Rajendra Shukla Rahul Gandhi: भोपाल। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित बालाघाट दौरे को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इतने दिनों बाद बालाघाट आ रहे हैं और विपक्ष के नेता के रूप में उन्हें नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पुरानी परिस्थितियों और वहां रहने वाले लोगों की समस्याओं को लेकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। राजेंद्र शुक्ल ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में राहुल गांधी का बालाघाट दौरा केवल राजनीतिक माइलेज लेने का प्रयास है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता बार-बार भ्रामक बातें कहकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बालाघाट लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में नक्सल समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया गया है।
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे की पुष्टि कांग्रेस की ओर से भी की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचकर हाल में जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे और प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: ‘समस्या के वक्त राहुल गांधी को दिखानी चाहिए थी संवेदनशीलता’
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। ऐसे कठिन दौर में विपक्ष के नेताओं को वहां के लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था। उनके मुताबिक अब जब क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण की स्थिति बनी है और प्रशासनिक पहुंच बढ़ी है, तब राजनीतिक कार्यक्रम करने का कोई अलग उद्देश्य नहीं होना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राहुल गांधी कठिन परिस्थितियों के समय बालाघाट आते और वहां के लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास करते, तो इससे उनकी संवेदनशीलता दिखाई देती। उन्होंने मौजूदा दौरे को राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास के तौर पर बताया।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: सरकार ने नक्सलवाद के साथ विकास पर भी दिया जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस केवल नक्सलवाद पर नियंत्रण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी काम किया गया है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की पहुंच बढ़ाई गई है। टीकाकरण, ORS-जिंक वितरण और अन्य नागरिक सुविधाओं का कवरेज बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। अतिरिक्त CDPO की पदस्थापना के साथ प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं को भी दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाने का दावा किया गया।
राजेंद्र शुक्ल के मुताबिक आज बालाघाट नक्सल प्रभावित अतीत से आगे बढ़ते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मध्य प्रदेश को दिसंबर 2025 में नक्सल मुक्त घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। बालाघाट में अंतिम सक्रिय नक्सली कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य को नक्सल मुक्त बताया था।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने का दावा
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 3,100 से अधिक डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई है।
उन्होंने दावा किया कि इनमें से 2,600 से अधिक डॉक्टरों ने अपने पदभार ग्रहण कर लिए हैं। इससे लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलने की बात कही गई।
राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामान्य तौर पर 25 से 30 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इन केंद्रों पर मुफ्त जांच और दवाइयों के साथ मातृ-शिशु स्वास्थ्य, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और दूसरी सामान्य बीमारियों की जांच एवं उपचार की सुविधा को मजबूत किया जा रहा है।
गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर करने की व्यवस्था भी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सेकेंडरी और टर्शियरी केयर के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करने पर काम कर रही है।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: बालाघाट के 50 गांवों में हालात नियंत्रण में होने का दावा
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के दो ब्लॉकों के 50 गांवों में अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उनके मुताबिक नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद इन दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित रिपोर्टिंग और प्रशासनिक पहुंच संभव हुई है।
उन्होंने कहा कि पहले अंतिम व्यक्ति तक प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भी चुनौतीपूर्ण था। अब प्रशासनिक निगरानी बढ़ने के साथ स्वास्थ्य एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि क्षेत्र में कुपोषण पर नियंत्रण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। उनके अनुसार वर्ष 2003 से पहले जहां संस्थागत प्रसव का स्तर 21 प्रतिशत था, वह अब बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: 14 नए स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकार का फोकस
सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे दो ब्लॉकों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 14 नए स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए जाने की जानकारी राजेंद्र शुक्ल ने दी।
