Sleep and Hypertension: आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, काम करना और बदलती लाइफस्टाइल के कारण लोगों की नींद का पैटर्न तेजी से प्रभावित हो रहा है। कई लोग रोजाना सिर्फ 5 से 6 घंटे सोकर अपनी नींद पूरी मान लेते हैं। हालांकि, लंबे समय तक पर्याप्त नींद नहीं लेने का असर सिर्फ थकान, सुस्ती और चिड़चिड़ापन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह ब्लड प्रेशर पर भी असर डाल सकता है।इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमेय अमोनकर के मुताबिक, लगातार कम नींद लेने से शरीर के तनाव और नर्वस सिस्टम से जुड़े तंत्र प्रभावित हो सकते हैं। इसका सीधा असर हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर पर पड़ने की आशंका रहती है।
Sleep and Hypertension: नींद के दौरान शरीर को मिलता है आराम
जब व्यक्ति गहरी नींद में जाता है तो शरीर आराम और रिकवरी की स्थिति में पहुंचता है। इस दौरान दिमाग की सक्रियता कम होती है, दिल की धड़कन अपेक्षाकृत धीमी होती है और रक्त वाहिकाओं को भी आराम मिलता है।इस प्रक्रिया के कारण शरीर पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और ब्लड प्रेशर में स्वाभाविक रूप से गिरावट देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि अच्छी और पर्याप्त नींद को हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
Sleep and Hypertension: नींद पूरी न होने पर क्यों बढ़ सकता है बीपी
रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेने पर शरीर पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता। ऐसे में शरीर का स्ट्रेस रिस्पॉन्स लगातार सक्रिय रह सकता है। तनाव से जुड़े हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ने के साथ हार्ट रेट भी सामान्य से अधिक रह सकता है।इसके अलावा सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम के लगातार सक्रिय रहने से रक्तचाप पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। यदि लंबे समय तक ऐसा बना रहे तो हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन का जोखिम बढ़ने की संभावना रहती है।
Sleep and Hypertension: रोज 6 घंटे से कम सोना हो सकता है नुकसानदायक
डॉ. अमेय अमोनकर के अनुसार, नियमित तौर पर 6 घंटे से कम नींद लेने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ सकता है। उनके मुताबिक कुछ मामलों में यह जोखिम 30 से 40 प्रतिशत तक बताया जाता है।कम नींद का असर केवल ब्लड प्रेशर तक सीमित नहीं रह सकता। पर्याप्त आराम न मिलने पर शरीर का नर्वस सिस्टम तनाव की स्थिति में बना रह सकता है, जिससे अगली सुबह भी ब्लड प्रेशर सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना हो सकती है।
Sleep and Hypertension: सिर्फ डाइट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं
हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए खान-पान और शारीरिक गतिविधियों के साथ नींद पर ध्यान देना भी जरूरी है। यदि व्यक्ति लगातार नींद पूरी नहीं करता है तो केवल डाइट में बदलाव से सभी जोखिमों को खत्म नहीं किया जा सकता।पहले से ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोगों के लिए नींद की गुणवत्ता और नियमितता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। दवाओं से जुड़े किसी भी बदलाव का फैसला डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
Sleep and Hypertension: अच्छी नींद से हार्ट को मिल सकता है फायदा
पर्याप्त नींद शरीर को रिकवरी का मौका देती है। इससे तनाव कम करने, हार्ट रेट को सामान्य रखने और रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने में मदद मिल सकती है। इन सभी प्रक्रियाओं का ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।इसलिए देर रात तक जागने की आदत को कम करना और नियमित नींद का शेड्यूल बनाए रखना हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञ की सलाह के मुताबिक वयस्कों को अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लेने पर ध्यान देना चाहिए।
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