Hasdeo Tara Coal Block Controversy :भूपेश के ‘अडानीगढ़’ बयान पर बीजेपी का पलटवार,2011 के फैसले की फाइल से कांग्रेस को घेरा
Hasdeo Tara Coal Block Controversy :छत्तीसगढ़ में हसदेव और तारा कोल ब्लॉक का मुद्दा एक बार फिर सियासी संग्राम का केंद्र बन गया है। तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है, तो बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के पुराने फैसलों की फाइल खोल दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तारा कोल ब्लॉक को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और छत्तीसगढ़ को ‘अडानीगढ़’ बनाने का आरोप लगाया। जवाब में बीजेपी ने 2011 के फैसले का हवाला देते हुए पूछा है कि जिस खनन प्रक्रिया की नींव कांग्रेस शासनकाल में पड़ी, उस पर अब सवाल क्यों ? हसदेव के जंगल, कोल ब्लॉक और सियासत की इस पूरी लड़ाई पर देखिए ये रिपोर्ट ।हसदेव का मुद्दा छत्तीसगढ़ की सियासत में पुराना है… लेकिन तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के बाद एक बार फिर इस पर सियासी तपिश बढ़ गई है। कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए तारा कोल ब्लॉक के पर्यावरणीय असर पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि तारा कोल ब्लॉक के जरिए हसदेव अरण्य में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का रास्ता खुल सकता है। बघेल ने इसे छत्तीसगढ़ को ‘अडानीगढ़’ बनाने की दिशा में बढ़ता कदम बताया और हसदेव बांगो बांध पर भी संभावित खतरे की बात कही।
Hasdeo Tara Coal Block Controversy :कांग्रेस के इस हमले के बाद बीजेपी ने भी पलटवार किया। बीजेपी सांसद और प्रदेश प्रवक्ता संतोष पांडे ने 23 जून 2011 के तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश के आदेश का हवाला दिया। बीजेपी का दावा है कि वन सलाहकार समिति ने तारा, परसा ईस्ट और कांते बासन कोल ब्लॉक के प्रस्तावों पर आपत्ति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद तत्कालीन केंद्र सरकार ने मंजूरी दी। बीजेपी का सवाल है कि जब इस प्रक्रिया की शुरुआत कांग्रेस शासनकाल के फैसलों से हुई, तो आज कांग्रेस बीजेपी सरकार को कठघरे में कैसे खड़ा कर रही है ? बीजेपी ने भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते दिए गए पुराने बयानों का भी हवाला दिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आरोप लगाया कि जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और वहां बिजली भेजने की जरूरत थी, तब हसदेव में खनन को लेकर कांग्रेस का रुख अलग था। भूपेश बघेल फिर वही बात कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर भी जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार बस्तर से सरगुजा तक जल, जंगल और जमीन को उद्योगपतियों के हाथों सौंपने का काम कर रही है। बड़े इलाके को उजाड़कर बोधघाट डेम बनाने का काम हो रहा है… बड़ी संख्या में कोल और आयरन को उद्योगपतियों को सौंपा जा रहा है… कांग्रेस जल, जंगल, जमीन की लड़ाई लड़ेगी।
Hasdeo Tara Coal Block Controversy :यानी तारा कोल ब्लॉक की नीलामी ने हसदेव की पुरानी बहस को फिर हवा दे दी है। कांग्रेस पर्यावरण और जंगलों की चिंता को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है…तो बीजेपी कांग्रेस के पुराने फैसलों को सामने रखकर जवाब दे रही है। सियासत में आरोप और पलटवार जारी हैं… लेकिन असली सवाल अब भी वही है हसदेव के जंगल, पर्यावरण और खनन के बीच संतुलन कैसे बनेगा ? तारा कोल ब्लॉक पर शुरू हुई ये सियासी जंग आगे क्या रुख लेती है… और क्या आरोपों के बीच कोई ठोस समाधान सामने आता है… इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।


