Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम पूरा न गाना देश विरोध- शाह राष्ट्रभक्ति का पाठ हमे न पढ़ाए BJP – कांग्रेस
Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम्… देश की आजादी के आंदोलन का वो गीत, जिसने करोड़ों भारतीयों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई। लेकिन आज यही राष्ट्रगीत सियासत के केंद्र में है। विवाद शुरू हुआ, स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन के बीच में मल्लिकार्जुन खड़गे सोनिया गांधी और राहुल गांधी की हलचल से।भाजपा ने इस पर सवाल खड़े किए.. तो कांग्रेस कार्यसमिति ने फैसला किया है कि पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस ने अपने इस रुख के लिए 1937 के कांग्रेस प्रस्ताव का हवाला दिया। जिस पर अमित शाह ने कांग्रेस के सिर्फ दो अंतरे गाने के फैसले को “राष्ट्रविरोधी” और संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना बताया।कांग्रेस पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। और वर्तमान कांग्रेस की तुलना मुस्लिम लीग से की। अब वंदे मातरम देश की राजनीति के केंद्र में है।और कांग्रेस के फैसले पर सियासी संग्राम है। ऐसे में सवाल ये कि आखिर ‘वंदे मातरम्’ पर राजनीति क्यों ? क्या राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस और बीजेपी की सोच में इतना बड़ा फर्क है ? और क्या 1937 के कांग्रेस प्रस्ताव का हवाला देकर आज की सियासत को नई दिशा दी जा रही है ? वंदे मातरम् पर हो रही इसी सियासत पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं।
Vande Mataram Controversy : ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने 1937 के प्रस्ताव के अनुरूप गीत के शुरुआती दो पदों को ही गाने की बात कही है, जबकि बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान और देशभक्ति से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साध रही है। दरअसल कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बुधवार को ऐलान किया कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद आया। जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम पूरा न गाने का फैसला हैरान करने वाला और देशविरोधी है। शाह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने जो फैसला लिया था, उसे पीएम मोदी ने सुधारा है। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने 1937 में राष्ट्रगीत के दो टुकड़े कर मुस्लिम तुष्टीकरण किया था। उस फैसले से दो-राष्ट्र सिद्धांत को मजबूती मिली और आगे चलकर देश का विभाजन हुआ। तो वहीं विवाद पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने ट्वीट कर कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का आरोप लगाया। कहा कि कांग्रेस अब नई मुस्लिम लीग बन गई है। यह फैसला वंदे मातरम को अपने मन में रखकर बलिदान देने वाले शहीदों का अपमान है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्र विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आया है।
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