MP Tribal : भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल और अधोसंरचना का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और जनजातीय समुदाय मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ सके।
MP Tribal : मुख्यमंत्री प्रशासन अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला प्रदेश की 21 प्रतिशत से अधिक जनजातीय आबादी के भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच है। कार्यशाला के निष्कर्ष योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, बजट के बेहतर उपयोग और समयबद्ध क्रियान्वयन में सहायक होंगे।

MP Tribal : डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य करते हुए हर वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए प्रयासरत है। जनजातीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योग, स्वरोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों से भी जनजातीय समाज को जोड़ा जा रहा है।
MP Tribal : उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ विश्वविद्यालयों की स्थापना, क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों का आयोजन और होम-स्टे जैसे नवाचारों से आर्थिक सशक्तिकरण को गति दी जा रही है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा के विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो सके।
MP Tribal : मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जनजातीय उप योजना के तहत लगातार बजट में वृद्धि की जा रही है और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से जनजातीय समुदाय के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
MP Tribal : इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय विकास के लिए संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए क्षेत्रवार मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत मानचित्र तैयार किया जाए और उसी आधार पर रणनीति बनाई जाए।

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, अधोसंरचना, आजीविका और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिससे जनजातीय विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।

