Bastar Development : बस्तर को लेकर अमित शाह का बड़ा बयान
Bastar Development : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर के विकास को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि पिछले 50 वर्षों में नक्सलवाद के कारण बस्तर को जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई आने वाले तीन से चार वर्षों में कर दी जाएगी। अपने बस्तर दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि अब बस्तर हिंसा और भय से बाहर निकल चुका है और विकास की नई राह पर आगे बढ़ेगा।अमित शाह ने कहा कि देश को आजादी भले ही 77 साल पहले मिली हो, लेकिन बस्तर में “आजादी का सूर्योदय” 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद के खात्मे के बाद हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर को देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल करने की दिशा में काम करेंगी।

Bastar Development : नक्सलवाद के खिलाफ चला बड़ा अभियान
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में अमित शाह ने देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य घोषित किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से बस्तर समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया।इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कई बड़े माओवादी नेताओं को मार गिराया। इनमें बसब राजू, हिड़मा, गजुरल्ला राव, गणेश उईके और के. सत्यनारायण रेड्डी जैसे बड़े नाम शामिल रहे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 से मार्च 2026 के बीच कुल 706 नक्सली मारे गए, जबकि 2218 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया।लगातार कार्रवाई के दबाव में कई बड़े नक्सली नेताओं ने आत्मसमर्पण भी किया। इनमें वेणुगोपाल, पापा राव और चंदना जैसे नाम शामिल हैं। कुल 4839 माओवादियों ने सरकार के सामने सरेंडर किया। इसके बाद 30 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने बस्तर समेत देश को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया।
Bastar Development : विकास परिषद की बैठक से दिया बड़ा संदेश
बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय विकास परिषद की बैठक को सरकार ने विकास के नए दौर की शुरुआत बताया है। इस बैठक के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि अब बस्तर केवल सुरक्षा अभियानों का क्षेत्र नहीं, बल्कि विकास, निवेश और रोजगार का नया केंद्र बनने जा रहा है।अमित शाह ने कहा कि बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम किया जाएगा।

Bastar Development : कांग्रेस ने उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में फर्क है। उन्होंने कहा कि केवल घोषणा करने से विकास नहीं होगा, बल्कि बस्तर के लोगों को स्थायी सुविधाएं और रोजगार देना जरूरी है।हालांकि इन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह माना जा रहा है कि बस्तर में नक्सली गतिविधियों में बड़ी कमी आई है और अब क्षेत्र में शांति और विकास का नया माहौल बन रहा है।
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