Potash Bomb Hunting के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से वन्यजीवों के अवैध शिकार से जुड़ी बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम ने ओडिशा बॉर्डर से लगे चिखलापानी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर पोटाश बम की मदद से वन्यजीवों का शिकार करने की तैयारी करने का आरोप है।
Potash Bomb Hunting में 13 जिंदा पोटाश बम बरामद
कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपियों के कब्जे से 13 जिंदा पोटाश बम सहित शिकार में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के रिसगांव परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से लगे चिखलापानी इलाके में की गई।
Potash Bomb Hunting के लिए चिखलापानी क्षेत्र में सक्रिय थे आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार एंटी पोचिंग टीम को क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने सीमावर्ती इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा गया और उनके पास से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
Potash Bomb Hunting में जंगली सूअर के शिकार का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपियों पर पोटाश बम का इस्तेमाल कर जंगली सूअर जैसे वन्यजीवों का शिकार करने का आरोप है। पोटाश बम जैसे विस्फोटक का इस्तेमाल वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एंटी पोचिंग टीम लगातार निगरानी और कार्रवाई करती है।
Potash Bomb Hunting मामले में तीसरा आरोपी भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने वाले एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। विस्फोटक बेचने वाले तीसरे आरोपी को भी मामले की कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। वहीं, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
Potash Bomb Hunting पर पुलिस और टाइगर रिजर्व की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस की साइबर टीम और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम ने संयुक्त रूप से काम किया। दोनों टीमों के समन्वय से संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई और इसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से शिकार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जब्त किया गया।
Potash Bomb Hunting रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और धमतरी जिलों में फैला हुआ संरक्षित क्षेत्र है। यहां वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने के लिए एंटी पोचिंग अभियान चलाए जाते हैं। हाल के मामलों में भी टाइगर रिजर्व की टीम ने पुलिस के सहयोग से शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
Potash Bomb Hunting मामले में आगे की जांच जारी
दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 13 जिंदा पोटाश बम की बरामदगी के बाद अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। खास तौर पर विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और इसे वन क्षेत्र में किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाना था, इसे लेकर पूछताछ और जांच की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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