REPORT BY : ABHISHEK SINGH THAKUR
Panchayat Protest : DMF और CSR राशि में स्थानीय पंचायतों को प्राथमिकता देने की मांग
Panchayat Protest : भानुप्रतापपुर और दुर्गूकोंदल विकासखंड के जनपद सदस्य एवं सरपंच अब विकास कार्यों को लेकर खुलकर प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों की स्वीकृति नहीं मिलने और बाहरी ठेकेदारों को काम दिए जाने के विरोध में एसडीएम भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में तालाबंदी की जाएगी।भानुप्रतापपुर और दुर्गूकोंदल विकासखंड के जनप्रतिनिधियों ने बैठक कर कई अहम प्रस्ताव पारित किए। बैठक में कहा गया कि जिला खनिज न्यास निधि (DMF) की राशि से माइंस प्रभावित पंचायतों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों की स्वीकृति दी जानी चाहिए, ताकि गांवों में तेजी से विकास कार्य हो सकें और स्थानीय लोगों को भी रोजगार का लाभ मिले।

Panchayat Protest : बाहरी ठेकेदारी प्रथा बंद करने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
Panchayat Protest : जनप्रतिनिधियों ने बैठक में बाहरी ठेकेदारी प्रथा बंद करने और CSR की राशि ग्राम पंचायतों में खर्च करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि जनपद पंचायत की सामान्य सभा से अनुमोदन मिलने के बाद ही विकास कार्यों का प्राक्कलन तैयार किया जाना चाहिए। इसके अलावा गौण खनिज से प्राप्त राशि सीधे ग्राम पंचायतों को देने की मांग भी की गई है।सुनाराम तेता ने कहा कि स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है और बाहरी ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। वहीं गोपी बढ़ाई ने भी पंचायतों के अधिकारों को मजबूत करने की मांग दोहराई।जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 11वें दिन पंचायत और जनपद कार्यालयों में तालाबंदी कर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। अब इस मामले में जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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