Yogi UP Rule of Law से बदली प्रदेश की तस्वीर, सुरेश खन्ना ने गिनाए बदलाव
उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान आयोजित ‘फ्रॉम फाइनेंशियल डिसिप्लिन टू ट्रांसपेरेंट सर्विस डिलीवरी’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ को प्रभावी तरीके से लागू किया गया।
सुरेश खन्ना के मुताबिक, कानून-व्यवस्था में सुधार का असर प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक माहौल पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ काम करते हुए कृषि, उद्योग, सर्विस सेक्टर और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में सुधार किए हैं।
Yogi UP Rule of Law के साथ अर्थव्यवस्था में बढ़ी प्रदेश की ताकत
वित्त मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को विकास के मामले में पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन अब प्रदेश देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जीएसडीपी में वृद्धि के साथ कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी विस्तार हुआ है।
उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों और सुधारों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। कृषि क्षेत्र में उत्पादन और खरीद व्यवस्था से लेकर उद्योग और सेवा क्षेत्र में निवेश तक, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार पर सरकार की ओर से जोर दिया गया है।
Yogi UP Rule of Law के तहत वर्षों से अटकी योजनाओं को मिली रफ्तार
सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश में कई ऐसी योजनाएं थीं जो दशकों से आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। सरकार ने ऐसी योजनाओं को दोबारा गति देने का काम किया। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का असर बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है।
वित्त मंत्री के मुताबिक, बुंदेलखंड में कभी पीने के पानी की समस्या गंभीर थी, लेकिन सिंचाई और जल उपलब्धता से जुड़ी सुविधाओं में विस्तार के बाद खेती की स्थिति में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले पानी की कमी के कारण खेती मुश्किल थी, वहां अब किसान तीन फसल तक ले रहे हैं। खन्ना ने इस बदलाव का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को दिया।
Yogi UP Rule of Law से किसानों की आय और बाजार में बढ़ी गतिविधि
वित्त मंत्री ने किसानों की उपज की सरकारी खरीद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खरीद के बाद भुगतान सीधे किसानों तक पहुंचने से उनकी क्रय शक्ति बढ़ी है। इसका असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है।
उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के वितरण को भी सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल बताया। सुरेश खन्ना ने कहा कि पात्र लोगों को सरकारी सहायता के माध्यम से छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
Yogi UP Rule of Law के साथ यूपी में निवेश को मिला विस्तार
सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से बड़े निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में केवल मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि सर्विस और पर्यटन क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ी हैं। वित्तीय प्रबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने गैर-जरूरी खर्चों को नियंत्रित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर ध्यान दिया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से विभागों को बजट का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने और वित्तीय स्वीकृतियों से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
Yogi UP Rule of Law के साथ 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
रोजगार के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक 9.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में योग्यता और क्षमता को आधार बनाया गया है।
सुरेश खन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक लाख और सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोगों से लेकर नए उद्यम शुरू करने वाले युवाओं तक को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आर्थिक गतिविधियों का दायरा और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
Yogi UP Rule of Law के बीच साइबर फ्रॉड से बचाव पर जोर
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराध के प्रति जागरूकता को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लेनदेन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों को यह जानकारी होना आवश्यक है कि साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत कौन से कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी की स्थिति में रकम को वापस हासिल करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी और समय पर कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन, कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सुधारों के जरिए प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
Yogi UP Rule of Law में साइबर फ्रॉड के पहले घंटे को बताया अहम
एसपी साइबर क्राइम राजेश यादव ने कार्यक्रम में साइबर अपराध के बढ़ते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी और नकली अप्रूवल जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करना जरूरी है। साइबर फ्रॉड की स्थिति में समय को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआती एक घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराने पर ठगी की रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ सकती है।
Yogi UP Rule of Law के तहत साइबर अपराध से निपटने की व्यवस्था
राजेश यादव ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराध से निपटने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्था विकसित की गई है। उनके अनुसार, प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था है। लखनऊ में 1930 कॉल सेंटर के साथ साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर भी संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित बैंक के माध्यम से ठगी की रकम को रोकने की कार्रवाई की जाती है। एसपी साइबर क्राइम ने कहा कि साइबर अपराध की कोई निश्चित भौगोलिक सीमा नहीं होती, इसलिए इससे निपटने के लिए पुलिस और बैंकिंग व्यवस्था के साथ समाज के दूसरे वर्गों की भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, यूथ एवं स्पोर्ट्स क्लबों और स्थानीय संगठनों को भी साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
Yogi UP Rule of Law कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में सचिव वित्त संदीप कौर, विशेष सचिव वित्त मनोज कुमार तिवारी, साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक राजेश यादव, एसबीआई नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक राजीव कुमार मिश्रा, नाबार्ड प्रधान कार्यालय मुंबई के मुख्य महाप्रबंधक संजीव डी. रोहिल्ला और केनरा बैंक नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक संदीप सक्सेना समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Read more : SC On Delhi Rape Case : दिल्ली रेप कांड, SC ने लिया स्वत: संज्ञान, सिस्टम की जवाबदेही पर ‘सुप्रीम’ सवाल


