिक चिल्हीडार पूजा और बेटा जौतिया महाव्रत आदिवासी समाज की प्राचीन परंपरा और प्रकृति पूजा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस आयोजन के जरिए समाज की धार्मिक मान्यताओं और प्रकृति के साथ उसके पारंपरिक संबंध को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।
Kawardha News: आयोजन में समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के महत्व पर भी चर्चा की। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है।
Kawardha News: संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश
Kawardha News: कार्यक्रम के माध्यम से समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज और पारंपरिक मान्यताओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और उनके संरक्षण का संदेश दिया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति आस्था व्यक्त की।
Kawardha News: गोंडवाना गुरुदेव दुर्गभगत सिद्धार के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार ऐसे महापर्व समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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