MP White Revolution 2.0 में मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य
मध्यप्रदेश में किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए डेयरी सेक्टर को विकास की नई रफ्तार देने की तैयारी है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत की गई। सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने के साथ दुग्ध उत्पादन और संग्रहण को बड़े स्तर पर बढ़ाना है।
MP White Revolution 2.0 में दूध कलेक्शन 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे नंबर पर दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है। अब सरकार का लक्ष्य दूध संग्रहण को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र के विस्तार से किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।
MP White Revolution 2.0 में 12 लाख लीटर से 50 लाख लीटर तक बढ़ेगा कलेक्शन
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में करीब 12 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का संग्रहण हो रहा है। सरकार इसे आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। सहकारी समितियों के विस्तार और डेयरी वैल्यू चेन को मजबूत करने को इस लक्ष्य की प्राप्ति का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।
MP White Revolution 2.0 में गौपालकों को 55 रुपये प्रति लीटर का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सहकारी व्यवस्था के माध्यम से पशुपालकों को दूध की बेहतर कीमत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक पहले पशुपालकों को दूध के लिए करीब 35 रुपये प्रति लीटर मिलते थे, जबकि सहकारी समितियों के माध्यम से यह राशि बढ़कर 55 रुपये प्रति लीटर तक पहुंची है। सरकार का दावा है कि इससे दूध उत्पादकों की आय में सुधार होगा।
MP White Revolution 2.0 में 2 लाख गौपालक दीदियों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 2 लाख गौपालक दीदियां डेयरी सहकारिता और पशुपालन से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने पर भी सरकार का जोर है। केंद्र की व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 पहल में भी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सशक्तिकरण को प्रमुख उद्देश्य में शामिल किया गया है।
MP White Revolution 2.0 में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियों का लक्ष्य
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 46 हजार से अधिक मौजूदा डेयरी सहकारी समितियों को मजबूत करने की योजना है। केंद्र के अनुसार व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 का उद्देश्य गांवों में डेयरी सहकारिता का विस्तार, किसानों को बाजार तक पहुंच और दूध के लिए बेहतर पारिश्रमिक उपलब्ध कराना है।
MP White Revolution 2.0 में अमित शाह ने 50 लाख लीटर लक्ष्य पर दिया भरोसा
राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में अमित शाह ने मध्यप्रदेश के 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध संग्रहण के लक्ष्य को कठिन जरूर बताया, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्यप्रदेश के लोगों के साथ मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करेगी।
MP White Revolution 2.0 में गांव-गांव दुग्ध सहकारी समितियां बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गांवों में अभी तक दुग्ध सहकारी समितियां नहीं बनी हैं, वहां भी समितियों का गठन किया जाएगा। प्रदेश में संचालित छह दुग्ध सहकारी संघों को मजबूत करने, पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने और डेयरी वैल्यू चेन को विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच की व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश होगी।
MP White Revolution 2.0 में 6 करोड़ से अधिक पशुधन का उपयोग बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है। सरकार का जोर उन्नत नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर है। इसके लिए पशुपालकों के मेले आयोजित करने और बेहतर नस्ल के पशुओं के पालन को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।
MP White Revolution 2.0 में 3214 गौशालाओं और 5 लाख गोवंश पर फोकस
प्रदेश में बड़ी संख्या में गौशालाओं के माध्यम से गोवंश संरक्षण का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार करीब 3214 गौशालाओं में 5 लाख गोवंश का संवर्धन किया जा रहा है। वहीं सरकार ने गौशालाओं को मिलने वाले अनुदान को भी बढ़ाने की बात कही है। गौशाला व्यवस्था को डेयरी और पशुपालन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
MP White Revolution 2.0 में 313 विकासखंडों में ‘वृंदावन गांव’ की योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश के 313 विकासखंडों में ‘वृंदावन गांव’ विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गांवों में पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। साथ ही प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पशुपालन से जोड़ने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
MP White Revolution 2.0 में गौ-एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने की तैयारी
पशुओं के स्वास्थ्य और उपचार की सुविधा को मजबूत करने के लिए प्रदेश में गौ-एम्बुलेंस व्यवस्था को भी विस्तार देने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार फिलहाल प्रदेश में 406 गौ-एम्बुलेंस संचालित हैं और 168 नई गौ-एम्बुलेंस शुरू करने की योजना है। इससे पशुपालकों को पशुओं के उपचार के लिए बेहतर आपातकालीन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
MP White Revolution 2.0 में उन्नत नस्ल और पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा
डेयरी उत्पादन बढ़ाने के लिए केवल दूध संग्रहण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पशुओं की नस्ल और पशुपालन व्यवस्था में सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार ने उन्नत नस्ल के पशुपालन को प्रोत्साहित करने और पशुपालकों के लिए मेले आयोजित करने की बात कही है। इससे दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि का रास्ता तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
MP White Revolution 2.0 में NDDB के साथ हुआ एमओयू
मध्यप्रदेश सरकार ने डेयरी क्षेत्र को तकनीकी और संस्थागत रूप से मजबूत करने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड यानी NDDB के साथ एमओयू किया है। सरकार का उद्देश्य दूध के उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंचने वाली पूरी डेयरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है। इससे सहकारी मॉडल के जरिए पशुपालकों को बेहतर बाजार और आय के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
MP White Revolution 2.0 में दूध से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में दूध आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। दूध उत्पादन और पशुपालन से किसानों को नियमित आय का अवसर मिलता है। सरकार का लक्ष्य डेयरी सेक्टर को रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है।
MP White Revolution 2.0 में उज्जैन में 255 करोड़ का डेयरी प्लांट
गौपालक सम्मेलन के दौरान उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र का वर्चुअल भूमिपूजन किया गया। इस प्लांट की क्षमता करीब 3 लाख लीटर प्रतिदिन बताई गई है। इसके अलावा भोपाल में डेयरी उत्पाद संयंत्र और केंद्रीय डेयरी प्रयोगशाला सहित अन्य परियोजनाओं की शुरुआत भी की गई।
MP White Revolution 2.0 में गौपालकों की आय बढ़ाने का लक्ष्य
श्वेत क्रांति 2.0 के जरिए सरकार का फोकस दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर है। सहकारी समितियों के विस्तार से बिचौलियों की भूमिका कम करने और दूध उत्पादकों को सीधे सहकारी व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। केंद्र की व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 योजना का घोषित उद्देश्य भी छोटे डेयरी किसानों को बाजार तक पहुंच और उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराना है।
MP White Revolution 2.0 से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर
डेयरी सेक्टर के विस्तार से केवल पशुपालकों को ही लाभ मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि दूध संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और डेयरी उत्पादों की बिक्री से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। सरकार इसी व्यापक डेयरी वैल्यू चेन को विकसित करने पर जोर दे रही है।
MP White Revolution 2.0 से मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी
मध्यप्रदेश सरकार ने डेयरी क्षेत्र को राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाने का लक्ष्य रखा है। दूध संग्रहण को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने, नई दुग्ध समितियां बनाने, मौजूदा समितियों को मजबूत करने, पशुपालन की नस्ल सुधारने और डेयरी प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की योजनाएं इसी दिशा का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार ने भी लक्ष्य हासिल करने के लिए सहयोग का भरोसा दिया है।


