By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Swadesh NewsSwadesh NewsSwadesh News
  • Home
  • Web Story
  • देश- विदेश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • हास्य-हथौड़ा
  • स्वदेश स्पेशल
  • वीडियो
  • खेल
  • व्यापार – रोज़गार
Search News

Archives

  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • March 2025
  • February 2025
  • January 2025
  • December 2024
  • November 2024
  • October 2024
  • September 2024
  • August 2024
  • July 2024
  • June 2024
  • May 2024
  • April 2024
  • March 2024
  • October 2023
  • September 2023
  • August 2023
  • July 2023
  • April 2023
  • February 2023
  • December 2022
  • October 2022
  • September 2022
  • December 2020
  • November 2020
  • September 2020
  • August 2020
  • July 2020

Categories

  • Blog
  • One Line Breaking News
  • Pin Post
  • अग्निपथ
  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम
  • आंध्र प्रदेश
  • उड़ीसा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • ओडिशा
  • कर्नाटक
  • केरल
  • खेल
  • गुजरात
  • गोवा
  • चंडीगढ़
  • छत्तीसगढ
  • जम्मू कश्मीर
  • झारखंड
  • तमिलनाडु
  • तेलंगाना
  • त्रिपुरा
  • दिल्ली
  • देश- विदेश
  • धर्म-संस्कृति
  • पंजाब
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • बिहार चुनाव 2025
  • मणिपुर
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यकाल
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मिजोरम
  • मेघालय
  • राजस्थान
  • राज्य
  • लद्दाख़
  • वीडियो
  • व्यापार – रोज़गार
  • सिक्किम
  • स्वदेश एजेंडा
  • स्वदेश शॉर्ट्स
  • स्वदेश स्पेशल
  • हरियाणा
  • हास्य-हथौड़ा
  • हिमाचल प्रदेश
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Swadesh NewsSwadesh News
Search News
  • Home
  • Web Story
  • देश- विदेश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • हास्य-हथौड़ा
  • स्वदेश स्पेशल
  • वीडियो
  • खेल
  • व्यापार – रोज़गार
Follow US
Swadesh News > Pin Post > Pigeon Navigation : आखिर कबूतर हजारों किलोमीटर दूर से अपना घर कैसे ढूंढ लेते हैं? नई रिसर्च ने खोला सदियों पुराना रहस्य
Pin Postस्वदेश स्पेशल

Pigeon Navigation : आखिर कबूतर हजारों किलोमीटर दूर से अपना घर कैसे ढूंढ लेते हैं? नई रिसर्च ने खोला सदियों पुराना रहस्य

Abhishek Singh
Last updated: May 31, 2026 6:27 pm
By Abhishek Singh
Share
5 Min Read
SHARE

Abhishek Singh

Pigeon Navigation : सदियों पुराना सवाल, आखिर कबूतर रास्ता कैसे पहचानते हैं?

Pigeon Navigation : कबूतरों की दिशा पहचानने की क्षमता हमेशा से वैज्ञानिकों और आम लोगों के लिए हैरानी का विषय रही है। पुराने समय में इन्हीं पक्षियों के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर संदेश भेजे जाते थे और वे बिना भटके अपने ठिकाने तक पहुंच जाते थे। अब एक नई वैज्ञानिक रिसर्च ने इस रहस्य पर से पर्दा उठाने का दावा किया है।वैज्ञानिकों का मानना है कि कबूतर केवल अपनी आंखों या सूरज की मदद से ही नहीं, बल्कि शरीर के एक खास अंग की सहायता से भी दिशा पहचानते हैं। यह खोज पशु जगत की सबसे दिलचस्प खोजों में से एक मानी जा रही है।

Contents
Pigeon Navigation : सदियों पुराना सवाल, आखिर कबूतर रास्ता कैसे पहचानते हैं?Pigeon Navigation : पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बनता है प्राकृतिक कंपासPigeon Navigation : कबूतरों का ‘GPS’ बना उनका लीवरPigeon Navigation : बादलों के दौरान क्यों भटक जाते हैं कबूतर?Pigeon Navigation : दिमाग तक कैसे पहुंचती है दिशा की जानकारी?Pigeon Navigation : दूसरे जानवरों में भी हो सकती है यह क्षमताPigeon Navigation : क्या कबूतरों के पास एक से ज्यादा नेविगेशन सिस्टम हैं?Pigeon Navigation : नई खोज ने खोले विज्ञान के नए दरवाजे
Pigeon Navigation

