Rabies Treatment After Dog Bite : रेबीज एक बेहद गंभीर और जानलेवा संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमित जानवर के काटने, खरोंचने या उसकी लार के संपर्क में आने से इंसानों में फैल सकती है। कुत्ते के काटने को रेबीज संक्रमण का प्रमुख कारण माना जाता है। हालांकि, समय रहते सही चिकित्सकीय कदम उठाए जाएं तो इस बीमारी से बचाव संभव है। लेकिन सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति में रेबीज के लक्षण दिखाई देने लगें, तो क्या वह पूरी तरह ठीक हो सकता है?
Rabies Treatment After Dog Bite : कुत्ते के काटने के बाद समय पर इलाज क्यों जरूरी है?
रेबीज का वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद तंत्रिका तंत्र के जरिए मस्तिष्क तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि कुत्ते के काटने या खरोंच लगने के बाद तुरंत बचाव के उपाय शुरू करना बेहद जरूरी माना जाता है। एक बार बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है और रेबीज लगभग हमेशा जानलेवा साबित होती है।इसलिए लक्षणों का इंतजार करने के बजाय काटने या खरोंच लगने के तुरंत बाद डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार शुरू होने से संक्रमण को बीमारी का रूप लेने से रोका जा सकता है।
Rabies Treatment After Dog Bite : कुत्ते के काटने के तुरंत बाद क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले या खरोंच लगा दे, तो सबसे पहले घाव को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। घाव को साबुन और बहते पानी से करीब 15 मिनट तक धोना जरूरी है। इससे घाव में मौजूद वायरस की मात्रा को कम करने में मदद मिल सकती है।इसके बाद जल्द से जल्द डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए। डॉक्टर घाव की स्थिति और जानवर के संपर्क की प्रकृति को देखते हुए रेबीज का टीका लगाने की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में रेबीजरोधी इम्युनोग्लोबुलिन की भी जरूरत पड़ सकती है।
Rabies Treatment After Dog Bite : सिर्फ कुत्ते के काटने से ही नहीं फैलता रेबीज
रेबीज का संक्रमण केवल काटने से ही नहीं होता। संक्रमित जानवर की लार अगर किसी खुले घाव या आंख, नाक और मुंह की अंदरूनी सतह के संपर्क में आती है, तो भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।इसलिए किसी जानवर के काटने, खरोंचने या उसकी लार के संदिग्ध संपर्क को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में खुद से यह तय करना सही नहीं है कि रेबीज का खतरा है या नहीं। डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Rabies Treatment After Dog Bite : घरेलू नुस्खों से नहीं रुकता रेबीज
कई लोग जानवर के काटने के बाद घाव पर हल्दी, तेल या दूसरे घरेलू पदार्थ लगाने लगते हैं। हालांकि, ऐसे उपाय रेबीज के वायरस को खत्म नहीं करते और न ही ये चिकित्सकीय उपचार का विकल्प हैं।घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोना और इसके बाद डॉक्टर से संपर्क करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार टीका और जरूरत पड़ने पर इम्युनोग्लोबुलिन दिया जाता है।
Rabies Treatment After Dog Bite : कुत्ते को टीका लगा हो तो भी न करें लापरवाही
अगर काटने वाले कुत्ते को रेबीज का टीका लगा हुआ है, तब भी बिना चिकित्सकीय सलाह के इलाज को टालना सही नहीं है। डॉक्टर कुत्ते की स्थिति, उसके टीकाकरण, काटने की जगह और संपर्क की प्रकृति जैसी कई बातों को ध्यान में रखकर आगे की प्रक्रिया तय करते हैं।इसलिए कुत्ते को टीका लगा होने की जानकारी के आधार पर खुद से इलाज रोकने या टीका नहीं लगवाने का फैसला नहीं करना चाहिए।
Rabies Treatment After Dog Bite : रेबीज के लक्षण आने के बाद क्यों बढ़ जाता है खतरा?
रेबीज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती संक्रमण के दौरान व्यक्ति को बीमारी का अंदाजा नहीं हो सकता। लेकिन जब वायरस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने लगता है और इसके लक्षण सामने आते हैं, तब बीमारी बेहद गंभीर हो जाती है।इस दौरान बुखार, बेचैनी, घबराहट, निगलने में परेशानी, पानी से डर लगना और तंत्रिका तंत्र से जुड़े दूसरे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लक्षण शुरू होने के बाद रेबीज का परिणाम लगभग हमेशा घातक होता है। इसलिए बचाव के लिए उपचार लक्षण आने से पहले शुरू होना बेहद जरूरी है।
Rabies Treatment After Dog Bite : रेबीज से बचाव का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
कुत्ते के काटने के बाद घाव की तुरंत सफाई, समय पर चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार रेबीज का टीका लगवाना बेहद महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर रेबीजरोधी इम्युनोग्लोबुलिन भी दिया जाता है।अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते ने काटा या खरोंचा है, तो इसे मामूली चोट समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। घाव छोटा दिखाई देने पर भी डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। रेबीज में सबसे प्रभावी तरीका बीमारी के लक्षण आने का इंतजार करना नहीं, बल्कि समय रहते बचाव के कदम उठाना है।

