REPORTER : HIMSANSHU PATEL
Prisoners Released Before Independence Day : अच्छे आचरण वाले बंदियों को मिली रिहाई
Prisoners Released Before Independence Day : स्वतंत्रता दिवस से पहले राज्य सरकार की पहल पर जेलों में बंद अच्छे आचरण वाले कैदियों को नई शुरुआत का अवसर दिया गया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रदेश की अलग-अलग जेलों से कुल 102 बंदियों को रिहा किया गया। रिहाई पाने वाले बंदियों में ऐसे कैदी शामिल हैं, जिन्होंने जेल में रहते हुए अपने व्यवहार और आचरण में सुधार का प्रदर्शन किया।सरकार की इस पहल का उद्देश्य योग्य बंदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना और उन्हें भविष्य में जिम्मेदारी के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
Prisoners Released Before Independence Day : रायपुर केंद्रीय जेल से 14 आजीवन कारावास वाले बंदी रिहा
रायपुर केंद्रीय जेल में भी रिहाई की प्रक्रिया के तहत 14 ऐसे बंदियों को जेल से बाहर आने का अवसर मिला, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जेल से बाहर निकलते समय सभी बंदियों के हाथ में भगवद्गीता थी।लंबे समय बाद जेल की चारदीवारी से बाहर निकले बंदियों के चेहरों पर अलग-अलग भाव नजर आए। किसी के चेहरे पर आजादी की खुशी दिखाई दी तो कोई भावुक नजर आया। जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते हुए कई बंदियों के लिए यह पल नई जिंदगी की शुरुआत जैसा रहा।
Prisoners Released Before Independence Day : लंबे समय बाद परिवार से मिलने की खुशी
रिहा होने वाले कुछ बंदियों के परिवार के सदस्य उन्हें लेने के लिए जेल पहुंचे थे। लंबे अंतराल के बाद अपने परिजनों से मुलाकात का यह क्षण परिवारों के लिए भी भावुक रहा। वहीं कुछ बंदी ऐसे भी थे, जिन्हें लेने के लिए कोई परिजन नहीं पहुंचा और वे अकेले ही जेल परिसर से बाहर निकले।बाहर आने के बाद कुछ बंदियों ने कहा कि अब वे अपनी बाकी जिंदगी बेहतर तरीके से बिताना चाहते हैं। उनके मुताबिक जेल से मिली सीख के बाद आगे गलत रास्ते से दूर रहकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश करेंगे।
Prisoners Released Before Independence Day : किसी के चेहरे पर मुस्कान तो कोई रहा भावुक
रिहाई के दौरान जेल के बाहर भावनाओं का अलग ही दृश्य देखने को मिला। कुछ बंदी मुस्कुराते हुए बाहर निकले, जबकि कुछ की आंखों और चेहरे पर लंबे समय बाद मिली आजादी की भावुकता साफ नजर आई।कुछ बंदियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक बातें कहीं। वहीं कुछ बिना कुछ कहे शांत तरीके से जेल से बाहर निकलकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
Prisoners Released Before Independence Day : दो दिनों में 23 बंदियों को रायपुर जेल से रिहाई
रायपुर केंद्रीय जेल अधीक्षक योगेश क्षत्रिय ने बताया कि रायपुर केंद्रीय जेल से दो दिनों में कुल 23 बंदियों को रिहा किया गया। इनमें पहले दिन 9 और दूसरे दिन 14 बंदियों को रिहाई मिली।जेल अधीक्षक के अनुसार रिहा किए गए बंदियों ने आगे का जीवन अच्छे आचरण और जिम्मेदारी के साथ बिताने का संकल्प लिया है। जेल प्रशासन की ओर से भी उन्हें समाज में लौटने के बाद कानून का पालन करते हुए सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।
Prisoners Released Before Independence Day : हाथ में गीता लेकर जेल से बाहर निकले बंदी
इस रिहाई की तस्वीरों में एक खास दृश्य भी देखने को मिला। जेल से बाहर निकलते समय बंदियों के हाथ में भगवद्गीता थी। यह उनके लिए केवल जेल से बाहर आने का अवसर नहीं था, बल्कि जीवन में एक नई दिशा की शुरुआत का संदेश भी नजर आया।लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब इन बंदियों के सामने समाज में दोबारा अपनी जगह बनाने की चुनौती है। अच्छे आचरण और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का उनका संकल्प इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
Prisoners Released Before Independence Day : स्वतंत्रता दिवस से पहले नई जिंदगी की शुरुआत
स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई यह रिहाई इन बंदियों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। सरकार की पहल के तहत रिहा किए गए 102 बंदियों को अब अपने परिवार और समाज के बीच लौटकर जिम्मेदारी के साथ जीवन आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।रायपुर केंद्रीय जेल से बाहर आए बंदियों के लिए भी यह दिन लंबे समय तक याद रहने वाला है। जेल की सीमाओं से बाहर निकलकर परिवार, समाज और सामान्य जीवन में वापस लौटने की यह प्रक्रिया उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
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