प्रवीन कुमार की रिपोर्ट..
CGPSC Exam Controversy: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2024 और 2025 की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार और आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूरे मामले की CBI जांच कराने और इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
CGPSC Exam Controversy: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि 2025 की मुख्य परीक्षा में 265 पदों के लिए नियम के मुताबिक 1:3 के अनुपात में 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन 608 अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए। CGPSC की ओर से बताया गया है कि बाकी 187 अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं कर सके।
CGPSC Exam Controversy: 608 और 795 के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
CGPSC Exam Controversy: कांग्रेस का कहना है कि 265 पदों के मुकाबले 795 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था। पार्टी ने 608 उम्मीदवारों के चयन और बाकी 187 अभ्यर्थियों के बाहर होने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उत्तरपुस्तिकाएं सार्वजनिक करने की मांग की है।
CGPSC Exam Controversy: कांग्रेस ने RTI के जरिए प्राप्त उत्तरपुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अंतर का भी मुद्दा उठाया। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि कुछ प्रश्नों के उत्तर समान होने के बावजूद अलग-अलग अभ्यर्थियों को अलग अंक दिए गए। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इनका अंतिम निष्कर्ष जांच या संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा।
CGPSC Exam Controversy: उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
CGPSC Exam Controversy: कांग्रेस ने 2024 की मुख्य परीक्षा की कुछ उत्तरपुस्तिकाओं का उदाहरण देते हुए मूल्यांकन में कथित विसंगतियों का आरोप लगाया। दीपक बैज ने अलग-अलग उम्मीदवारों को समान या मिलते-जुलते उत्तरों पर अलग अंक मिलने का दावा किया।
CGPSC Exam Controversy: कांग्रेस ने मांग की है कि गैर-चयनित अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं, मूल्यांकन के मानदंड और मॉडल उत्तर सार्वजनिक किए जाएं तथा जरूरत पड़ने पर उत्तरपुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराया जाए। कांग्रेस ने इंटरव्यू प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की मांग की है।
CGPSC Exam Controversy: बीजेपी ने कांग्रेस के शासनकाल की परीक्षाओं का मुद्दा उठाया
CGPSC Exam Controversy: कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा परीक्षा को लेकर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुई CGPSC परीक्षाओं से जुड़े आरोपों का जवाब देना चाहिए। बीजेपी ने CGPSC 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के मामलों का हवाला दिया।
CGPSC Exam Controversy: इन पुराने मामलों में जांच पहले से चल रही है। संबंधित मामले में CBI ने जांच संभालने के बाद तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। जनवरी 2026 में मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
CGPSC Exam Controversy: 2020-21 मामले में ED की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
CGPSC Exam Controversy: CGPSC 2020 और 2021 की कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की कार्रवाई ने विवाद को और चर्चा में ला दिया है। ED ने 11 सितंबर 2026 को बलरामपुर-रामानुजगंज के अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोर्घरिया को PMLA के तहत गिरफ्तार किया। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में CMO में OSD के तौर पर भी काम कर चुके थे।
CGPSC Exam Controversy: ED के मुताबिक जांच में कथित तौर पर अभ्यर्थियों से पैसे लेने, प्रश्नपत्र पहले उपलब्ध कराने और चयन में मदद के आश्वासन से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी ने चेतन बोर्घरिया और मामले के अन्य आरोपियों के बीच कथित वित्तीय लेन-देन तथा डिजिटल बातचीत से जुड़े सबूत मिलने की बात कही है। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
CGPSC Exam Controversy: CBI जांच की मांग बनाम ED की मौजूदा जांच
CGPSC Exam Controversy: मौजूदा विवाद में कांग्रेस CGPSC 2024 और 2025 की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर CBI जांच की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी 2020 और 2021 की परीक्षाओं से जुड़े मामलों और ED की कार्रवाई को सामने रख रही है। इस तरह CGPSC का मुद्दा परीक्षा की पारदर्शिता के साथ-साथ दोनों राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।
CGPSC Exam Controversy: फिलहाल 2025 की परीक्षा में 608 उम्मीदवारों के इंटरव्यू पात्र होने को लेकर कांग्रेस के सवाल और CGPSC की ओर से 187 अभ्यर्थियों के न्यूनतम अंकों पर बाहर होने की वजह, दोनों सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा हैं। वहीं 2020-21 से जुड़े मामले में CBI और ED की जांच अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी है।
CGPSC Exam Controversy: अब जांच और आधिकारिक जवाब पर टिकी निगाहें
CGPSC Exam Controversy: CGPSC को लेकर मौजूदा बहस में एक ओर नई परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया और इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों की संख्या पर सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर पुरानी परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक और वित्तीय लेन-देन की जांच चल रही है।
CGPSC Exam Controversy: आने वाले समय में आयोग की ओर से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर दिए जाने वाले स्पष्टीकरण और जांच एजेंसियों की कार्रवाई से अलग-अलग मामलों की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल राजनीतिक आरोपों के बीच उम्मीदवारों और युवाओं की नजर परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और जांच के नतीजों पर बनी हुई है।


