Pankaj Upadhyay Hunger Strike : छठे दिन भी आमरण अनशन पर डटे विधायक पंकज उपाध्याय
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। लगातार छह दिनों से भोजन त्यागकर आंदोलन कर रहे विधायक की स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट बताई गई है। चिकित्सकीय जांच में उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कम पाया गया है। इसके अलावा उनके वजन में करीब चार किलोग्राम की कमी होने की जानकारी सामने आई है।स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बावजूद विधायक पंकज उपाध्याय अपनी मांग पर कायम हैं। उनके समर्थन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से किसान, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता अनशन स्थल पर पहुंच रहे हैं। आंदोलन स्थल पर समर्थकों की भीड़ बढ़ने के साथ प्रशासन पर भी जल्द पहल करने का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : छह दिन बाद भी शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे
आंदोलनकारियों का कहना है कि छह दिन बीत जाने के बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी अनशन स्थल पर बातचीत के लिए नहीं पहुंचा है। विधायक और उनके समर्थक कैलारस शक्कर कारखाने से जुड़े मुद्दे पर सरकार से ठोस पहल की मांग कर रहे हैं।आंदोलनकारियों का कहना है कि लगातार बिगड़ रही विधायक की तबीयत को देखते हुए प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : 21 अगस्त को अनशन में शामिल होंगे जीतू पटवारी
विधायक पंकज उपाध्याय के आंदोलन को अब प्रदेश कांग्रेस का भी समर्थन मिलने जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी 21 अगस्त को अनशन स्थल पर पहुंचेंगे। वह विधायक से मुलाकात कर उनकी मांगों और आंदोलन की जानकारी लेंगे तथा अनशन को अपना समर्थन देंगे।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शक्कर कारखाने से जुड़ा मुद्दा किसानों, रोजगार और पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार को किसानों और क्षेत्र की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : विधायक बोले- आंदोलन गांधीवादी, अभद्र भाषा का इस्तेमाल न करें
आंदोलन के दौरान विधायक पंकज उपाध्याय ने समर्थकों से संयम और मर्यादा बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सत्ता पक्ष के नेताओं के खिलाफ अपशब्दों और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन ऐसे लोग आंदोलन के हितैषी नहीं हैं।उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गांधीवादी तरीके से चल रहा है और किसी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र या जातिगत टिप्पणी करना आंदोलन का उद्देश्य नहीं है। विधायक ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।उन्होंने समर्थकों से अपील की कि यदि वे आंदोलन का समर्थन करना चाहते हैं तो मर्यादित भाषा में अपनी बात रखें और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएं।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : बैजनाथ कुशवाह ने 22 अगस्त को सबलगढ़ बंद का किया आह्वान
अनशन स्थल पर पहुंचे बैजनाथ कुशवाह ने कैलारस शक्कर कारखाने के पुराने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि कारखाने के संचालन के समय मुरैना जिले में आर्थिक गतिविधियां काफी मजबूत थीं और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता था।उन्होंने विधायक पंकज उपाध्याय के आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर विधायक आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने सबलगढ़ क्षेत्र के लोगों से 22 अगस्त को बाजार बंद रखने का आह्वान किया।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : गन्ना उत्पादक समिति ने सरकार की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
गन्ना उत्पादक प्रोत्साहन समिति के संयोजक एलएन त्यागी ने कारखाने से जुड़े सरकारी फैसलों और रिपोर्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसी रिपोर्ट के आधार पर कारखाने को एमएसएमई को हस्तांतरित किया, जिसमें किसानों के गन्ना उत्पादन में रुचि नहीं रखने की बात कही गई थी।त्यागी ने सरकार से मांग की कि किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से क्षेत्र का दौरा कराकर दो-तीन दिन में वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जांच के बाद किसानों और गन्ना उत्पादन की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।उन्होंने कहा कि यदि शक्कर कारखाना दोबारा शुरू होता है तो क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों या राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : राष्ट्रीय किसान सभा ने पूरे जिले में समर्थन की अपील की
राष्ट्रीय किसान सभा के मध्यप्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने भी आंदोलन के समर्थन में लोगों से आगे आने की अपील की। उन्होंने मुरैना जिले के गांवों के लोगों से आंदोलन के समर्थन में सभाएं और प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया।उन्होंने लोगों से 22 अगस्त के प्रस्तावित विरोध को व्यापक समर्थन देने की अपील की और ग्रामीण क्षेत्रों में आंदोलन को मजबूत करने की बात कही।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : एकता परिषद ने विधायक के संघर्ष को बताया गांधीवादी आंदोलन
एकता परिषद के प्रदेश संयोजक डोंगर शर्मा ने भी विधायक पंकज उपाध्याय के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक पीवी राजगोपाल के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय बाद चंबल क्षेत्र में गांधीवादी मूल्यों के लिए संघर्ष करने वाला ऐसा नेतृत्व सामने आया है।डोंगर शर्मा ने कहा कि विधायक का आंदोलन किसानों और पूरे क्षेत्र के हित से जुड़ा है। उनके अनुसार शक्कर कारखाना दोबारा शुरू होने से केवल किसानों को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : कारखाना शुरू होने से किसानों और युवाओं को रोजगार की उम्मीद
आंदोलनकारियों का कहना है कि कैलारस शक्कर कारखाने का संचालन दोबारा शुरू होने से गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार मिल सकता है। इसके साथ ही कारखाने और उससे जुड़े परिवहन, श्रम, व्यापार तथा अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।इसी वजह से आंदोलन में किसानों के साथ युवा और स्थानीय संगठनों की भागीदारी भी बढ़ रही है। समर्थकों का कहना है कि यह मुद्दा केवल एक बंद कारखाने को शुरू कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी जुड़ा हुआ है।
Pankaj Upadhyay Hunger Strike : स्वास्थ्य बिगड़ने के बीच सरकार के रुख पर नजर
विधायक पंकज उपाध्याय के आमरण अनशन का छठा दिन पूरा हो चुका है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर समर्थकों में चिंता बढ़ रही है। दूसरी ओर, आंदोलनकारियों की ओर से लगातार सरकार से बातचीत और समाधान की मांग की जा रही है।21 अगस्त को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनशन स्थल पर पहुंचने के बाद आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने की संभावना है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इस आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाते हैं और कैलारस शक्कर कारखाने से जुड़े मुद्दे पर कोई सकारात्मक पहल होती है या नहीं।


