Jind Farmers Delhi March : हरियाणा के जींद में किसानों के प्रस्तावित दिल्ली कूच को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 16 अगस्त को खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर से शुरू होने वाली ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ को देखते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसानों को हरियाणा की सीमा से आगे दिल्ली की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Jind Farmers Delhi March : खनौरी बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
किसानों के मार्च को देखते हुए खनौरी बॉर्डर को सील कर दिया गया है। दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने पांच स्तर की बैरिकेडिंग की है। नरवाना नहर पुल के आसपास भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में कंक्रीट बैरिकेड के अलावा वाटर कैनन और वज्र वाहन भी लगाए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
Jind Farmers Delhi March : जींद एसपी ने साफ किया रुख
जींद के एसपी ने स्पष्ट किया है कि किसानों को हरियाणा की सीमा पार कर दिल्ली की ओर कूच नहीं करने दिया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की संभावित संख्या और आंदोलन के स्वरूप को देखते हुए बॉर्डर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
Jind Farmers Delhi March : किसानों ने भी दिया धरने का संकेत
दूसरी ओर किसान संगठनों ने कहा है कि यदि उन्हें दिल्ली की ओर बढ़ने से रोका गया तो वे खनौरी बॉर्डर पर ही धरना शुरू कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस और किसान संगठनों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
Jind Farmers Delhi March : 228 किलोमीटर की पदयात्रा का ऐलान
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। प्रस्तावित यात्रा करीब 228 किलोमीटर लंबी होगी और किसानों का 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का कार्यक्रम बताया गया है।
Jind Farmers Delhi March : भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध
किसान संगठनों की ओर से इस पदयात्रा के जरिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध समेत किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए दिल्ली तक मार्च किया जाएगा।
फिलहाल खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की भारी तैनाती और किसानों के जुटने की संभावना के चलते माहौल संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि किसान संगठनों ने दिल्ली कूच के अपने कार्यक्रम को लेकर रुख स्पष्ट रखा है।

