Tara Coal Block Debate: छत्तीसगढ़ में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी और उससे जुड़ी मंजूरियों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। बघेल का कहना है कि उनकी सरकार ने हसदेव क्षेत्र के 9 कोल ब्लॉक को नीलामी से बाहर रखने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था।
Tara Coal Block Debate: दूसरी ओर भाजपा नेताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस अब जिस तारा कोल ब्लॉक को लेकर सवाल उठा रही है, उसके आवंटन को लेकर भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में केंद्र के सामने मांग रखी गई थी। इसी पुराने रिकॉर्ड को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी बहस चल रही है।
Tara Coal Block Debate: भूपेश बघेल ने CM साय को दिया खुला चैलेंज
Tara Coal Block Debate: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 सितंबर को अंबिकापुर में तारा कोल ब्लॉक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ सार्वजनिक बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष दस्तावेजों और तथ्यों के साथ आमने-सामने बैठकर चर्चा करें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तारा कोल ब्लॉक से जुड़े फैसले किस सरकार के कार्यकाल में और किस स्तर पर लिए गए।
Tara Coal Block Debate: बघेल ने अपनी चुनौती को हाल में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी सार्वजनिक बहस के संदर्भ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि इसी तरह तारा कोल ब्लॉक के मुद्दे पर भी खुली चर्चा होनी चाहिए।
Tara Coal Block Debate: 9 कोल ब्लॉक को नीलामी से बाहर रखने का दावा
Tara Coal Block Debate: भूपेश बघेल का दावा है कि उनकी सरकार ने हसदेव क्षेत्र के 9 कोल ब्लॉक को नीलामी से बाहर रखने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा था। उन्होंने हसदेव क्षेत्र को घने जंगलों और कैचमेंट एरिया वाला इलाका बताते हुए खनन के संभावित पर्यावरणीय और स्थानीय प्रभावों पर सवाल उठाए हैं।
Tara Coal Block Debate: बघेल ने यह भी सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार ने कुछ कोल ब्लॉक को डी-लिस्ट किया था, तो तारा कोल ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ी। उन्होंने मौजूदा सरकार से इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की है।
Tara Coal Block Debate: BJP ने पुराने फैसलों को लेकर उठाए सवाल
Tara Coal Block Debate: कांग्रेस के आरोपों के जवाब में भाजपा नेता सौरभ सिंह की ओर से तारा और हसदेव-अरण्य को लेकर कांग्रेस के पुराने फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं। भाजपा का दावा है कि जून 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय कोयला मंत्री के सामने तारा कोल ब्लॉक को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम यानी CMDC को देने की मांग रखी थी।
Tara Coal Block Debate: भाजपा ने यह भी दावा किया है कि तारा कोल ब्लॉक को लेकर वन स्वीकृति से संबंधित प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। इन दावों के आधार पर भाजपा कांग्रेस से उसके कार्यकाल के फैसलों पर स्पष्टीकरण मांग रही है।
Tara Coal Block Debate: कांग्रेस का कहना- नीलामी पर सरकार दे जवाब
Tara Coal Block Debate: कांग्रेस की ओर से तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर मौजूदा सरकार और केंद्र की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हसदेव-अरण्य क्षेत्र में नई खदानों से जुड़े फैसलों का पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर असर देखा जाना चाहिए। भूपेश बघेल ने भी सरकार से तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर केंद्र से कार्रवाई की मांग की है।
Tara Coal Block Debate: कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का केंद्र बिंदु नीलामी प्रक्रिया और उससे पहले लिए गए प्रशासनिक फैसले हैं। वहीं भाजपा इन सवालों के जवाब में कांग्रेस सरकार के दौरान लिए गए फैसलों और कथित पत्राचार को सामने रख रही है।
Tara Coal Block Debate: CM साय ने चुनौती को बताया गैरजरूरी
Tara Coal Block Debate: तारा कोल ब्लॉक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, साय ने बघेल की खुली बहस की मांग को जरूरी नहीं बताया और कहा कि सरकार की ओर से इस मामले में तथ्य जनता के सामने रखे जा रहे हैं।
Tara Coal Block Debate: इस बीच तारा कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एक ओर बघेल सार्वजनिक बहस के जरिए दस्तावेजों और फैसलों पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा पुराने रिकॉर्ड को लेकर कांग्रेस से सवाल पूछ रही है।
Tara Coal Block Debate: अब नीलामी से जुड़े दस्तावेजों पर नजर
Tara Coal Block Debate: राजनीतिक विवाद के बीच तारा कोल ब्लॉक की नीलामी, वन स्वीकृति, केंद्र और राज्य स्तर पर हुए पत्राचार तथा अलग-अलग समय पर लिए गए फैसले इस पूरे मामले के प्रमुख बिंदु हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में पुराने फैसलों और दस्तावेजों का हवाला दे रहे हैं।
Tara Coal Block Debate: ऐसे में विवाद का अगला अहम पहलू यह होगा कि नीलामी प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों में तारा ब्लॉक के संबंध में क्या-क्या निर्णय दर्ज हैं और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में क्या कदम उठाए गए। फिलहाल मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में है और दोनों पक्ष एक-दूसरे से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।


