Petrol Diesel : अफवाहों से बढ़ी चिंता, प्रशासन अलर्ट
जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भ्रामक और आधारहीन खबरें तेजी से फैल रही हैं। इन अफवाहों के कारण आम जनता में डर और घबराहट का माहौल बन रहा है, जिससे पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

Petrol Diesel : SOP लागू, कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रित करने और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है। इसका उद्देश्य अफवाहों को रोकना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

Petrol Diesel : सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और सूचना प्रबंधन
जिला जनसंपर्क अधिकारी (PRO) प्रतिदिन ऑयल कंपनियों जैसे IOCL, BPCL और HPCL से समन्वय कर स्टॉक की जानकारी जारी करेंगे
पुलिस विभाग का सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल फर्जी पोस्ट की पहचान कर तत्काल खंडन करेगा
साइबर सेल और PRO की संयुक्त टीम WhatsApp, Facebook, X और Instagram पर 24×7 निगरानी रखेगी
“पेट्रोल खत्म”, “कमी”, “हड़ताल” जैसे कीवर्ड्स पर विशेष नजर रखी जाएगी
भ्रामक पोस्ट पर ‘FAKE’ या ‘FACT CHECK’ स्टैम्प लगाकर आधिकारिक रूप से खंडन किया जाएगा
Petrol Diesel : अफवाह फैलाने वालों और ग्रुप एडमिन पर कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक खबर फैलाने वालों के साथ-साथ व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
BNS की धारा 353 के तहत केस दर्ज किया जाएगा
IT Act के तहत भी कड़ी कार्रवाई होगी
जरूरत पड़ने पर फेक न्यूज फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया जाएगा
Petrol Diesel : पेट्रोल पंपों पर सख्त निगरानी
SDM, पुलिस अधिकारी और तहसीलदार की संयुक्त टीम लगातार निरीक्षण करेगी
जिला आपूर्ति अधिकारी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करेंगे
कृत्रिम कमी (Hoarding) या अधिक कीमत वसूलने पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द किया जाएगा
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