Lok Adalat Bhopal : वर्ष की दूसरी नेशनल लोक अदालत संपन्न, 39 करोड़ 6 हजार से अधिक की राशि पारित
Lok Adalat Bhopal : भोपाल: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार को इस वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायालय भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्जवलित कर एवं मॉ सरस्वती व महात्मा गांधी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर किया गया।
Lok Adalat Bhopal : इस अवसर पर श्री राजर्षि श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश, अत्याचार निवारण अधिनियम भोपाल, श्री अग्निन्ध्र द्विवेदी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भोपाल, श्री सुनीत अग्रवाल न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल एवं सभी न्यायाधीशगण, पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्री पीसी शाक्या, डिप्टी कलेक्टर श्री रत्नेश श्रीवास्तव एवं अतिरिक्त डीसीपी श्रीमती नीतू सिंह ठाकुर, अधिवक्ता श्री दीपक खरे, श्री बीएम सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी एवं अन्य कार्यकारिणीय सदस्यों, शासकीय अधिवक्ता जिला न्यायालय अधिवक्तागण एवं नगरीय निकाय, विद्युत विभाग, बैंक, फायनेंस कंपनी के अधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वालेंटियर्स एवं विधि विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।

जिला न्यायालय भोपाल में नेशनल लोक अदालत हेतु कुल 61 खण्डपीठों का गठन किया गया है। न्यायालयों में लंबित प्रकरण 3101 एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण 14942 इस प्रकार कुल 18043 प्रकरणों को निराकरण किये जाने हेतु नेशनल लोक अदालत में रखा गया था। इनमें से कुल पेडिंग प्रकरण 2963 एवं प्रीलिटिगेशन के 14554 प्रकरण इस प्रकार कुल प्रकरणों 17517 का नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश का मार्गदर्शन, खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारीगण के प्रयास एवं अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण, नगरीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, विद्युत विभाग, बैंक एवं पक्षकारों के भरपूर सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Lok Adalat Bhopal : सफल स्टोरी
मृतक वसीम की घटना दिनांक 12.12.2025 को नेहरू नगर चौराहा भोपाल से पैदल जाते समय आई०आई०एफ०एम० मेन गेट के पास बस वाहन कमांक MP-04 PA-1714 द्वारा टक्कर मारने से मृत्य हो गई थी। उक्त मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में आवेदकगण की ओर से अधिवक्ता श्री सन्नी हिंगोरानी एवं इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अधिवक्ता श्री अजय कुमार पाण्डे द्वारा पैरवी की गई जिसमें आज 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत में माननीय मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण भोपाल पीठासीन अधिकारी श्रीमान् आशुतोष शुक्ल नवमं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश महोदय एवं सदस्य श्री नरेन्द्र सिहं सलूजा के समक्ष रूपये 20 लाख 50 हजार रूपये में आवेदक एवं अनावेदक के अधिवक्तागण की उपस्थिति में समझौता किया गया।
Lok Adalat Bhopal : आवेदिक श्री ताराचंद की पत्नी श्रीमती भगवती बाई उम्र 42 वर्ष, 22 अप्रैल 2024 को सूरजपूजा कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए ग्राम कचनारिया से लोडिंग टेम्पों में बैठकर रिश्तेदार के घर जा रही थी। आई०टी०आई० कॉलेज के पास कचनारिया में टेंकर वाहन क्रमांक UP-15 FT-3373 द्वारा टक्कर मारने से भगवती बाई की मृत्य हो गई थी। उसी लोडिंग टैम्पों में और अन्य 10 लोग भी बैठे थे उन सभी को चोटें आई थी। मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण कमांक एमएसीसी 1210/2024 ताराचंद विरूद्ध हसनैन में मोटर यान अधिनियम के तहत मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण भोपाल पीठासीन अधिकारी श्री अजय पेंदाम, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। उक्त प्रकरण में आज 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत में राशि 13 लाख 50 पचास हजार रूपये में समझौता किया गया। साथ ही प्रकरण में अन्य 10 पीड़ितों को अलग-अलग राशि प्रदान किये जाने के कुल राशि रूपये 30,02,000/- (तीस लाख दो हजार रूपय) का अवार्ड पारित किया गया।
Lok Adalat Bhopal : उक्त दोनों प्रकरण में प्रधान जिला न्यायाधीश भोपाल द्वारा पीठासीन अधिकारी, श्री सुनीत अग्रवाल न्यायाधीश / सचिव भोपाल एवं आवेदकगण एवं बीमा कंपनीस के अधिवक्तागण की उपस्थिति में आवेदक को नेशनल लोक अदालत में उक्त राशि के चैक प्रदान किये गये।
पक्षकारों श्री रविन्द्र विश्वकर्मा का विवाह श्रीमती कविता विश्वकर्मा से 10 जुलाई 2016 को हुआ था, उनके चार बच्चें हैं। विवाह के पश्चात कुछ समय अच्छे से रहने के उपरांत पति पत्नी के मध्य परस्पर जीवन यापन की व्यवहारिक समस्यों और विचारधारा को लेकर विवाद होने पर नवम्बर 2025 से दोनों अलग अलग रहने लगे थे। पत्नी अपने माता पिता के घर पर चली गई। पति द्वारा पत्नी को वापस लाने का प्रयास किया गया परन्तु विफल रहा। परिणाम स्वरूप न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गयी जिसका प्रकरण श्रीमती नीलू संजीव श्रृंगीऋषि, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश भोपाल के न्यायालय में प्रकरण कमांक RCS HM-56/2025 दर्ज किया गया। आज दिनांक 09 मई 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में उभयपक्ष के मध्य सुलह के प्रयास करने पर सफल हुआ और पति पत्नी संयुक्त रूप से जीवन यापन करने के लिये तैयार हो गये।
पक्षकारों श्रीमति जया शर्मा विरूद्ध बृजेश कुमार शर्मा का प्रकरण RCSHM-1377/24 न्यायालय-श्रीमती वर्षा शर्मा, द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायधीश कुटुम्ब न्यायालय भोपाल में प्रचलित था। पक्षकारों के एक बेटी एवं एक बेटा था। दोनों पति-पत्नि अलग-अलग रह रहे थे। आज दोनों के मध्यम आपसी समझौता हो गया तथा साथ-साथ रहने को तैयार हो कर प्रकरण को समाप्त किया।
पक्षकार श्रीमती भारती विरूद्ध विनय की शादी वर्ष 2014 में हुई थी एवं 2025 से आपसी मन मुटाव एवं झगड़े के कारण अलग-अलग रह रहे थे, उनके दो बच्चे थे। प्रकरण MJCR-1013/25 न्यायालय श्री राजदीपसिंह ठाकुर प्रथत अतिरिक्त प्रधान न्यायधीश कुटुम्ब न्यायालय भोपाल में प्रचलित था। दोनों के मध्यम आपसी समझौता हो गया साथ साथ रहने को तैयार होते हुए पुनः दाम्पत्य जीवन की शुरूआत करने खुशी-खुशी साथ रहने हेतु रजामंद हुए तथा न्यायालय से एक साथ घर गये।

