Khade Hanuman Temple Ujjain : उज्जैन, मध्यप्रदेश। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण के बीच उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद अब प्रतिमा को लेकर प्रशासन और मंदिर के पुजारी के दावों में अंतर सामने आया है।
मंदिर के पुजारी महेश बैरागी का दावा है कि प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाने के प्रयास के लिए मौके पर पहुंची थी, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा को हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए IIT इंदौर की विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।
Khade Hanuman Temple Ujjain : सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आया खड़े हनुमान मंदिर
उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को करीब 15 मीटर चौड़ा करने का काम चल रहा है। इसी सड़क चौड़ीकरण के दायरे में खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा भी आ रहा था।
मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां स्थापित खड़े हनुमान की प्रतिमा को कई श्रद्धालु ‘डॉक्टर हनुमान’ के नाम से भी पुकारते हैं। मान्यता है कि मंदिर में पूजा-अर्चना करने से बीमार लोगों और बच्चों से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Khade Hanuman Temple Ujjain : प्रतिमा हटाने को लेकर आमने-सामने प्रशासन और पुजारी
मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं की ओर से दावा किया गया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर के ढांचे को हटाने के दौरान प्रतिमा को भी स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया था। हालांकि प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली।
प्रतिमा को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते श्रद्धालुओं ने विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की। दूसरी ओर प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई किए जाने के दावे से इनकार किया है।
यही विरोधाभास अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि जब प्रशासन प्रतिमा हटाने की कार्रवाई से इनकार कर रहा है, तो मंदिर का ढांचा हटने के बाद प्रतिमा टेंट के नीचे कैसे पहुंची।
Khade Hanuman Temple Ujjain : IIT इंदौर की टीम ने की प्रतिमा की जांच
प्रतिमा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए IIT इंदौर की विशेषज्ञ टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने करीब दो घंटे तक विशेष उपकरणों की मदद से प्रतिमा की गहराई और उसके आसपास की जमीन की स्थिति की जांच की।
अब विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा जमीन के भीतर कितनी गहराई तक स्थापित है और उसे सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं।
Khade Hanuman Temple Ujjain : मंदिर का ढांचा हटने के बाद टेंट में विराजित हैं हनुमान
मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद प्रतिमा के ऊपर सुरक्षा के लिए केनोपी यानी टेंट लगाया गया है। श्रद्धालु इस स्थिति को भी आस्था से जोड़कर देख रहे हैं।
कुछ श्रद्धालु प्रतिमा के नहीं हिलने को भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग मौजूदा स्थिति की तुलना भगवान राम के टेंट में रहने की घटना से कर रहे हैं। हालांकि इन धार्मिक मान्यताओं और दावों का कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक निष्कर्ष इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है।
Khade Hanuman Temple Ujjain : पुजारी ने उठाए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
खड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी महेश बैरागी का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से मंदिर हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो मंदिर का ढांचा हटाया कैसे गया और प्रतिमा टेंट के नीचे कैसे पहुंची।
पुजारी ने दावा किया कि प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाने के प्रयास के लिए मौके पर पहुंची थी। प्रतिमा के अपनी जगह से नहीं हिलने के बाद मामले को लेकर श्रद्धालुओं में भी चर्चा तेज हो गई।
Khade Hanuman Temple Ujjain : एसडीएम ने प्रतिमा हटाने की कार्रवाई से किया इनकार
उज्जैन एसडीएम लक्ष्मी नारायण गर्ग ने पुजारी के दावों का खंडन किया है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से प्रतिमा या मंदिर को हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
एसडीएम के मुताबिक आगे की प्रक्रिया में साधु-संतों, सनातन समाज, हिंदू संगठनों और धार्मिक लोगों के साथ समन्वय बनाकर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का रुख है कि मामले को संवेदनशीलता और आपसी समन्वय के साथ सुलझाया जाए।
Khade Hanuman Temple Ujjain : IIT की रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला
नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक मंदिर के पुजारी के आग्रह पर IIT इंदौर की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और संभावित तारीख को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
इससे साफ है कि फिलहाल प्रतिमा को लेकर अंतिम निर्णय विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।
Khade Hanuman Temple Ujjain : सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है पूरा मामला
खड़े हनुमान मंदिर से जुड़ा यह मामला पिछले करीब दस दिनों से सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। मंदिर, प्रतिमा और सड़क चौड़ीकरण से जुड़े कई वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
अब सभी की नजर IIT इंदौर की विशेषज्ञ रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट से यह पता चलने की उम्मीद है कि प्रतिमा की वास्तविक स्थिति क्या है और उसे स्थानांतरित करना तकनीकी रूप से कितना सुरक्षित होगा।
Khade Hanuman Temple Ujjain : आस्था और विकास के बीच संतुलन की चुनौती
खड़े हनुमान मंदिर का मामला फिलहाल धार्मिक आस्था, पुरातात्विक एवं धार्मिक विरासत और शहर के विकास के लिए किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण के बीच संतुलन का विषय बन गया है।
एक तरफ प्रशासन सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहता है, वहीं श्रद्धालु प्रतिमा की धार्मिक आस्था और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की रिपोर्ट और सभी पक्षों से चर्चा के बाद लिया जाने वाला निर्णय इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।


