Los Angeles Mayor : नित्या रमन और ममदानी लगभग एक समान मुद्दों को उठाते हैं। दोनों के भारतवंशी हैं। इस वजह से दोनों की तुलना की जा रही है।
Los Angeles Mayor : अमेरिका की राजनीति में एक और भारतवंशी का नाम इन दिनों खूब चर्चा में है और उनकी तुलना न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से हो रही है। यह नाम है नित्या रमन का। नित्या रमन लॉस एंजिल्स मेयर चुनाव में उम्मीदवार हैं। उन्होंने देरी से चुनाव लड़ने का फैसला किया, लेकिन उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है और वह चुनाव जीतने की प्रबल दावेदार नजर आ रही हैं।

Los Angeles Mayor : नित्या रमन का जन्म 28 जुलाई 1981 को केरल में हुआ था। वह 6 साल की थीं, तब उनका परिवार अमेरिका में बस गया। 22 साल की उम्र में उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। बाद में वह समाजसेवा और राजनीति में सक्रिय हुईं। फरवरी 2026 में उन्होंने मेयर का चुनाव लड़के का फैसला किया और अब अमेरिका में सबसे चर्चित नेताओं में शामिल हो चुकी हैं।
Los Angeles Mayor : हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
नित्या रमन लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल की मेंबर हैं और मेयर की रेस में चर्चा में हैं। यही वजह है कि अमेरिका में खासकर कैलिफोर्निया और लॉस एंजिल्स की राजनीति में उनका नाम काफी चल रहा है। नित्या हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अंडरग्रेजुएट हैं और एमआईटी से अरबन प्लानिंग में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। वह एक्टिविस्ट हैं और उन्होंने बेघरों और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम किया है। वह डेमोक्रैट पार्टी से जुड़ी हुई हैं।
Los Angeles Mayor : कैसा रहा राजनीतिक करियर
नित्या ने साल 2020 में लॉस एंजिल्स के सिटी काउंसिल डिस्ट्रिक-4 से चुनाव जीता। वह लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की पहली दक्षिण एशियाई और पहली एशियाई-अमेरिकी महिला अध्यक्ष बनीं। 2024 में वह इस पद पर दोबारा चुनी गईं। अब वह लॉस एंजिल्स मेयर का चुनाव लड़ रही हैं। वह पहले मेयर करेन बास का समर्थन कर रही थीं, लेकिन फरवरी के महीने में उन्होंने खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया। वह बास के खिलाफ मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी हैं। कुछ पोल्स में वे आगे भी दिख रही हैं।
Los Angeles Mayor : ममदानी से क्यों हो रही तुलना?
ममदानी और नित्या दोनों डेमोक्रैटिक सोशलिस्ट ऑफ अमेरिका से जुड़े हैं। ममदानी न्यूयॉर्क में डीएसए के समर्थन वाले उम्मीदवार के रूप में उभरे और मेयर बने। वहीं, नित्या रमन लॉस एंजिल्स में 2020 में काउंसिल चुनाव जीती थीं। वह डीएसए की पहली उम्मीदवार थीं, जिन्हें इतनी सफलता मिली। ममदानी के जड़ें गुजरात से हैं और नित्या की केरल से। इस वजह से दोनों की तुलना की जा रही है। इसके अलावा दोनों की राजनीति विकास पर आधारित है और लेफ्ट विंग से भी मिलती-जुलती है। दोनों जिन मुद्दों पर प्रमुखता से उठाते हैं, वह भी बहुत हद तक मिलते-जुलते हैं।

