Bengal Agnipath : पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के बाद बवाल है,ममता बनर्जी अपनी हार पचा नहीं पा रहीं। बीजेपी को जनमत मिलने के बाद भी ममता गद्दी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ममता ने बंगाल के चुनावी नतीजों को जनता का फैसला मानने से इनकार कर दिया।और दावा किया कि टीएमसी को साजिश के तहत हराया गया। उधर बंगाल में चुनाव नतीजें के बाद कई जगहों पर हिंसा हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है। मामले में चुनाव आयुक्त ने सख्ती दिखायी है। बंगाल में बदलाव के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
Bengal Agnipath : ममता का इस्तीफे से इनकार, संवैधानिक व्यवस्था पर प्रहार
निर्वाचन आयोग ने नई विधानसभा के गठन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। और बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख सामने आ गई है।बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के मुताबिक नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के शामिल होंगे। शपथ समारोह में प्रधानमंत्री, एनडीए व भाजपा के सभी मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। बंगाल में भाजपा शासित पहली सरकार में दो दर्जन विधायकों के शपथ लेने की बात सामने आई है। लेकिन चुनाव हारने के बावजूद ममता बनर्जी इस्तीफा देने से इनकार कर रही हैं।

Bengal Agnipath : बंगाल में लोकतंत्र बनाम तानाशाही !
देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि चुनाव हारने के बाद कोई सीएम इस्तीफा देने से मना करे। इसको लेकर बीजेपी का कहना है कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत नहीं करता। बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर समिक भट्टाचार्य ने सख्त कार्रवाई की मांग की, प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की और कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण जश्न मनाने को कहा। लेकिन पश्चिम बंगाल में हार के बावजूद ममता बनर्जी ने इस्तीफे से इनकार कर अपनी लड़ाई को लोकतंत्र बनाम तानाशाही का रूप दे दिया है।
Bengal Agnipath : बंगाल में नई सरकार की तैयारी
• बंगाल में नई सरकार का तैयारियां शुरू
• 9 मई को कोलकाता में BJP का शपथ समारोह
• ममता-अभिषेक की सुरक्षा हटाई
• हार के बाद भी ममता का इस्तीफा नहीं
• ममता बनर्जी इस्तीफा देने से कर रहीं इनकार
• शपथ समारोह में प्रधानमंत्री होंग शामिल
• एनडीए व भाजपा के सभी मुख्यमंत्री
• शपथ में केंद्रीय मंत्री भी होंगे शामिल
• बंगाल में दो दर्जन विधायक ले सकते हैं शपथ
• संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास को लेकर आर-पार की लड़ाई
जिस पर बयानबाजी कादौर चल रहा है। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने दीदी के इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि देश में केंद्र की तानाशाही और चुनाव आयोग के पक्षपाती व्यवहार के खिलाफ एकजुट होना अब अनिवार्य हो गया है। तो वहीं भाजपा ने इसे लोकतंत्र बनाम तानाशाही की लड़ाई बताया है।

