CGPSC Exam Transparency : कोरबा में प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने परीक्षा में पारदर्शिता की कमी, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित असमानता और अभ्यर्थियों को साक्षात्कार से बाहर किए जाने के मुद्दे को उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।पूर्व मंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आयोग से परीक्षा के अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की।
CGPSC Exam Transparency : 2024 की परीक्षा में 187 अभ्यर्थियों को लेकर उठाया सवाल
जयसिंह अग्रवाल ने वर्ष 2024 में हुई पीएससी भर्ती परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि 265 पदों पर भर्ती के लिए नियमानुसार पदों के मुकाबले एक अनुपात तीन के आधार पर 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। उनके अनुसार आयोग की ओर से केवल 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया और 187 अभ्यर्थी प्रक्रिया से बाहर रह गए।पूर्व मंत्री ने इस संख्या को लेकर आयोग से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को प्रक्रिया से बाहर किए जाने के आधार और नियमों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
CGPSC Exam Transparency : न्यूनतम अंक के तर्क पर भी उठाए सवाल
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि आयोग की ओर से यह तर्क दिया गया कि संबंधित अभ्यर्थी न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर सके, इसलिए उन्हें साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। उन्होंने इस दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अभ्यर्थियों के अंक निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम थे तो उनके प्राप्तांक सार्वजनिक किए जाने चाहिए।पूर्व मंत्री ने कहा कि इससे अभ्यर्थियों और आम लोगों के सामने परीक्षा प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने आयोग से मांग की कि सभी संबंधित अभ्यर्थियों के अंकों को सार्वजनिक किया जाए।
CGPSC Exam Transparency : उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में असमानता का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मंत्री ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दो अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक प्रश्न में दोनों अभ्यर्थियों ने समान और सही उत्तर लिखा था, लेकिन इसके बावजूद एक अभ्यर्थी को दो अंक और दूसरे को शून्य अंक दिए गए।उन्होंने कहा कि यदि समान उत्तर के लिए अलग-अलग अंक दिए गए हैं तो मूल्यांकन की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक ऐसे मामलों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि मूल्यांकन किस आधार पर किया गया।
CGPSC Exam Transparency : अलग-अलग विषयों के अंकों में अंतर का भी मुद्दा
जयसिंह अग्रवाल ने माता राजिम, घरेलू हिंसा और बौद्ध धर्म के महानिर्वाण जैसे विषयों से संबंधित प्रश्नों के मूल्यांकन में भी कथित अंतर का दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जिनमें समान या मिलते-जुलते उत्तरों के लिए अलग-अलग अंक दिए जाने की बात सामने आती है।पूर्व मंत्री ने इन दावों के आधार पर परीक्षा की पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
CGPSC Exam Transparency : बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर रोजगार के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से घोषणाएं और विज्ञापन तो लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन युवाओं के रोजगार को लेकर जमीनी स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।उन्होंने कहा कि पीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनकी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।
CGPSC Exam Transparency : निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने सीजीपीएससी परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस की ओर से आंदोलन किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए सभी आरोप पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा लगाए गए हैं। आयोग या संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर दी गई प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
read more : Amitabh Bachchan का अयोध्या में बड़ा प्लान, पिता हरिवंश राय बच्चन की याद में बनेगी खास धर्मशाला


