भोपाल। MP School Education को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों के आंकड़े जारी किए हैं। सरकार के अनुसार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों और विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का असर अब स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई से जुड़ाव पर दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025-26 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर पहली बार शून्य प्रतिशत दर्ज होने का दावा किया गया है।
सरकार के अनुसार विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़कर रखने के लिए साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप, गणवेश और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा डिजिटल शिक्षा, व्यावसायिक पाठ्यक्रम, पीएमश्री और सांदीपनि विद्यालयों तथा छात्रावासों के डिजिटल प्रबंधन पर भी काम किया जा रहा है।
MP School Education: प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर हुई शून्य
MP School Education के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2002-03 में प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर 15 प्रतिशत थी। इसी अवधि में माध्यमिक स्तर पर यह दर 24.70 प्रतिशत बताई गई थी। सरकार के अनुसार लगातार किए गए प्रयासों के बाद वर्ष 2025-26 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर घटकर 0 प्रतिशत हो गई।
इसी अवधि में माध्यमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर 6.2 प्रतिशत और सेकंडरी स्तर पर 13 प्रतिशत रहने की जानकारी दी गई है। सरकार का कहना है कि बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में बनाए रखने के लिए संचालित योजनाओं और घर-घर संपर्क जैसे अभियानों ने इसमें भूमिका निभाई है।
MP School Education: साइकिल योजना से 1 करोड़ से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित
MP School Education के तहत विद्यार्थियों की स्कूल तक पहुंच आसान बनाने के लिए वर्ष 2004-05 में साइकिल योजना शुरू की गई थी। शुरुआत में शासकीय स्कूलों की कक्षा 6वीं और 9वीं की छात्राओं को इसका लाभ दिया गया था।
सरकार के अनुसार अब तक 1 करोड़ से अधिक विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर अब तक 2,942.63 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।
वहीं मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वर्ष 2022-23 से संचालित है। इसके तहत कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 70 प्रतिशत अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पात्र शासकीय स्कूल विद्यार्थियों को स्कूटी के लिए सहायता दी जाती है।
सरकार के अनुसार योजना शुरू होने से अब तक 23,487 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और करीब 246 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये तक की राशि का प्रावधान बताया गया है।
MP School Education: 6.47 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए मिली राशि
MP School Education में मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी अवसरों के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लैपटॉप योजना भी संचालित की जा रही है। वर्ष 2009-10 से चल रही इस योजना में माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये दिए जाते हैं।
सरकार के मुताबिक अब तक 6 लाख 47 हजार 599 विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि दी जा चुकी है।
इसके साथ ही समेकित छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न छात्रवृत्तियों का लाभ दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 63.72 लाख विद्यार्थियों को 352 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 में 60.59 लाख विद्यार्थियों को 344 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दिए जाने की जानकारी सरकार ने दी है।
MP School Education: 3,367 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा
MP School Education में रोजगार और कौशल विकास को जोड़ने के लिए व्यावसायिक शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम संचालित करने वाले स्कूलों की संख्या बढ़कर 3,367 हो गई है।
सरकार का दावा है कि यह संख्या देश में सबसे अधिक है। वर्ष 2024-25 में 4.06 लाख विद्यार्थियों ने इन पाठ्यक्रमों में नामांकन कराया था, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 5,98,452 हो गई।
पिछले दो वर्षों में 1,010 स्कूलों में एग्रीकल्चर ट्रेड भी शुरू किया गया है। विद्यार्थियों को करियर विकल्पों और रोजगार से जोड़ने के लिए जनवरी 2026 में प्रदेश के सभी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में करियर सप्ताह और करियर मेले आयोजित किए गए।
MP School Education: PM श्री और सांदीपनि स्कूलों पर जोर
