REPORT : AJAY NIGAM
RSS Sangh Shiksha Varg : मध्यभारत प्रांत में संघ शिक्षा वर्गों का शुभारंभ
RSS Sangh Shiksha Varg : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यभारत प्रांत के संघ शिक्षा वर्गों का शुभारंभ हो गया है। शिवपुरी, ब्यावरा और बैतूल में आयोजित इन प्रशिक्षण वर्गों में कुल 743 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। 15 दिनों तक चलने वाले इन वर्गों में स्वयंसेवकों को शारीरिक, बौद्धिक, योग, सेवा, प्रबंधन और संघ कार्य का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

RSS Sangh Shiksha Varg : “संघ शिक्षा वर्ग साधना स्थली है” – विमल गुप्ता
शिवपुरी में आयोजित विद्यार्थी वर्ग के उद्घाटन अवसर पर मध्यभारत प्रांत के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग एक साधना स्थली है, जहां शिक्षार्थी साधक के रूप में स्वयं को तैयार करता है।उन्होंने कहा कि वर्ग में मन, शरीर और विचारों की साधना के माध्यम से स्वयंसेवक अनुशासन, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और समूह में कार्य करने की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने बताया कि संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है और इस प्रशिक्षण के जरिए युवा अपने व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं।
RSS Sangh Shiksha Varg : शिवपुरी, ब्यावरा और बैतूल में चल रहे हैं वर्ग
जानकारी के अनुसार शिवपुरी के सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय फतेहपुर में विद्यार्थी वर्ग आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 369 स्वयंसेवक शामिल हैं।वहीं ब्यावरा में तरुण व्यवसायी कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित वर्ग में 200 स्वयंसेवक प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा बैतूल में 40 वर्ष से अधिक आयु के 174 स्वयंसेवक विशेष वर्ग में भाग ले रहे हैं।
RSS Sangh Shiksha Varg : “वर्ग स्वयं को गढ़ने का अवसर” – डॉ. राजेश सेठी
ब्यावरा में आयोजित उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रांत सह-संघचालक डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि स्वयं को गढ़ने का अवसर है।उन्होंने कहा कि एक अच्छे कार्यकर्ता के लिए केवल शारीरिक क्षमता पर्याप्त नहीं होती, बल्कि बौद्धिक और भावनात्मक विकास भी जरूरी है। संघ शिक्षा वर्ग में इन तीनों आयामों पर समान रूप से काम किया जाता है।उन्होंने कहा कि “राष्ट्र प्रथम” केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन का मूल भाव होना चाहिए।
RSS Sangh Shiksha Varg : भारत विश्व को दिशा देने में सक्षम
डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत के पास ऐसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति है, जो पूरे विश्व को दिशा दे सकती है। भारतीय दर्शन विश्व कल्याण और धर्म की जय की बात करता है।उन्होंने डॉ. हेडगेवार के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ की स्थापना राष्ट्र निर्माण और समाज को संगठित करने के उद्देश्य से की गई थी।
RSS Sangh Shiksha Varg : “साधना से ही सफलता मिलती है” – अशोक पांडेय
बैतूल स्थित भारत भारती विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष वर्ग के उद्घाटन अवसर पर प्रांत संघचालक अशोक पांडेय ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग एक साधना है, जो स्वयंसेवकों के शारीरिक और आत्मिक विकास में सहायक होती है।उन्होंने कहा कि कठिनाइयों में जीने वाला ही सच्चा साधक बन सकता है। संघ की वर्तमान सफलता के पीछे कई पीढ़ियों की साधना और समर्पण है।उन्होंने गीता के श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास से ही मन को नियंत्रित किया जा सकता है और यही साधना स्वयंसेवकों को मजबूत बनाती है।
RSS Sangh Shiksha Varg : 31 जिलों के स्वयंसेवक ले रहे प्रशिक्षण
संघ की रचना के 31 जिलों से कुल 743 स्वयंसेवक इन वर्गों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें शिवपुरी में 369, ब्यावरा में 200 और बैतूल में 174 स्वयंसेवक शामिल हैं।संघ के अनुसार, जिन स्वयंसेवकों ने पहले प्राथमिक वर्ग का प्रशिक्षण प्राप्त किया होता है और जो संघ कार्य में सक्रिय रहते हैं, उन्हीं चयनित कार्यकर्ताओं को संघ शिक्षा वर्ग में भेजा जाता है।
RSS Sangh Shiksha Varg : व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र सेवा पर फोकस
संघ शिक्षा वर्गों का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में अनुशासन, स्वावलंबन, सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति का विकास करना है। प्रशिक्षण के दौरान समय प्रबंधन, मानव प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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