Pigeon Navigation : पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बनता है प्राकृतिक कंपास

वैज्ञानिकों के अनुसार कबूतर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग प्राकृतिक कंपास की तरह करते हैं। यही कारण है कि वे लंबी दूरी तय करने के बाद भी अपने घर का रास्ता नहीं भूलते।पिछले कई दशकों से शोधकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर कबूतरों का शरीर चुंबकीय संकेतों को कैसे महसूस करता है। कुछ वैज्ञानिक इसे आंखों से जोड़ते थे तो कुछ चोंच और कान के अंदर मौजूद विशेष कोशिकाओं से।

Pigeon Navigation : कबूतरों का ‘GPS’ बना उनका लीवर

हाल ही में जर्मनी के वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कबूतरों के लीवर यानी जिगर में चुंबकीय संकेतों को महसूस करने वाली विशेष कोशिकाएं मौजूद हो सकती हैं।लीवर में मौजूद कुछ इम्यून कोशिकाएं आयरन को संग्रहित करती हैं। यही आयरन पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को महसूस करने में मदद कर सकता है। जब वैज्ञानिकों ने इन कोशिकाओं को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया तो कबूतर अपने घर का रास्ता खोजने में असफल रहे।

Pigeon Navigation : बादलों के दौरान क्यों भटक जाते हैं कबूतर?

रिसर्च के दौरान यह भी सामने आया कि जब आसमान में घने बादल होते हैं, तब कबूतरों की दिशा पहचानने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।वैज्ञानिकों का मानना है कि कबूतर चुंबकीय संकेतों के साथ-साथ सूर्य की स्थिति का भी उपयोग करते हैं। साफ मौसम में सूरज उन्हें अतिरिक्त दिशा संकेत देता है, लेकिन बादलों की मौजूदगी में यह सहायता नहीं मिल पाती।

Pigeon Navigation : दिमाग तक कैसे पहुंचती है दिशा की जानकारी?

शोधकर्ताओं के अनुसार लीवर में मौजूद आयरन युक्त कोशिकाएं नसों के बेहद करीब होती हैं। माना जा रहा है कि यही कोशिकाएं चुंबकीय जानकारी को तंत्रिका तंत्र के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचाती हैं।दिमाग इस जानकारी को प्रोसेस कर सही दिशा निर्धारित करता है, जिससे कबूतर लंबी उड़ान के बाद भी अपने ठिकाने तक पहुंचने में सफल रहते हैं।

Pigeon Navigation : दूसरे जानवरों में भी हो सकती है यह क्षमता

वैज्ञानिकों का मानना है कि केवल कबूतर ही नहीं, बल्कि कई अन्य पक्षी और जानवर भी इसी तरह की चुंबकीय दिशा-ज्ञान प्रणाली का उपयोग करते होंगे।कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि चूहे, प्रवासी पक्षी और समुद्री जीव भी पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को महसूस करने में सक्षम हो सकते हैं। हालांकि इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

Pigeon Navigation : क्या कबूतरों के पास एक से ज्यादा नेविगेशन सिस्टम हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि कबूतर केवल एक ही तकनीक पर निर्भर नहीं रहते। वे सूर्य की स्थिति, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र, गंध, भू-आकृति और अन्य प्राकृतिक संकेतों का भी उपयोग कर सकते हैं।यही वजह है कि कई बार कबूतर अंधेरे या खराब मौसम में भी अपना रास्ता खोज लेते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि उनके पास दिशा पहचानने के कई बैकअप सिस्टम मौजूद हो सकते हैं।