MP School Education में आधुनिक सुविधाओं वाले स्कूलों के विस्तार पर भी सरकार का फोकस है। प्रदेश में पहले चरण में 368 सांदीपनि विद्यालयों का संचालन शुरू होने की जानकारी दी गई है। इनमें 274 स्कूल शिक्षा विभाग और 94 जनजातीय विभाग के विद्यालय शामिल हैं।
इसके अलावा प्रदेश में 799 पीएमश्री विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब 4.80 लाख विद्यार्थी नामांकित बताए गए हैं। इन स्कूलों में शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित 21 इंडिकेटर के आधार पर सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों के क्रियान्वयन की बात कही गई है।
सरकार के अनुसार बेहतर अधोसंरचना और शैक्षणिक सुविधाओं के कारण इन विद्यालयों की ओर विद्यार्थियों और अभिभावकों का रुझान बढ़ रहा है।
MP School Education: डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास का विस्तार
MP School Education में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का विस्तार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 तक मिडिल स्कूलों में 4,163 स्मार्ट क्लास स्वीकृत की गई हैं।
प्रदेश के 9,316 हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 8,870 यानी 95 प्रतिशत स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है। इनमें से 7,405 स्मार्ट क्लास कार्यशील बताई गई हैं।
इसी तरह 8,754 यानी 94 प्रतिशत स्कूलों में आईसीटी लैब स्वीकृत हैं, जिनमें 3,706 लैब के कार्यशील होने की जानकारी दी गई है।
MP School Education: गृह संपर्क अभियान से 3 लाख से अधिक बच्चे स्कूल लौटे
MP School Education के तहत स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए गृह संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत शिक्षक घर-घर जाकर सर्वे करते हैं और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान की जाती है।
सरकार के अनुसार अभियान के जरिए अब तक 3 लाख से अधिक बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ा गया है। बच्चों के स्कूल छोड़ने के कारणों को भी दर्ज करने की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरत के अनुसार उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ा जा सके।
जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों के लिए पीएम-जनमन के अंतर्गत 106 छात्रावास और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत 104 छात्रावास स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
MP School Education: ई-हॉस्टल सिस्टम से डिजिटल होगा छात्रावास प्रबंधन
MP School Education के तहत छात्रावासों में प्रवेश और प्रबंधन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ई-हॉस्टल एडमिशन एवं मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। इसमें विद्यार्थियों के रिकॉर्ड, सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने की व्यवस्था है।
इसके अलावा स्टोर, रसोई, उपस्थिति, वित्त और स्वास्थ्य जैसी गतिविधियों के प्रबंधन को भी डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की बात कही गई है। सरकार के अनुसार इससे छात्रावास संचालन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
MP School Education: बोर्ड रिजल्ट और पाठ्यपुस्तक वितरण में बदलाव
MP School Education में परीक्षा परिणामों को लेकर भी सरकार ने आंकड़े साझा किए हैं। वर्ष 2025-26 में हाई स्कूल परीक्षा का परिणाम 73.42 प्रतिशत, जबकि हायर सेकेंडरी परीक्षा का परिणाम 76.01 प्रतिशत रहने की जानकारी दी गई है।
वहीं शासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पहली बार 1 अप्रैल से किताबों का वितरण शुरू किया गया, ताकि विद्यार्थियों को सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई की सामग्री मिल सके।
स्थानीय परीक्षाओं की अंकसूचियां भी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की गई है।
MP School Education: छात्राओं की स्वच्छता और गणवेश योजना
MP School Education में छात्राओं की स्वच्छता और नियमित स्कूल उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए सैनिटरी नैपकिन योजना संचालित है। इसके तहत कक्षा 7वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली छात्राओं को प्रतिवर्ष 300 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है।
सरकार के अनुसार सितंबर 2025 में करीब 19 लाख छात्राओं के खातों में कुल 57 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
वहीं गणवेश योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के करीब 60 लाख विद्यार्थियों को हर वर्ष दो जोड़ी गणवेश के लिए 600 रुपये की राशि दी जा रही है। सरकार के अनुसार इस मद में करीब 360 करोड़ रुपये सालाना खर्च किए जा रहे हैं।
Read more : Pandokhar Dham vs Bageshwar Dham : अखाड़े में संत, दावों की कथा अनंत,एमपी के पर्ची वाले बाबाओं में ठनी


