Indore Hospital News: इंदौर के सरकारी अस्पतालों में पानी की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। नगर निगम की लैब में अलग-अलग सरकारी अस्पतालों से लिए गए 15 पानी के सैंपल की जांच की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 सैंपल में Coliform Bacteria और 5 सैंपल में E. coli पाए गए। यह रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से सार्वजनिक की गई है।
Indore Hospital News: नगर निगम की लैब ने 15 सैंपल की जांच की
Indore Hospital News: नगर निगम की लैब की ओर से इंदौर के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों से पानी के सैंपल लिए गए थे। इन सभी 15 सैंपल की जांच के दौरान कई नमूनों में बैक्टीरिया की मौजूदगी सामने आई।
रिपोर्ट के अनुसार, 15 सैंपल में से 6 में Coliform Bacteria और 5 सैंपल में E. coli पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों में पानी की गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हुई है।
Indore Hospital News: एमवाय अस्पताल के बोरवेल पानी में भी मिले बैक्टीरिया
Indore Hospital News: जांच रिपोर्ट के अनुसार एमवाय अस्पताल के बोरवेल से लिए गए पानी के सैंपल में भी Coliform और E. coli पाए गए हैं। रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने बोरवेल के पानी के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के मुताबिक, बोरवेल के पानी का इस्तेमाल अस्पताल में पीने के लिए नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया कि पीने के पानी के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था उपलब्ध है।
Indore Hospital News: पीने के पानी के लिए नर्मदा जल की अलग लाइन
Indore Hospital News: एमवाय अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि अस्पताल में पीने के पानी के लिए नर्मदा जल की अलग लाइन उपलब्ध है। इसके साथ ही RO प्लांट की व्यवस्था भी की गई है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीजों और अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों के लिए पीने के पानी की जरूरत इसी निर्धारित व्यवस्था से पूरी की जाती है। ऐसे में बोरवेल के पानी का इस्तेमाल पीने के लिए नहीं किया जाता।
Indore Hospital News: गार्डन और सफाई के काम में इस्तेमाल होता है पानी
Indore Hospital News: डॉ. अशोक यादव के अनुसार एमवाय अस्पताल के बोरवेल के पानी का इस्तेमाल गार्डन, सफाई और लिनेन से जुड़े कार्यों के लिए किया जाता है। यानी बोरवेल के पानी को पीने के पानी की व्यवस्था से अलग रखा गया है।
जांच रिपोर्ट में बोरवेल के पानी में Coliform और E. coli पाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसी उपयोग को लेकर अपना स्पष्टीकरण दिया है।
Indore Hospital News: RO और चिलर प्लांट की भी व्यवस्था
Indore Hospital News: एमवाय अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में पीने के पानी के लिए RO और चिलर प्लांट की व्यवस्था मौजूद है। इसके अलावा पानी की टंकियों की नियमित सफाई और निगरानी किए जाने की बात भी कही गई है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पीने के पानी की व्यवस्था के लिए अलग स्रोत और शुद्धिकरण की सुविधा उपलब्ध है। वहीं बोरवेल के पानी का उपयोग गैर-पेय कार्यों में किया जाता है।
Indore Hospital News: रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
Indore Hospital News: नगर निगम की जांच रिपोर्ट में अलग-अलग सरकारी अस्पतालों के पानी के सैंपल में Coliform और E. coli पाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है।
एक ओर जांच रिपोर्ट में एमवाय अस्पताल के बोरवेल पानी में भी बैक्टीरिया पाए जाने की बात कही गई है, वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव का कहना है कि यह पानी पीने के लिए इस्तेमाल नहीं होता। पीने के पानी के लिए नर्मदा जल की अलग लाइन, RO और चिलर प्लांट की व्यवस्था होने की जानकारी दी गई है।
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