रिपोर्टर : सुनील सोनकर
MPG College Provincialisation : मसूरी के एमपीजी कॉलेज के प्रांतीयकरण को लेकर नगर पालिका परिषद मसूरी के प्रस्ताव को चुनौती देने की कोशिश को उत्तराखंड हाईकोर्ट से झटका लगा है। MPG College Provincialisation से जुड़े मामले में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नगर पालिका परिषद के उस प्रस्ताव को राहत मिली है, जिसके माध्यम से कॉलेज के प्रांतीयकरण की दिशा में पहल की गई थी। हालांकि, अदालत के फैसले के बावजूद कॉलेज का प्रांतीयकरण अभी पूरा नहीं हुआ है और आगे की प्रक्रिया शासन स्तर पर तय होगी।

MPG College Provincialisation: लोकस स्टैंडी नहीं होने पर याचिका खारिज
नगर पालिका परिषद मसूरी के अनुसार, अनुज गुप्ता बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य मामले में दायर रिट याचिका के माध्यम से एमपीजी कॉलेज के प्रांतीयकरण के लिए पालिका बोर्ड की ओर से पारित प्रस्ताव को चुनौती दी गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष स्वीकार किया कि उनके पक्षकार के पास इस प्रस्ताव को चुनौती देने का वैधानिक अधिकार, यानी लोकस स्टैंडी, नहीं है।
इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से मामले को आगे न बढ़ाने की बात कही गई। इस पर हाईकोर्ट ने दो सितंबर को याचिका को खारिज करते हुए मामले से जुड़े लंबित प्रार्थना पत्रों का भी निस्तारण कर दिया।
MPG College Provincialisation : नगर पालिका के प्रस्ताव को हाईकोर्ट के फैसले से राहत
हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद नगर पालिका परिषद मसूरी के उस प्रस्ताव को फिलहाल राहत मिली है, जिसमें एमपीजी कॉलेज के प्रांतीयकरण की दिशा में कदम बढ़ाने की पहल की गई थी।
पालिका का मानना है कि कॉलेज के प्रांतीयकरण से शैक्षणिक संस्थान को बेहतर संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों के हित में कॉलेज को अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नगर पालिका परिषद की ओर से कॉलेज के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया था।
MPG College Provincialisation : विद्यार्थियों के हित में की गई प्रांतीयकरण की पहल
मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि एमपीजी कॉलेज के भविष्य और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रांतीयकरण की पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के माध्यम से कॉलेज को भविष्य में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है।
मीरा सकलानी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी हितों के कारण प्रांतीयकरण की प्रक्रिया में अड़चन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद पालिका के प्रस्ताव को राहत मिली है।
MPG College Provincialisation : अभी पूरा नहीं हुआ एमपीजी कॉलेज का प्रांतीयकरण
हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने का यह अर्थ नहीं है कि एमपीजी कॉलेज का प्रांतीयकरण पूरी तरह संपन्न हो गया है।
अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से मामले को आगे न बढ़ाने के अनुरोध के बाद याचिका को खारिज किया है। कॉलेज के प्रांतीयकरण से जुड़ी वास्तविक प्रशासनिक और सरकारी प्रक्रिया अब शासन स्तर पर आगे बढ़ेगी।
अब सभी की नजर राज्य सरकार और संबंधित विभागों के अगले निर्णय पर रहेगी। शासन की ओर से प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिए जाने के बाद ही एमपीजी कॉलेज के प्रांतीयकरण की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


