Jal Ganga Abhiyan : जल संरक्षण और जनभागीदारी से मध्यप्रदेश ने बनाई नई पहचान
Jal Ganga Abhiyan : मध्यप्रदेश में 19 मार्च 2026 से संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान अब जनभागीदारी के नए चरण में प्रवेश कर रहा है। अभियान का 25 से 30 जून के बीच प्रदेशभर में समारोहपूर्वक समापन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय और जनभागीदारी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्र सरकार के जल संचय-जनभागीदारी अभियान में प्रदेश को देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि डिंडौरी, खंडवा और शहडोल जिले राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष जिलों में शामिल रहे हैं।

Jal Ganga Abhiyan : जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर रहेगा विशेष फोकस
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदियों, तालाबों, बावड़ियों, कुओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। समापन कार्यक्रमों के दौरान जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी से किए गए कार्यों का प्रस्तुतीकरण होगा। विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सहभागिता से जल स्रोतों के संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही लोगों को जल के सदुपयोग और संरक्षण की सामूहिक शपथ भी दिलाई जाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
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