रिपोर्ट: अजीत कुमार ठाकुर
Kosi River Erosion Supaul : सुपौल में कोसी नदी एक बार फिर रौद्र रूप दिखा रही है। घूरन पंचायत के वार्ड नंबर 6 में नदी का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है। कटाव की चपेट में आकर कई घर नदी में समा चुके हैं, जबकि दर्जनों मकानों पर अब भी खतरा मंडरा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि ग्रामीण अपने वर्षों की मेहनत से बनाए पक्के मकानों को खुद तोड़कर ईंट और सरिया निकालने को मजबूर हैं।

Kosi River Erosion Supaul : कोसी नदी तेजी से बढ़ रही आबादी की ओर
Kosi River Erosion Supaul के चलते घूरन पंचायत के वार्ड नंबर 6 में ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। नदी का कटाव धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रहा है। कई घर कटाव की चपेट में आकर नदी में समा चुके हैं और कई अन्य मकान भी खतरे की जद में हैं।
ग्रामीणों के सामने अब अपने घर और जमीन को बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में कई और परिवार बेघर हो सकते हैं।
Kosi River Erosion Supaul : घर नदी में समाने से पहले खुद तोड़ रहे ग्रामीण
कटाव की भयावह स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नदी किनारे बने पक्के मकानों को उनके मालिक खुद तोड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब घर के किसी भी समय नदी में समा जाने का खतरा बना हुआ है, तो उससे पहले मकान तोड़कर कम से कम ईंट और सरिया बचा लेना बेहतर है।
वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी से बनाए गए मकानों को अपनी आंखों के सामने टूटता देखकर ग्रामीण बेहद परेशान हैं। कई परिवारों के सामने अब यह सवाल खड़ा है कि घर और जमीन गंवाने के बाद वे कहां जाएंगे।
Kosi River Erosion Supaul : ग्रामीण बोले- मजबूरी में तोड़ रहे अपना आशियाना
एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा कि कोसी का कटाव लगातार बढ़ रहा है और घर किसी भी समय नदी में जा सकता है। ऐसी स्थिति में मजबूरी के कारण मकान तोड़कर उसमें लगी ईंट और सरिया निकाल रहे हैं, ताकि कम से कम कुछ सामान बचाया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल उन्हें कोसी के कटाव का दंश झेलना पड़ता है। खेत और घर धीरे-धीरे नदी में समाते जा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
Kosi River Erosion Supaul : कटाव पीड़ितों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन
Kosi River Erosion Supaul को लेकर स्थानीय नेताओं और कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी मिन्नत रहमानी के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शन के जरिए कटाव पीड़ित परिवारों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा गया।
धरना समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कोसी नदी के कटाव का स्थायी समाधान कराने और प्रभावित परिवारों के घरों को बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
Kosi River Erosion Supaul : सुरक्षित जमीन देकर पुनर्वास की मांग
कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी मिन्नत रहमानी ने कहा कि गरीब परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई से घर बनाए हैं। प्रशासन को कोसी के कटाव का स्थायी समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार का घर बचाना संभव नहीं है तो प्रभावित लोगों को कम से कम पांच डिसमिल जमीन देकर सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए।
उन्होंने प्रशासन से कटाव प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और पुनर्वास की व्यवस्था करने की भी मांग की।
Kosi River Erosion Supaul : तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कई और घर और खेत कोसी नदी में समा सकते हैं।
इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। बड़ा सवाल यही है कि कोसी के कटाव से बेघर होने की कगार पर पहुंचे इन परिवारों को स्थायी राहत कब तक मिल पाती है।
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