REPORT : ABHISHEK SINGH THAKUR
Former Naxalite : भानुप्रतापपुर पुनर्वास केंद्र से सामने आई प्रेरणादायक कहानी
Former Naxalite : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर स्थित नक्सली पुनर्वास केंद्र से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी जगतार सिंह, जो कभी नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे, अब शिक्षा के जरिए समाज की मुख्यधारा में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।पूर्व नक्सली जगतार सिंह ने पुनर्वास केंद्र में रहते हुए कक्षा 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है। उन्होंने 72 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि यदि इंसान ठान ले तो जिंदगी में किसी भी मोड़ से नई शुरुआत की जा सकती है।

Former Naxalite : 28 साल बाद दोबारा शुरू की पढ़ाई
जगतार सिंह की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने वर्ष 1998 में आठवीं कक्षा पास की थी। इसके बाद करीब 28 वर्षों तक उनकी पढ़ाई छूट गई थी। लंबे अंतराल के बाद उन्होंने फिर से किताबें उठाईं और मेहनत के दम पर 10वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की।उनकी इस उपलब्धि को पुनर्वास केंद्र के अधिकारी भी बड़ी प्रेरणा मान रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता उन युवाओं के लिए उदाहरण है जो भटके हुए रास्ते से लौटकर सामान्य जीवन शुरू करना चाहते हैं।
Former Naxalite : कभी नक्सली संगठन में DVCM पद पर था सक्रिय
जानकारी के मुताबिक, जगतार सिंह वर्ष 2016 से छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन के साथ सक्रिय था। वह गरियाबंद, धमतरी और ओडिशा के नुआपाड़ा इलाके में काम कर चुका है। संगठन में वह DVCM पद पर भी रहा।हालांकि बाद में उसने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुनर्वास केंद्र में आने के बाद उसने शिक्षा को अपनी नई जिंदगी का आधार बनाया।
Former Naxalite : पत्रकार बनकर समाज को देना चाहते हैं सकारात्मक संदेश
जगतार सिंह ने आगे भी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में पत्रकार बनना चाहते हैं ताकि समाज के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचा सकें और लोगों को सही दिशा दिखा सकें।उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पुनर्वास केंद्र के अधिकारियों और वहां मिले सहयोग को दिया। जगतार सिंह का कहना है कि शिक्षा इंसान की जिंदगी बदल सकती है और उन्होंने इसे खुद महसूस किया है।
Former Naxalite : युवाओं के लिए बना प्रेरणा का प्रतीक
भानुप्रतापपुर पुनर्वास केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, जगतार सिंह की सफलता यह दिखाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है।फिलहाल पूरे इलाके में जगतार सिंह की इस उपलब्धि की चर्चा हो रही है। लोग उनकी मेहनत और जज्बे की सराहना कर रहे हैं। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई या जीवन की राह से भटक गए हैं।
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