Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में 18 प्रस्ताव पारित
प्रयागराज में गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर के.पी. कम्युनिटी सेंटर में हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जगतगुरु और अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में सामाजिक समरसता, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा, मंदिर प्रबंधन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े 18 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इन प्रस्तावों को ज्ञापन के रूप में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को भेजने की बात कही गई। सम्मेलन में मुंशी काली प्रसाद ‘कुलभास्कर’ को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग प्रमुख रही।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में स्वामी चक्रपाणि ने एकता पर दिया जोर
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने सम्मेलन में हिंदू समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने और छुआछूत समाप्त करने का आह्वान किया। सम्मेलन में मौजूद लोगों को सामाजिक समरसता और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी प्रेम एवं विश्वास बढ़ाने का सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम के दौरान एकता और सामाजिक समरसता पर जोर दिया गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में काली प्रसाद ‘कुलभास्कर’ को भारत रत्न की मांग
सम्मेलन के प्रमुख प्रस्तावों में मुंशी काली प्रसाद ‘कुलभास्कर’ को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग शामिल रही। प्रस्ताव में शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और त्याग को याद करते हुए प्रयागराज में उनकी स्मृति में राष्ट्रीय स्मारक और शिक्षा शोध केंद्र स्थापित करने की भी मांग रखी गई। सम्मेलन के मुताबिक, उन्होंने अपनी संपत्ति शिक्षा के लिए समर्पित की थी।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में सनातन बोर्ड का प्रस्ताव
सम्मेलन में सनातन बोर्ड की स्थापना का प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, बोर्ड में संत समाज की सहभागिता हो और मंदिरों, मठों, आश्रमों तथा गुरुकुलों के संरक्षण एवं पारदर्शी प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। सम्मेलन ने इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने का अनुरोध किया है।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में गोहत्या निषेध केंद्रीय कानून की मांग
सम्मेलन में देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए एक समान केंद्रीय कानून बनाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही गोशालाओं में चारा, चिकित्सा और आश्रय की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में उपासना स्थल अधिनियम पर पुनर्विचार की मांग
सम्मेलन में उपासना स्थल अधिनियम, 1991 पर पुनर्विचार करने और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े मंदिरों के संबंध में कानून बनाने का प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव में ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर विशेषज्ञ आयोग से ऐसे स्थलों की पहचान कराने की बात कही गई है। सम्मेलन ने पूरी प्रक्रिया संविधान की मर्यादा, संवाद और आपसी सद्भाव के साथ आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में मंदिरों के पारदर्शी प्रबंधन पर जोर
सम्मेलन में मंदिरों की संपत्ति और देवद्रव्य की सुरक्षा के साथ पारदर्शी प्रबंधन की मांग की गई। प्रमुख मंदिरों में सीसीटीवी, डिजिटल लेखांकन और स्वतंत्र ऑडिट की व्यवस्था करने तथा सभी श्रद्धालुओं के लिए समान दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में महापुरुषों के सम्मान का प्रस्ताव
सम्मेलन में भगवान श्री चित्रगुप्त सहित विभिन्न महापुरुषों के सम्मान और उनके जीवन-प्रसंगों को शिक्षा एवं सार्वजनिक संस्थानों से जोड़ने की मांग की गई। प्रस्ताव में स्वामी विवेकानंद, महर्षि महेश योगी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और मुंशी काली प्रसाद ‘कुलभास्कर’ सहित विभिन्न महापुरुषों के जीवन और योगदान को पाठ्यक्रम तथा संस्थानों में स्थान देने का अनुरोध किया गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में सामाजिक समरसता और सहभोज पर जोर
सम्मेलन ने जातिगत भेदभाव और छुआछूत समाप्त करने के लिए सामाजिक समरसता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। प्रस्ताव में गांव-गांव और शहर-शहर सहभोज तथा सामाजिक संवाद के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई। सम्मेलन में एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग सहित अलग-अलग सामाजिक समूहों को एक परिवार के रूप में जोड़ने पर जोर दिया गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में आर्थिक आधार पर संरक्षण की मांग
सम्मेलन में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए संरक्षण की मांग रखी गई। प्रस्ताव में कहा गया कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति चाहे किसी भी जाति का हो, उसे सहायता और अवसर मिलना चाहिए। सम्मेलन ने अपने प्रस्ताव में इसे ‘आरक्षण नहीं, संरक्षण’ की भावना से जोड़ते हुए जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने की बात कही।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में शिक्षा में समान अवसर का प्रस्ताव
