BY: Yoganand Shrivastva
One Degree Six Skills उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में तमिलनाडु सरकार नई पहल करने जा रही है। राज्य सरकार जनवरी 2027 से सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों में “वन डिग्री-6 स्किल्स” कार्यक्रम शुरू करेगी। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक डिग्री के साथ रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें इंटर्नशिप और नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस कार्यक्रम के तहत तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रत्येक सेमेस्टर में एक नया कौशल सिखाया जाएगा। इस प्रकार डिग्री पूरी होने तक छात्र छह अलग-अलग व्यावहारिक कौशल हासिल कर सकेंगे।
हर सेमेस्टर में मिलेगा नया कौशल
One Degree Six Skills योजना को तमिलनाडु स्टेट काउंसिल फॉर हायर एजुकेशन (TANSCHE) के सहयोग से तैयार किया गया है। पहले इसे “वन स्किल पर सेमेस्टर” कार्यक्रम के रूप में जाना जाता था, जिसे अब अधिक स्पष्ट रूप से “वन डिग्री-6 स्किल्स” नाम दिया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग ने आर्ट्स और साइंस विद्यार्थियों के लिए 20 व्यावहारिक कौशल पाठ्यक्रमों की सूची तैयार की है। कॉलेज इन पाठ्यक्रमों में से अपने विद्यार्थियों के लिए विकल्प चुन सकेंगे। प्रत्येक कौशल प्रशिक्षण के लिए पूरे सेमेस्टर में 30 से 45 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उद्योगों से जुड़ेंगे कॉलेज
One Degree Six Skills योजना के तहत प्रत्येक सरकारी कॉलेज को कम से कम तीन उद्योगों के साथ समझौता करना होगा। इसका उद्देश्य छात्रों को प्रशिक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि उद्योगों के साथ सीधा जुड़ाव छात्रों को नौकरी बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा।
लिखित परीक्षा नहीं होगी
One Degree Six Skills इस कार्यक्रम में पारंपरिक लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं रखा गया है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन और प्रशिक्षण के दौरान विकसित कौशल के आधार पर किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम मुख्य डिग्री का विकल्प नहीं होगा, बल्कि डिग्री के साथ समानांतर रूप से संचालित किया जाएगा।
रोजगार क्षमता बढ़ाने पर फोकस
One Degree Six Skills विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में केवल डिग्री के बजाय व्यावहारिक कौशल भी रोजगार के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम तैयार किया गया है, ताकि कॉलेज से निकलने वाले छात्र नौकरी बाजार की मांग के अनुरूप बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।


