by: crime desk
CrimeStory : बिहार के समस्तीपुर से सामने आया यह सनसनीखेज हत्याकांड रिश्तों में टूटते भरोसे और सोशल मीडिया के बढ़ते असर की खौफनाक कहानी बयां करता है। इस मामले में बेगूसराय कोर्ट ने पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों में दरार, सोशल मीडिया के असर और अवैध संबंधों की खतरनाक परिणति की कहानी है।
CrimeStory : रील्स और रिश्तों में बढ़ता विवाद
मृतक महेश्वर राय, जो पेशे से मजदूर था, अपनी पत्नी रानी कुमारी के साथ सामान्य जीवन जी रहा था। लेकिन धीरे-धीरे उनके रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा। वजह थी रानी की सोशल मीडिया पर बढ़ती सक्रियता। वह रील्स बनाती थी और उसके हजारों फॉलोअर्स हो चुके थे। महेश्वर को पत्नी का यह अंदाज पसंद नहीं था। दोनों के बीच इसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता था। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा।
CrimeStory : जांच में सामने आया कि रानी का किसी और युवक, मो. शहजाद, से संबंध था। यह बात जब महेश्वर को पता चली, तो घर में झगड़े और बढ़ गए। इन झगड़ों के बीच ही एक खतरनाक साजिश तैयार की गई। 7 जनवरी 2024 को रानी ने महेश्वर को अपने मायके बुलाया। पति को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी।
रात में खाना खाने के बाद महेश्वर सो गया। इसी दौरान रानी ने अपने प्रेमी शहजाद को घर बुला लिया। दोनों ने मिलकर पहले से तय योजना के तहत दुपट्टे से महेश्वर का गला घोंट दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने इसे छिपाने की भी कोशिश की, लेकिन सच्चाई ज्यादा दिन छिप नहीं सकी।
घटना के बाद मृतक के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जल्द ही शक की सुई पत्नी पर गई और सख्ती से पूछताछ में पूरा सच सामने आ गया।
CrimeStory : साजिश के तहत की गई हत्या
CrimeStory : पुलिस ने पहले रानी को गिरफ्तार किया और बाद में उसके प्रेमी शहजाद को भी पकड़ लिया। जांच में यह भी साफ हुआ कि हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश थी। हालांकि, मामले में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। मामले की सुनवाई बेगूसराय की अदालत में चली, जहां सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने रानी कुमारी और मो. शहजाद को दोषी करार दिया। दोनों को उम्रकैद की सजा के साथ 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
CrimeStory : इस फैसले के बाद मृतक के परिवार ने राहत की सांस ली। पिता ने कहा कि उन्हें न्याय मिला है।
यह मामला कई सवाल खड़े करता है क्या सोशल मीडिया की लत रिश्तों को तोड़ रही है? क्या अवैध संबंध इतनी दूर ले जा सकते हैं कि कोई अपनी ही जिंदगी का साथी खत्म कर दे? फिलहाल, यह घटना एक कड़वा सच सामने लाती है कि जब रिश्तों में भरोसा खत्म हो जाता है, तो उसका अंजाम बेहद खतरनाक हो सकता है। इस फैसले के बाद मृतक के परिवार ने संतोष जताया है। यह मामला साफ करता है कि अवैध संबंध और आपसी अविश्वास किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है।

