BY
Yoganand Shrivastava
Mathura उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के चौमुहां ब्लॉक स्थित भोगांव में रविवार तड़के एक भीषण गैस सिलेंडर विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मकान की छत उड़ गई और दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं। इस हादसे में एक विधवा महिला और उनके चार बच्चों की जान चमत्कारिक रूप से बच गई, जिसके पीछे की वजह बेहद हैरान करने वाली है।
Mathura ‘काल’ बनकर आया धमाका, ‘ढाल’ बनी बिजली कटौती
हादसा रविवार सुबह करीब 5 बजे का है, जब गांव की रहने वाली रामवती रसोई में चाय बनाने के बाद बाहर पशुओं को चारा डालने गई थीं। इसी दौरान रसोई में रखे गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। गनीमत यह रही कि सुबह करीब 4 बजे गांव की बिजली गुल हो गई थी। उमस और गर्मी के कारण रामवती के चारों बच्चे कमरों से निकलकर दूसरे पक्के कमरे की छत पर सोने चले गए थे। यदि बिजली न कटती और बच्चे अंदर सो रहे होते, तो यह हादसा बड़ी जनहानि में बदल सकता था।
Mathura मलबे में तब्दील हुई गरीब की गृहस्थी
मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली रामवती के लिए यह विस्फोट किसी दोहरे झटके से कम नहीं है। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दो कमरों का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित महिला के अनुसार, मलबे में दबकर उनके कपड़े, खाने-पीने का सामान और पूरी गृहस्थी नष्ट हो गई है। धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि चारों ओर केवल धूल का गुबार और मलबे का ढेर नजर आ रहा था।
Mathura प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार
सिलेंडर फटने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे गैस रिसाव से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। बेघर हुई रामवती और उनके बच्चों ने शासन-प्रशासन से रहने की व्यवस्था और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मार्मिक अपील की है, ताकि वे इस संकट की घड़ी से उबर सकें।





