Forest Martyr Day: मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व परिसर में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के दौरान शहीद हुए स्वर्गीय लखन सिंह मरावी के आश्रित परिवार को ‘कान्हा परिवार’ की ओर से 1 लाख 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। इस दौरान वन शहीद के परिवार के प्रति विभाग की संवेदनशीलता और सम्मान व्यक्त किया गया।
Forest Martyr Day: भोपाल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भी स्वर्गीय लखन सिंह मरावी के आश्रित परिवार को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया और अनुग्रह राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वनकर्मियों के परिवार विभाग के सम्मान और सहयोग के केंद्र में हमेशा रहेंगे।
Forest Martyr Day: वन शहीदों के बलिदान को किया गया याद
Forest Martyr Day: राष्ट्रीय वन शहीद दिवस वन विभाग के उन जांबाज कर्मियों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने वन संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। वन क्षेत्रों में गश्ती, अवैध शिकार और वन अपराधों की रोकथाम, वनाग्नि से सुरक्षा तथा मानव-वन्यजीव द्वंद्व जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में वन अमला लगातार जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता है।
Forest Martyr Day: कान्हा टाइगर रिजर्व के वन शहीदों का बलिदान इस बात का संदेश देता है कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल एक शासकीय दायित्व नहीं है, बल्कि प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के संरक्षण का संकल्प भी है। वनकर्मियों के त्याग, साहस और समर्पण को सम्मान के साथ याद किया गया।
Forest Martyr Day: विभाग की ओर से वन शहीद के आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान कर यह भी दर्शाया गया कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान जान गंवाने वाले वनकर्मियों के परिवारों के प्रति विभाग अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को प्राथमिकता देता है।
Forest Martyr Day: कान्हा टाइगर रिजर्व में अब तक 7 वन शहीद
Forest Martyr Day: जानकारी के अनुसार कान्हा टाइगर रिजर्व में अब तक कुल 7 वन शहीदों ने वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा तथा विभागीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया है। इन वनकर्मियों का योगदान कान्हा के जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण रहा है।
Forest Martyr Day: वन विभाग के अधिकारियों ने वन शहीदों के त्याग को याद करते हुए कहा कि जंगलों की सुरक्षा के लिए दिन-रात कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले वनकर्मियों का योगदान समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनके बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की प्रेरणा मिलती है।
Forest Martyr Day: इस अवसर पर वन शहीद परिवार के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना दोहराई गई। कार्यक्रम में कान्हा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रकाश कुमार वर्मा ने भी वन शहीदों के योगदान और विभाग की जिम्मेदारियों को लेकर अपनी बात रखी।
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