Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : सनातन का समूल नाश, स्टालिन कर रहा बकवास ,मच्छर, मलेरिया से तुलना, खामियाजा पड़ेगा भुगतना
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : स्वदेश एजेंडा में आज बात उदयनिधि स्टालिन के सनातन पर दिए विवादित बयान की, देश में छिड़े सियासी संग्राम की। बात DMK के राजनीतिक फंडे की और सनातन विरोधी एजेंडे की। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और विधायक उदयनिधि स्टालिन की ‘सनातन धर्म’ पर टिप्पणी पर विवाद लगातार जारी है। उदयनिधि के सनातन के समूल नाश के बयान ने देश की राजनीति में फिर से नई बहस छेड़ दी है। डीएमके, विपक्ष और बीजेपी सहित एनडीए गठबंधन के बीच जुबानी जंग ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि इससे पहले भी स्टालिन सनातन की तुलना मच्छर, मलेरिया से डेगूं से कर चुके हैं। अब हिंदुत्व, आस्था और पहचान की राजनीति के बीच यह बयान राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर बयान के पीछे क्या है राजनीतिक रणनीति ? और क्या इस विवाद से आने वाले दिनों में चुनावी समीकरण बदलेंगे ? सवाल ये भी कि क्या ये बयान धुर्वीकरण और वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए। इस बयान का एक एंगल और भी है वो ये कि दक्षिण बनाम उत्तर की राजनीति का एंगल। इसी मुद्दे पर हम चर्चा करेंगे, लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं।।।।।

Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : देश में एक बार फिर सनातन पर सियासी बहस तेज है। सनातन के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप ने देश की राजनीति का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। एक तरफ विपक्षी नेताओं के विवादित बयान हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे करोड़ों लोगों की आस्था से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है। बयानबाजी के इस दौर में सियासत का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। दरअसल तमिलनाडु विधानसभा में ‘सनातन धर्म’ को लेकर तीखी बयानबाजी हुई। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने 2023 के अपने उसी विवादित एजेंडे को हवा दी, जिसने देशभर में बवाल खड़ा किया था। उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर कहा कि सनातन का अंत होना चाहिए।स्टालिन ने सनातन धर्म को कई ‘सामाजिक बुराइयों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए समाज से खत्म करने की बात कही।कहा कि सनातन धर्म लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटने वाला विचार है।आपको बता दें कि 2023 में भी सनातन को लेकर स्टालिन ने कहा था, जिस तरह हम मच्छर, डेंगू, मलेरिया और कोरोना को खत्म करते हैं।उसी तरह सिर्फ सनातन धर्म का विरोध करना ही काफी नहीं है।इसे समाज से पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए। तो वहीं कुछ नेताओं का आरोप सनातन के नाम पर कुछ दलों द्वारा सियासत करने का है। सनातन के दुरुपयोग करने का है।
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : उधर उदयनिधि के बयान पर बीजेपी ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। सनातन को लेकर दिए इस बयान पर आरएसएस, बीजेपी और दक्षिणपंथी ख़ेमे से काफ़ी तीख़ी प्रतिक्रिया आई हैं।बीजेपी ने सनातन पर दिए गए बयानों को हिंदू आस्था पर हमला बताते हुए ‘विभाजनकारी नफरत की राजनीति’ बताया। बीजेपी ने सवाल उठाया कि क्या DMK और विपक्षी गठबंधन का यही असली चेहरा है? बीजेपी ने कहा कि सनातन और हिंदू धर्म का विरोध इनकी साजिश का हिस्सा है। इनका मुख्य एजेंडा ही सनातन धर्म और हिंदुओं को निशाना बनाना है। यूबीटी शिवसेना का कहना है कि सनातन के अपमान का खामियाजा ऐसे लोगों को भुगतना ही पड़ता है। बीजेपी अब इस मुद्दे को हिंदुत्व और आस्था से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।पार्टी नेताओं का कहना है कि सनातन केवल धर्म नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान है।वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बीजेपी पर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं।उधर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सबरीमाला मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थानों में महिलाओं के साथ भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की। जिसमें कहा गया कि हिंदू धर्म जीवन जीने का एक तरीका है, इसमें आस्था रखने वालों के लिए मंदिर जाना अनिवार्य नहीं है। भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली 9 जजों की संवैधानिक बेंच में यहां तक कहा गया कि हिंदू धर्म में आस्था होने के लिए अपनी झोपड़ी में दीपक जलाना भी काफी है।
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : भारत में सनातन केवल धर्म नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। ऐसे में जब कोई नेता या सार्वजनिक व्यक्ति सनातन पर तीखी टिप्पणी करता है, तो उसका असर सीधे जनभावनाओं पर पड़ता है। यही वजह है कि ऐसे बयान तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन जाते हैं। अब भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मुद्दे को अपने राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रखती आई है। ऐसे विवादित बयान को पार्टी आस्था बनाम अपमान के रूप में जनता के बीच ले जा सकती है। तो वहीं विपक्षी गठबंधन मुद्दे को केवल राजनीतिक करार दे रहा है। लेकिन सनातन पर दिया गया कोई भी विवादित बयान केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर सामाजिक माहौल, चुनावी रणनीति और जनमत पर भी पड़ता है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमा सकता है।
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, ”ये हमारे धर्म पर हमला है.”