शिक्षा से जुड़े नियमों में विद्यार्थियों के बीच प्रेम, विश्वास और सौहार्द बढ़ाने की मांग की गई। सम्मेलन ने सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान सुरक्षा, सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में देव निंदा निषेध कानून की मांग
सम्मेलन में देवी-देवताओं, संतों और धार्मिक स्थलों के कथित अपमान से संबंधित सामग्री पर कार्रवाई के लिए ‘देव निंदा निषेध कानून’ बनाने की मांग की गई। प्रस्ताव में फिल्मों, वेब सीरीज और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की बात कही गई। साथ ही इस तरह के कानून को सभी आस्थाओं पर समान रूप से लागू करने का अनुरोध किया गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में आतंकवाद और कट्टरता के खिलाफ प्रस्ताव
सम्मेलन ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और आतंकवाद के विरोध पर भी प्रस्ताव पारित किया। इसमें सभी मतों और श्रेष्ठ विचारों के सम्मान तथा देश के सभी नागरिकों के बीच आपसी प्रेम और सद्भाव की बात कही गई। सम्मेलन ने आतंकवाद और कट्टरता के हर रूप का विरोध करने की बात कही।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में शिक्षा और चिकित्सा पर जोर
सम्मेलन ने गांवों और शहरों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही संस्कृत, वेद और गुरुकुल परंपरा को बढ़ावा देने तथा पुरोहितों के लिए सम्मानजनक मानदेय और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग भी प्रस्तावों में शामिल रही।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में भारतीय व्यंजनों को बढ़ावा देने की मांग
सम्मेलन में भारतीय पारंपरिक खान-पान और व्यंजनों को देश-विदेश में बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा गया। सरकारी कार्यक्रमों, अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, स्कूलों, पर्यटन और खाद्य उद्योग में भारतीय व्यंजनों को विशेष प्रोत्साहन देने का अनुरोध किया गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में प्रयागराज को वैदिक अध्ययन का केंद्र बनाने की मांग
सम्मेलन में प्रयागराज को वैदिक अध्ययन और संस्कृत शोध का राष्ट्रीय केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही पुरोहितों के कल्याण, संस्कृत और गुरुकुल परंपरा के संरक्षण तथा धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में मिलावट पर कठोर कार्रवाई की मांग
खाद्य पदार्थों में मिलावट को गंभीर समस्या बताते हुए सम्मेलन ने दूध, घी, तेल, मसाले, मिठाई और प्रसाद सहित खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की मांग की। प्रस्ताव में दोषियों के खिलाफ कठोर दंड, लाइसेंस निरस्त करने और ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष त्वरित न्यायालयों की मांग रखी गई।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा
सम्मेलन ने हर नागरिक के लिए रोटी, कपड़ा और मकान की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर और स्वरोजगार के लिए सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। साथ ही रोजगार नहीं मिलने तक बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रस्ताव भी रखा गया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में मंदिरों को सेवा केंद्र बनाने का संकल्प
सम्मेलन में मंदिर, मठ और आश्रमों को केवल पूजा स्थल नहीं बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता के केंद्र के रूप में विकसित करने का आह्वान किया गया। प्रस्ताव में मंदिरों में बाल संस्कार केंद्र, सत्संग, भजन-कीर्तन, धर्म शिक्षा, स्वास्थ्य शिविर, भंडारा और शिक्षा सहायता जैसे सेवा कार्यों को बढ़ावा देने की बात कही गई।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया
सम्मेलन के अंत में उपस्थित लोगों ने सनातन संस्कृति और परंपराओं के सम्मान, सामाजिक भेदभाव समाप्त करने, मंदिरों को सेवा एवं संस्कार का केंद्र बनाने, महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने और देश की एकता-अखंडता तथा संविधान की मर्यादा का पालन करने का सामूहिक संकल्प लिया। संकल्प में अन्य आस्थाओं के सम्मान और अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण मार्ग अपनाने की बात भी शामिल रही।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में नंद गोपाल गुप्ता नंदी समेत कई अतिथि मौजूद
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महापौर गणेश केसरवानी, विधायक हर्ष बाजपेई, विधायक दीपक पटेल, कौशलेन्द्र नाथ सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता टी.पी. सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार मुख्य अतिथि ने सम्मेलन के प्रस्तावों का समर्थन किया।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj में सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में कार्य करने वाले कई लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक कुमार नारायण ने अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और आयोजन के दौरान धार्मिक उद्घोष भी किए गए।
Hindu Swabhiman Sammelan Prayagraj के प्रस्ताव प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे
सम्मेलन के आयोजकों के मुताबिक सभी 18 प्रस्ताव उपस्थित संतों, प्रबुद्धजनों और समाज की सहमति से पारित किए गए हैं। अब इन्हें ज्ञापन के रूप में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को भेजने की बात कही गई है। सम्मेलन ने कहा कि उसका स्वर विरोध का नहीं बल्कि अनुरोध का है और सामाजिक समरसता, सनातन संस्कृति तथा राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों को संवैधानिक मर्यादा में उठाया जाएगा।


