Parliament Monsoon Session : संसद के मानसून सत्र से पहले सियासी हलचल तेज ,क्या सदन में सार्थक बहस होगी या फिर शोर-शराबा ?
Parliament Monsoon Session : संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले… सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।एक तरफ सरकार अपने विधायी एजेंडे और विकास के मुद्दों के साथ सदन में उतरने की तैयारी में है।तो दूसरी तरफ विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर, किसानों, परिसीमन, चुनावी पारदर्शिता और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एनडीए की बैठक हुई। जिसमें सहयोगी दलों के साथ संसद की रणनीति तय की गई। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी बैठक कर सरकार को घेरने के मुद्दों पर मंथन किया। कांग्रेस की बैठक में खासकर परिसीमन बिल को लेकर चर्चा हुई क्योंकि पिछली बार तो कांग्रेस पार्टी परिसीमन बिल को संसद में रोकने पर सफल हो गई थी लेकिन इस बार लोकसभा का सिनेरियो काफी बदल चुका है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मैराथन मीटिंग कर चुके हैं। गौरतलब है कि सरकार को बिल पास कराने के लिए 360 सांसदों की जरूरत होगी। सरकार अबतक 324 सांसद का इंतजाम कर चुकी है। वहीं, 8 सांसदों वाली शरद पवार की NCP भी हिंट दे चुकी है कि अगर 50 प्रतिशत वाले फॉर्मूले पर परिसीमन बिल आता है तो उसका NCP शरद गुट उसका समर्थन कर सकती है। DMK भी बिल को लेकर सरकार का समर्थन कर सकती है। ऐसे में ये आंकड़ा बढ़कर 354 तक पहुंच जाएगा। YSR और उद्धव के 3 सांसदों ने साथ दिया तो आसानी से सरकार परिसीमन बिल को पास करा लेगी। ऐसे में अब इस बार मानसून सत्र में परिसीमन बिल को लेकर ही गहमागमी रहने वाली है। अब सवाल यही है कि क्या सरकार परिसीमन को लेकर सफल होगी या एक बार फिर विपक्ष अपने मंसूबों में कामयाब ? इसी मुद्दे पर हम चर्चा करेंगे लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं।।

Parliament Monsoon Session : संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। उससे पहले देश की राजनीति में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। सरकार से लेकर विपक्ष तक बैठकों का दौर जारी है। सत्र में सरकार अपने एजेंडे के तहत ‘एक देश, एक चुनाव’, परिसीमन और कुछ नए संविधान संशोधन बिल पास कराने की तैयारी में है। तो वहीं विपक्ष नीट पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई और राम मंदिर चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। सत्र के दौरान महत्वपूर्ण विधेयकों पर रणनीति तो बन ही रही है, सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग हो रही है। इसी को लेकर आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नई दिल्ली स्थित आवास पर केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई। बैठक में आगामी मानसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, विधायी एजेंडे और विपक्ष के संभावित हमलों का जवाब देने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।इससे पहले गुरुवार को हुई कांग्रेस की बैठक में विपक्ष ने एकजुटता के साथ सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। पार्टी की रणनीतिक बैठक में आक्रामकता के साथ सरकार को घेरने के मुद्दों पर मंथन हुआ। लेकिन माना ये जा रहा है कि सरकार की तरफ से जारी लिस्ट में डीलिमिटेशन या परिसीमन बिल और वन नेशन वन इलेक्शन बिल का जिक्र नहीं है। लेकिन विपक्षी खेमे में चर्चा सिर्फ इन्हीं दो बिलों की हो रही है। विपक्ष को लगता है कि सरकार इन दोनों बिलों को लेकर तेजी से बढ़ रही है। जिसके बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि परिसीमन बिल का विरोध करेगी।
Parliament Monsoon Session : सरकार विकास, आर्थिक सुधार और प्रशासनिक सुधारों को सत्र का मुख्य एजेंडा बनाना चाहती है।एनडीए की रणनीति प्रमुख विधेयकों पर सहयोगी दलों और अन्य क्षेत्रीय दलों का समर्थन सुनिश्चित करने की है। सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों से सदन को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील भी होगी। सरकार का उद्देश्य मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाना और अधिकतम विधायी कार्य सुनिश्चित करना है। दूसरी ओर, विपक्ष भी महंगाई, बेरोजगारी, नीट,किसानों के मुद्दे, कानून-व्यवस्था, विदेश नीति और अन्य समसामयिक विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है।ऐसे में संसद का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम और हंगामेदार रहने के आसार हैं।
Parliament Monsoon Session : बहरहाल सरकार ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ और परिसीमन जैसे बिलों पर जोर दे सकती है। क्योंकि ये मोदी सरकार के एजेंडे के अहम विधेयक है। जिसका पुरजोर विराध करने की रणनीति विपक्ष बना चुका है, लेकिन जिस तरह से विपक्षी दलों के सांसदों को साथ लाकर भाजपा की रणनीति है बन रही है वो कितनी कामयाब होगी ये देखने वाली बात होगी। अब मानसून सत्र में विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर सरकार का फोकस है। बैठकों में चिंतन और मंथन है। विपक्ष के तेवरों का जवाब देने की तैयारी है। तो वहीं विपक्ष का उद्देश्य सरकार से जवाबदेही तय कराना और जनहित के मुद्दों को संसद के केंद्र में लाना। ऐसे में सवाल यही है कि क्या विपक्ष एकजुट होकर सरकार का मुकाबला कर पाएगा।।
Parliament Monsoon Session : ऐसे में मानसून सत्र में तीखी बहस, हंगामे और महत्वपूर्ण विधायी चर्चाओं की संभावना है।विपक्ष जहां बेरोजगारी, महंगाई और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है तो सरकार अपने अहम विधेयकों को पास कराने की रणनीति बना रही है। साथ ही सभी मंत्रियों और सांसदों को सदन में तथ्यों के साथ जवाब देने तथा विपक्ष के आरोपों का प्रभावी ढंग से सामना करने के निर्देश दिए गए। इसे लेकर आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बैठक भी है। इस बीच उन विधेयकों की लिस्ट सामने आ गई है जो सरकार इस बार मॉनसून सत्र में पेश कर सकती है। संसद में अपने प्रस्तावों और विधेयकों को पारित कराने के लिए रणनीति तैयार की गई है। प्रधानमंत्री की मौजदगी में हो चुकी है अहम बैठक। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर मंत्रियों के समूह ने अहम बैठकें की हैं।
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