Gariaband Land Mafia: राजिम के चौबेबांधा क्षेत्र में किसानों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
Gariaband Land Mafia: गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र में कथित भू-माफियाओं की गतिविधियों को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है। चौबेबांधा इलाके के किसानों ने आरोप लगाया है कि अवैध प्लाटिंग के चलते उनके खेतों तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे खेती-किसानी का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसानों ने पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

Gariaband Land Mafia: अवैध बाउंड्रीवाल से 50 से अधिक किसानों की खेती प्रभावित होने का दावा
किसानों का आरोप है कि कथित रिटायर्ड रेंजर लखन लाल सिंहा द्वारा अवैध प्लाटिंग कर खेतों तक जाने वाले पारंपरिक मार्ग पर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई है। उनका कहना है कि इस वजह से 50 से अधिक किसानों का खेतों तक आना-जाना मुश्किल हो गया है और कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है।शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जिस रास्ते का वर्षों से उपयोग किया जा रहा था, उसे बंद कर देने से ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों का खेत तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
Gariaband Land Mafia: सरकारी जमीन और नहर पर कब्जे का आरोप
मामले में किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी भूमि और छोटी नहर की लाइनिंग पर भी कब्जा किया गया है। उनका कहना है कि रास्ता बंद करने के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया, जिससे सार्वजनिक मार्ग बाधित हो गया है।हालांकि, इन आरोपों की प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Gariaband Land Mafia: ‘पहले रास्ता बंद, फिर सस्ते में खरीद लेते हैं जमीन’
किसानों का आरोप है कि भू-माफिया पहले सामने की जमीन पर बाउंड्रीवाल बनाकर पीछे स्थित कृषि भूमि तक पहुंच का रास्ता रोक देते हैं। इसके बाद रास्ता नहीं होने के कारण किसान खेती करने में असमर्थ हो जाते हैं और मजबूरी में अपनी जमीन कम कीमत पर बेचने के लिए विवश हो जाते हैं।किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कई किसानों की आजीविका पर संकट गहरा सकता है।
Gariaband Land Mafia: कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अतिक्रमण हटाने और खेतों तक जाने का रास्ता बहाल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच पूरी होने के बाद ही किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