वहीं बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा,”उदयनिधि ने सनातन धर्म को मलेरिया और डेंगू से जोड़ा. उनका मानना है कि न सिर्फ इसका विरोध किया जाए बल्कि इसे खत्म कर दिया जाए. संक्षेप में कहें तो ये भारत के 80 फीसदी लोगोंं के कत्ल का आह्वान है क्योंकि वे सनातन धर्म का पालन करते हैं.”लेकिन उदयनिधि ने कहा कि उन्होंने समाज के सताए हुए और हाशिये पर डाल दिए गए लोगों की आवाज़ उठाई है,जो सनातन धर्म की वजह से तकलीफ झेल रहे हैं.उदयनिधि स्टालिन ने 2023 ने कहा था कि, सनातन को मच्छर, डेंगू, मलेरिया और कोरोना की तरह खत्म करना होगा।तमिलनाडु में डीएमके (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच सनातन धर्म को लेकर राजनीतिक विवाद गहराया हुआ है। उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म करने की वकालत की है, जबकि हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बयान की तीखी आलोचना करते हुए इसे कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की सोची-समझी साजिश करार दिया है।
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : हिमंता बिस्वा सरमा का पलटवार (असम के मुख्यमंत्री)
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उदयनिधि स्टालिन के इन बयानों पर बेहद सख्त रुख अपनाया है:
मुख्य साजिशकर्ता कांग्रेस: सरमा ने सीधे तौर पर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि असली विवाद स्टालिन नहीं बल्कि कांग्रेस है, जो ऐसे बयानों को बढ़ावा दे रही है।हिंदू विरोधी मानसिकता: उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन (‘INDIA’) का मुख्य एजेंडा ही सनातन धर्म और हिंदुओं को निशाना बनाना है।धर्मनिरपेक्षता पर सवाल: सरमा ने चुनौती देते हुए पूछा कि क्या यह गठबंधन किसी अन्य धर्म (जैसे इस्लाम या ईसाई धर्म) के खिलाफ ऐसी ही अपमानजनक टिप्पणी करने की हिम्मत दिखा सकता है?
सनातन धर्म को लेकर तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच बयानों का बड़ा विवाद रहा है। मई 2026 में उदयनिधि स्टालिन द्वारा तमिलनाडु विधानसभा में फिर से इस बयान को दोहराए जाने के बाद यह राजनीतिक बहस दोबारा तेज हो गई है। दोनों नेताओं के मुख्य बयान और उनके रुख नीचे दिए गए हैं: सनातन के समूल नाश की बात: उन्होंने कहा कि कुछ चीजों का सिर्फ विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।बीमारियों से तुलना: उन्होंने सनातन धर्म की तुलना मच्छर, डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से करते हुए इसे समाज से मिटाने की वकालत की थी।असमानता का आरोप: स्टालिन के अनुसार, सनातन धर्म लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटता है और मानवता व समानता के खिलाफ है।
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : इस बार, ईश्वरीय दंड अत्यंत भीषण होगाः बीजेपी
अमित मालवीय ने X पर लिखा, “पिछली बार जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को “मिटाने” की बात कही थी, तो अदालतों ने इसे ‘हेट स्पीच’ करार दिया था और तमिलनाडु की जनता ने उनकी पार्टी को विपक्ष में धकेल दिया था। इस बार, हो सकता है कि वह उस कानूनी सुरक्षा की आड़ ले रहे हों जो उन्हें विधायिका से मिली हुई है, लेकिन कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं जिन्हें पार करने पर उसके गंभीर परिणाम भुगतने ही पड़ते हैं। लाखों लोगों की आस्था का मजाक उड़ाना और उसे निशाना बनाना राजनीतिक साहस नहीं, बल्कि कोरा अहंकार है। और इस बार, ईश्वरीय दंड अत्यंत भीषण होगा।”
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : सनातन का समूल नाश होना चाहिए, कहां बोले उदयनिधि
मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सनातन का समूल नाश होना चाहिए। उन्होंने जिस समय यह बयान दिया उस वक्त मुख्यमंत्री विजय विधानसभा में मौजूद थे।
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : पहले भी दे चुके है सनातन को मिटाने का बयान
यह पहली दफा नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन ने ऐसा बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने 2023 में भी ऐसा ही बयान दिया था। तब उनके बयान पर जमकर बवाल हुआ था। बीजेपी ने देशभर में उदयनिधि के खिलाफ प्रदर्शन किया था। अब एक बार फिर इसके दोहराए जाने से सियासी माहौल गरमा गया है और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव तेज होने की संभावना बढ़ गई है।
Udhayanidhi Stalin Sanatan Controversy : क्या बोले थे उदयनिधि स्टालिन
उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु प्रोग्रेसिव राइटर्स के एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के उन्मूलन की बात कहते हुए कहा था कि ये सामाजिक न्याय के खिलाफ है। उन्होंने ये भी कहा था कि सनातन धर्म को मच्छर, डेंगू, मलेरिया या कोरोना की तरह खत्म करना होगा। तमिलनाडु के खेल और युवा मामलों के मंत्री रहे स्टालिन ने कहा था, सनातन धर्म का विरोध करने के बजाय इसे खत्म करना होगा। उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा था कि ‘मैं इसे लगातार कहूंगा।’
सनातन पर स्टालिन का बयान, मचा सियासी घमासान! विधानसभा में फिर गूंजा सनातन के विनाश का नारा, क्या फिर बढ़ने वाली है I.N.D.I.A. की मुश्किलें ?यह पूरा मामला देश भर में एक बड़े वैचारिक और राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है, जहां भाजपा और हिंदू संगठन इसे करोड़ों लोगों की आस्था पर हमला बता रहे हैं।
read more : झारखंडपश्चिम बंगाल
Jharcraft Kolkata Emporium : उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कोलकाता में झारक्राफ़्ट के नए इम्पोरियम का किया उद्घाटन

