Baikunthpur Railway Ticket Scam : कोरिया। बैकुंठपुर के सिटी रेलवे आरक्षण केंद्र यानी PRS से तत्काल और सामान्य रेलवे टिकटों के कथित अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल की जांच में सामने आया कि खाली टिकटों पर हाथ से PNR और अन्य जरूरी जानकारी लिखकर टिकट तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन टिकटों को बस के जरिए बैकुंठपुर से बनारस भेजा जाता था।
इस मामले का खुलासा स्वदेश न्यूज़ ने पहले किया था। अब जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित टिकट नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है।

Baikunthpur Railway Ticket Scam : 60 टिकटों से जुड़ा मामला
बैकुंठपुर रेलवे टिकट घोटाला की जांच के दौरान रेलवे सुरक्षा बल को 60 टिकटों की जानकारी मिली है। इन टिकटों की कुल कीमत 3 लाख 68 हजार 351 रुपये बताई गई है।
जांच के अनुसार, टिकट तैयार करने के बाद उन्हें बैकुंठपुर से बनारस तक पहुंचाया जाता था। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस नेटवर्क के जरिए कितने समय से टिकटों का कथित अवैध कारोबार चल रहा था और इससे कितने लोग जुड़े हुए हैं।
Baikunthpur Railway Ticket Scam : PRS कर्मचारी और बनारस में टिकट बेचने वाला पहले गिरफ्तार
मामले में बैकुंठपुर PRS के संविदा कर्मचारी अविनाश कुमार और बनारस में टिकट बेचने वाले संजय कुमार विश्वकर्मा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक अविनाश को प्रत्येक यात्री से करीब 400 रुपये का लाभ मिलता था, जबकि संजय टिकट बेचने पर 600 से 800 रुपये तक का मुनाफा कमाता था। इन दावों की जांच रेलवे सुरक्षा बल द्वारा की जा रही है।
Baikunthpur Railway Ticket Scam : 17 अगस्त को बस चालक भी गिरफ्तार
अब इस मामले में एक और अहम कड़ी जुड़ गई है। 17 अगस्त को साई बाबा बस के चालक रवि शंकर पटेल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसके द्वारा पिछले करीब 8-9 महीने से बैकुंठपुर से बनारस रेलवे टिकट पहुंचाने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के मुताबिक रवि शंकर प्रत्येक लिफाफे को पहुंचाने के बदले 200 रुपये कमीशन लेता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद रेलवे सुरक्षा बल को इस कथित नेटवर्क के संचालन और टिकटों की आवाजाही से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।
Baikunthpur Railway Ticket Scam : बस के जरिए बैकुंठपुर से बनारस भेजे जाते थे टिकट
जांच में सामने आया है कि रेलवे टिकटों को लिफाफे में रखकर बस के जरिए बैकुंठपुर से बनारस भेजा जाता था। बस चालक की गिरफ्तारी के बाद टिकटों की इस कथित सप्लाई चेन की एक और कड़ी सामने आई है। रेलवे सुरक्षा बल अब यह जांच कर रहा है कि टिकटों की तैयारी, परिवहन और बिक्री में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने टिकटों का कारोबार किया गया।
Baikunthpur Railway Ticket Scam : पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा रेलवे सुरक्षा बल
Baikunthpur Railway Ticket Scam में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। रेलवे सुरक्षा बल कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी टिकटों, लेन-देन, परिवहन और बिक्री से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है। आगे की जांच में इस कथित अवैध कारोबार से जुड़े अन्य नाम सामने आने की संभावना है।