इनमें एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 30-बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवर्तित किया गया है। इसके अलावा 2 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 10 उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार का फोकस दूरस्थ और आदिवासी आबादी तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर बताया गया है, ताकि मरीजों को छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: आंगनवाड़ी और प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर और हर बच्चे तक सरकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन बढ़ाया गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 4 नए CDPO और 52 अतिरिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की पदस्थापना की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की नियमित पहुंच सुनिश्चित करना है।
टीकाकरण, पोषण, स्वास्थ्य जांच और दूसरी बुनियादी सेवाओं को दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक निगरानी को भी मजबूत किए जाने की बात कही गई है।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद कर रहे मॉनिटरिंग
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बालाघाट के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बाद वहां नियमित रिपोर्टिंग और प्रशासनिक पहुंच अधिक प्रभावी तरीके से संभव हो सकी। पहले नक्सलवाद के कारण अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चुनौती थी, लेकिन अब प्रशासन हर घटना की रिपोर्टिंग और निगरानी कर पा रहा है।
सितंबर 2026 में बालाघाट में आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार ने समीक्षा भी की थी। आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव पर जोर दिया था।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: संस्थागत प्रसव 21 प्रतिशत से 92 प्रतिशत होने का दावा
उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2003 से पहले बालाघाट के संबंधित क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का स्तर केवल 21 प्रतिशत था। उनके अनुसार अब यह बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है।
सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार, डॉक्टरों की उपलब्धता, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की पहुंच तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: नक्सल प्रभावित क्षेत्र से विकास की ओर बढ़ने का दावा
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बालाघाट और आसपास के क्षेत्रों के विकास में बड़ी चुनौती रहा। उनके मुताबिक नक्सल गतिविधियों के कारण प्रशासनिक एवं नागरिक सुविधाओं की नियमित पहुंच प्रभावित होती थी।
उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद अब दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार संभव हो रहा है।
दिसंबर 2025 में अंतिम सक्रिय नक्सली कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य को नक्सल मुक्त घोषित किया था। उस समय पुलिस की ओर से भी कहा गया था कि बालाघाट में अब कोई हार्डकोर नक्सली सक्रिय नहीं है।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: बच्चों की मौत के मुद्दे पर गरमाई सियासत
बालाघाट में आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मुद्दा सितंबर 2026 में राजनीतिक बहस का विषय बना। रिपोर्टों के मुताबिक क्षेत्र में 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद विपक्ष ने स्वास्थ्य सुविधाओं, बीमारी, पोषण और साफ पानी को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने भी बच्चों की मौत को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और क्षेत्र में जाने की बात कही थी। अब उनके 1 अक्टूबर के बालाघाट दौरे में प्रभावित गांवों में जाकर मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात करने की जानकारी सामने आई है।
वहीं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक माइलेज लेने का प्रयास बताया है और सरकार की ओर से स्वास्थ्य तथा प्रशासनिक व्यवस्था में किए गए सुधारों को सामने रखा है।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: राहुल गांधी के दौरे के बीच सियासी टकराव तेज
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के साथ ही मध्य प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस प्रभावित आदिवासी परिवारों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ सरकार की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के बाद बढ़ी प्रशासनिक पहुंच का हवाला दिया जा रहा है।
राजेंद्र शुक्ल का कहना है कि मौजूदा समय में बालाघाट के दूरस्थ इलाकों में प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पहले की तुलना में बेहतर हुई है। वहीं राहुल गांधी का दौरा प्रभावित परिवारों से मिलने और क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेने के लिए बताया गया है।
Rajendra Shukla Rahul Gandhi: स्वास्थ्य सेवाओं और राजनीतिक आरोपों के बीच बड़ा सवाल
बालाघाट में मौजूदा विवाद के केंद्र में एक तरफ आदिवासी बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े सवाल हैं, जबकि दूसरी तरफ सरकार नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
ऐसे में राहुल गांधी के दौरे के बाद क्षेत्र के लोगों की समस्याओं, स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति और सरकारी दावों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल सरकार की ओर से डॉक्टरों की पोस्टिंग, नए स्वास्थ्य केंद्रों और अतिरिक्त आंगनवाड़ी कर्मियों की तैनाती का हवाला दिया जा रहा है, जबकि विपक्ष प्रभावित परिवारों की स्थिति और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है।
बालाघाट में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा अभियान और उसके बाद प्रशासनिक पहुंच में बदलाव का दावा अलग मुद्दा है, जबकि हालिया बच्चों की मौत का स्वास्थ्य संकट अलग मुद्दा है। दोनों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।