Pigeon Navigation : नई खोज ने खोले विज्ञान के नए दरवाजे

कबूतरों की दिशा पहचानने की क्षमता पर हुई यह नई रिसर्च पशु व्यवहार विज्ञान में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे न केवल पक्षियों की अद्भुत क्षमताओं को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि भविष्य में नेविगेशन और सेंसर तकनीकों के विकास में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।हालांकि वैज्ञानिक अभी भी इस सिद्धांत की और पुष्टि करना चाहते हैं, लेकिन इतना तय है कि कबूतरों के “प्राकृतिक GPS” का रहस्य पहले से कहीं अधिक स्पष्ट होता जा रहा है।

READ MORE : Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 40 दिनों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन

TAGGED:Amazing FactsAnimal NavigationAnimal ScienceBird BehaviourBird Navigation SystemBird SciencechattisgarhEarth Magnetic FieldGerman ScientistsHindi NewsMadhya PradeshMagnetic FieldMPMP NewsNature NewsNature ResearchnewsPigeon FactsPigeon GPSPigeon NavigationPigeon ResearchResearch StudyScience NewsScientific DiscoveryTODAY NEWSUpUP Newsuttar pradeshWildlife FactsWildlife Researchकबूतरकबूतर का जीपीएसकबूतर कैसे रास्ता ढूंढते हैंकबूतर रिसर्चचुंबकीय कंपासजानवरों की दिशा पहचानपक्षियों का नेविगेशनपक्षियों की अद्भुत क्षमतापक्षी विज्ञानपशु व्यवहारपृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्रप्रकृति रहस्यप्रकृति विज्ञानरोचक तथ्यवन्यजीव तथ्यवन्यजीव शोधविज्ञान समाचारवैज्ञानिक खोजवैज्ञानिक शोध
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Your opinion
Love0
Sad0
Happy0
Shy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

मध्य प्रदेश

Siddhachakra Mahamandal Vidhan : धार्मिक आयोजनों से समाज में शांति, सद्भाव और संस्कारों का होता है विस्तार – गोविंद सिंह राजपूत

By Swadesh News
स्वदेश एजेंडा

West Bengal Political Violence : TMC नेताओं पर हमला, क्या जनता ले रही बदला ? बंगाल में परिवर्तन, सरकार कायम करेगी सुशासन

By Pramod Shrivastav Editorial Head
मध्य प्रदेश

Sadanira Samagam : सदानीरा समागम का पांचवां दिन, भारत भवन में लोक, शास्त्रीय और विश्व कला का अद्भुत संगम

By Abhishek Singh
मध्य प्रदेश

Development Projects : सीएम डॉ. मोहन यादव ने खोला पिटारा, शाजापुर को दी 388 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

By Abhishek Singh

स्वदेश न्यूज़ भारत का एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होने वाला सैटेलाइट हिंदी न्यूज़ चैनल है, जिसका स्वमितत्व भुवनेश्वरी मल्टिमीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है।

स्वदेश न्यूज़, अभिव्यक्ति और पत्रकारिता की स्वतंत्रता (freedom of speech) (freedom of the press) पर भरोसा रखता है, जो लोगों की आवाज बनकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

  • About Us
  • Contact US
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
Menu
  • About Us
  • Contact US
  • Privacy Policy
  • Disclaimer

Quick Link

  • खेल
  • स्वदेश स्पेशल
  • राज्य
  • देश- विदेश
  • बिहार चुनाव 2025
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • व्यापार – रोज़गार
Siddhachakra Mahamandal Vidhan : धार्मिक आयोजनों से समाज में शांति, सद्भाव और संस्कारों का होता है विस्तार – गोविंद सिंह राजपूत
May 31, 2026
West Bengal Political Violence : TMC नेताओं पर हमला, क्या जनता ले रही बदला ? बंगाल में परिवर्तन, सरकार कायम करेगी सुशासन
May 31, 2026
Sadanira Samagam : सदानीरा समागम का पांचवां दिन, भारत भवन में लोक, शास्त्रीय और विश्व कला का अद्भुत संगम
May 31, 2026

Swadesh News. 59, Link Road No. 3, Panchsheel Nagar, Bhopal, Madhya Pradesh- 462016 Hours: Open 24 hours Phone: +91 0755- 2929533

© Copyright by SWADESH NEWS 2026

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?