TET Exam Protest Indore : शिक्षक दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के इंदौर में बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी ही परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में सड़क पर उतर आए। राजवाड़ा स्थित मां अहिल्या की प्रतिमा के नीचे अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे अध्यापकों से अब दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास करने की अपेक्षा करना उचित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पुराने शिक्षकों को इस परीक्षा से स्थायी छूट देने की मांग की।

TET Exam Protest Indore : शिक्षक दिवस पर क्यों हुआ प्रदर्शन?
शिक्षक दिवस जहां शिक्षकों के सम्मान का अवसर होता है, वहीं इंदौर में इसी दिन शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। राजवाड़ा पर एकत्र हुए शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर धरना दिया और TET परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांग किसी नई सुविधा की नहीं, बल्कि लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे शिक्षकों को राहत देने की है।
TET Exam Protest Indore : 30 से 40 साल की सेवा का दिया हवाला
शिक्षकों का कहना है कि कई अध्यापक करीब 30 से 40 वर्षों से लगातार बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। इतने लंबे अनुभव और सेवा के बाद उनसे दोबारा पात्रता परीक्षा लेने का निर्णय उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
शिक्षकों ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने दशकों तक विद्यार्थियों को पढ़ाया और शिक्षा व्यवस्था में योगदान दिया, उनकी योग्यता पर अब परीक्षा के माध्यम से सवाल उठाना कितना उचित है।
23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट की मांग
प्रदर्शनकारी शिक्षकों की प्रमुख मांग 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से स्थायी छूट देने की है। शिक्षकों का कहना है कि इस तारीख से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों को उनकी लंबी सेवा और नियुक्ति की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की अनिवार्यता से बाहर रखा जाना चाहिए।
संयुक्त मोर्चे ने सरकार से इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की भी मांग की है, ताकि शिक्षकों को स्थायी राहत मिल सके।
TET Exam Protest Indore: काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
इंदौर के राजवाड़ा में प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षक दिवस उनके लिए सम्मान का दिन है, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में उन्हें अपनी मांगों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
धरने के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की।
शिक्षकों ने कहा- परीक्षा नहीं, न्याय चाहिए
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी परीक्षा या शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की परिस्थितियों को देखते हुए उनके लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए।
शिक्षकों ने संदेश दिया कि उन्हें परीक्षा नहीं बल्कि न्याय चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षक सम्मान के साथ-साथ उनके रोजगार और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सरकार से केंद्र को प्रस्ताव भेजने की अपील
अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करने के संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।
शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार उनकी मांग को गंभीरता से लेकर उचित स्तर पर पहल करे, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे अध्यापकों को राहत मिल सके।
TET Exam Protest Indore: आंदोलन आगे बढ़ने के संकेत
इंदौर में शिक्षक दिवस पर हुए इस प्रदर्शन के बाद शिक्षकों की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
शिक्षकों का कहना है कि दशकों की सेवा के बाद उनके सामने नई परीक्षा की अनिवार्यता खड़ी करना उचित नहीं है। अब उनकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई और इस मुद्दे पर होने वाले निर्णय पर है।
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