Vidisha Health Center: विदिशा। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था का एक और मामला सामने आया है। ग्राम अहमदपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में रविवार रात करीब 8:30 बजे प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला को उसके परिजन एंबुलेंस से लेकर पहुंचे, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। परिजनों के मुताबिक, मौके पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद नहीं था।
हालात ऐसे बने कि स्वास्थ्य केंद्र के गेट के बाहर ही महिला ने एक बच्ची को जन्म दे दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
Vidisha Health Center: प्रसव पीड़ा के बाद अहमदपुर पहुंची महिला
जानकारी के अनुसार, ग्राम सतपाड़ा निवासी भारती को रविवार रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद परिजन उसे एंबुलेंस की मदद से अहमदपुर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों को उम्मीद थी कि स्वास्थ्य केंद्र में महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल जाएगी।
लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। परिजनों का कहना है कि काफी प्रयास के बाद भी तत्काल अस्पताल के अंदर प्रवेश नहीं मिल सका।
Vidisha Health Center: गेट पर ही शुरू हो गया प्रसव
परिजनों के अनुसार, जब स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लोग एकत्रित हुए, तब गेट खोला गया। लेकिन प्रसव के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। इसी दौरान महिला ने स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ही एक बच्ची को जन्म दे दिया।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर रात के समय प्रसव जैसी आपात स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है।
Vidisha Health Center: 181 पर शिकायत के बाद जिला अस्पताल भेजे गए जच्चा-बच्चा
घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा 181 पर शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से प्रसूता और नवजात बच्ची को आगे के उपचार के लिए विदिशा जिला अस्पताल भेजा गया।
परिवार के लिए राहत की बात यह रही कि प्रसव के बाद मां और नवजात को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अहमदपुर स्वास्थ्य केंद्र में जिस तरह की स्थिति सामने आई, उसने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Vidisha Health Center: ग्रामीणों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था पर उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि अहमदपुर में स्वास्थ्य केंद्र का भवन तो मौजूद है, लेकिन वहां नियमित रूप से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता नहीं रहती। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की व्यवस्था भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
ग्रामीणों के मुताबिक, अगर रात के समय किसी गर्भवती महिला को आपात स्थिति में अस्पताल लाया जाता है तो तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ की मौजूदगी को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
Vidisha Health Center: स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
अहमदपुर की यह घटना सामने आने के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके नजदीक प्राथमिक और जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
ऐसे में यदि प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद भी तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिलती और उसे गेट पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ता है, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की अनुपस्थिति के आरोपों तथा पूरे घटनाक्रम पर संबंधित स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।


