Hot Tea Coffee Cancer Risk : अगर आपको चाय, कॉफी या सूप बहुत गर्म पीने की आदत है, तो अब इसे लेकर सावधान होने की जरूरत है। एक नई रिसर्च में सामने आया है कि बहुत गर्म पेय पदार्थों का सेवन ग्रासनली (Esophagus) के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हो सकता है। खासतौर पर जो लोग अपने पेय को बेहद गर्म पसंद करते हैं, उनमें यह जोखिम गुनगुने पेय लेने वालों की तुलना में तीन गुना से अधिक पाया गया।रिसर्च में करीब 10 लाख लोगों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इसमें खास तौर पर Esophageal Squamous Cell Carcinoma (ESCC) यानी ग्रासनली के स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के मामलों पर ध्यान दिया गया। यह ग्रासनली के कैंसर का एक प्रमुख और आम प्रकार है।
Hot Tea Coffee Cancer Risk: बहुत गर्म पेय से क्यों बढ़ सकता है खतरा?
ग्रासनली मुंह से भोजन और पेय पदार्थों को पेट तक पहुंचाने वाली मांसपेशीय नली है। जब कोई व्यक्ति बार-बार बहुत गर्म चाय, कॉफी या अन्य पेय पीता है, तो अत्यधिक तापमान से ग्रासनली की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक बार-बार होने वाली यह गर्मी और जलन कोशिकाओं पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि चाय या कॉफी पीने से सीधे कैंसर होता है। रिसर्च में मुख्य रूप से पेय के तापमान और ग्रासनली के कैंसर के जोखिम के बीच संबंध देखा गया है।
Hot Tea Coffee Cancer Risk: करीब 10 लाख लोगों पर हुई रिसर्च
अध्ययन में लगभग 10 लाख लोगों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों से उनके गर्म पेय पीने की आदतों और पसंद किए जाने वाले तापमान के बारे में जानकारी ली गई। शोधकर्ताओं ने लोगों को इस आधार पर अलग-अलग समूहों में देखा कि वे पेय पदार्थों को गुनगुना, गर्म या बहुत गर्म किस तापमान पर लेना पसंद करते हैं।रिसर्च में करीब आधे प्रतिभागियों ने बताया कि वे रोजाना छह या उससे ज्यादा गर्म पेय लेते हैं, जबकि लगभग 15 प्रतिशत लोगों ने अपने पेय को बहुत गर्म पसंद करने की बात कही।
Hot Tea Coffee Cancer Risk: बहुत गर्म चाय-कॉफी वालों में तीन गुना से ज्यादा जोखिम
शोधकर्ताओं के अनुसार, गुनगुने पेय पसंद करने वाले लोगों की तुलना में गर्म पेय पसंद करने वालों में ग्रासनली के स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का जोखिम लगभग दोगुना पाया गया।वहीं, जो लोग बहुत गर्म पेय पीना पसंद करते थे, उनमें यह जोखिम तीन गुना से भी अधिक था। इससे संकेत मिलता है कि सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आप क्या पी रहे हैं, बल्कि पेय कितना गर्म है, यह भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
Hot Tea Coffee Cancer Risk: रोजाना 6 या ज्यादा गर्म ड्रिंक भी चिंता की वजह
रिसर्च में पेय पदार्थों की मात्रा को भी देखा गया। तापमान को ध्यान में रखने के बाद पाया गया कि रोजाना छह या उससे ज्यादा गर्म पेय लेने वाले लोगों में छह से कम गर्म पेय लेने वालों की तुलना में ग्रासनली के स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का जोखिम करीब 71 प्रतिशत अधिक था।इससे यह संकेत मिलता है कि पेय का तापमान और सेवन की मात्रा, दोनों ही संभावित रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
Hot Tea Coffee Cancer Risk: WHO की कैंसर एजेंसी ने भी जताई चिंता
ग्रासनली का कैंसर दुनिया के कई हिस्सों में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कैंसर एजेंसी International Agency for Research on Cancer (IARC) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 में दुनियाभर में ग्रासनली के कैंसर के करीब 6.04 लाख नए मामले सामने आए थे और लगभग 5.44 लाख लोगों की मौत हुई थी।आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि आने वाले वर्षों में इस बीमारी का वैश्विक बोझ और बढ़ सकता है।
Hot Tea Coffee Cancer Risk: चाय-कॉफी छोड़ने की नहीं, तापमान कम करने की जरूरत
अगर आपको चाय या कॉफी पसंद है, तो इस रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि आपको इन्हें पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बहुत गर्म पेय पीने से बचें और उन्हें थोड़ा ठंडा या गुनगुना होने के बाद ही पिएं।खासकर ऐसी चाय या कॉफी जिसे पीते समय मुंह या जीभ में जलन महसूस हो, उसे तुरंत पीने से बचना बेहतर है। लंबे समय तक बेहद गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की आदत को बदलना ग्रासनली को अत्यधिक गर्मी से बचाने में मदद कर सकता है।
read more : Hindi Diwas 2026 : ‘सरल हिंदी और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत होगा सुशासन’, झारखंड में हिंदी दिवस पर बोले सचिव प्रवीण टोप्पो


