Ujjain Yuva Dharma Sansad: धर्म से नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश,‘हमें अपने धर्म का मर्म समझना होगा’
Ujjain Yuva Dharma Sansad: उज्जैन में आयोजित 3 दिवसीय युवा धर्म संसद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने Gen-Z को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 1700 ‘जेन जी’ प्रतिभागी शामिल हुए। जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत ने समझाया कि ‘धर्म’ मनुष्य के स्वभाव, कर्तव्य और आचरण से जुड़ा है, जो इंसान को बांधता नहीं बल्कि उसका मार्गदर्शन करता है। भागवत ने सेकुलरिज्म पर कहा कि धर्म शब्द का अर्थ पता नहीं, हम अपनी भाषा भूल गए। पाश्चात्य जगत रिलिजन को धर्म समझ बैठा, रिलिजन धर्म नहीं है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि यदि वे धर्म को सही अर्थों में समझना चाहते हैं, तो उन्हें अपने मन से सभी प्रकार के पूर्वाग्रह और पूर्वधारणाएं हटानी होंगी।
Ujjain Yuva Dharma Sansad: धर्म संसद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव में शिरकत की, उन्होंने कहा कि अगर धर्म संसद में युवा बैठा हो तो सीना 56 इंच का हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा धर्म संसद के माध्यम से हमें अपने धर्म का मर्म समझने और इसके वास्तविक उद्देश्य को अंगीकार करने की प्रेरणा मिलती है।उन्होंने युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके दम पर ही देश में रामराज आएगा। उन्होंने युवाओं को सफलता के लिए आत्मविश्वास और स्पष्ट लक्ष्य रखने तथा 21वीं सदी को भारत की बताते हुए प्रेरित किया। कुल मिलाकर अब युवा धर्म संसद में Gen-Z से कनेक्ट है, युवाओं तक पहुंचने की नई रणनीति है। युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने की कवायद, है, और धर्म और युवा संवाद के मंच से नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश। इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले बयान सुन लेते हैं।
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