by: vijay nandan
Hasya Hathauda भैया 😄 एक तरफा प्यार भी बड़ी कमाल चीज़ होती है। दो तरफा प्यार में तो सामने वाला या वाली भी आई लव यू बोल देता या देती है, लेकिन एक तरफा प्यार में तो आदमी खुद ही सवाल पूछता है, खुद ही जवाब देता है और खुद ही खुश भी हो जाता है। मतलब पूरा वन मैन शो चलता है।
Hasya Hathauda दिन हो या आधी रात, दिमाग में कल्पनाएं ऐसे कुलांचे मारती हैं जैसे खेत में छोड़ा हुआ बछड़ा। सामने वाला या वाली ने अगर एक बार मुस्कुरा दिया, तो भाई साहब उसी मुस्कान का रीप्ले दिमाग में 25 बार चला लेते हैं फिर सोचते हैं, मुस्कुराई जरूर थी, जरूर कुछ तो मतलब होगा! जबकि असलियत में वो मुस्कान शायद बस सामान्य शिष्टाचार रही होगी।
एक तरफा प्यार में सबसे बड़ी ताकत होती है ओवरथिंकिंग। सामने वाला या वाली अगर गलती से हाय बोल दे तो दिल कहता है। ये तो पक्का सिग्नल है भैया और अगर हाय ना बोले तो दिमाग तुरंत फिल्मी डायलॉग मारता है, शायद वो शर्माती है।
Hasya Hathauda मोबाइल हाथ में हो तो हर पाँच मिनट में व्हाट्सऐप खोलकर देखना, ऑनलाइन आई क्या या आया क्या ?
और अगर गलती से वो ऑनलाइन दिख जाए तो दिल में लड्डू फूटते हैं, पक्का मेरे मैसेज का इंतजार कर रही होगी या होगा।
लेकिन असलियत में वो किसी और के साथ मीम शेयर कर रही या कर रहा होता है।
Hasya Hathauda एक तरफा प्यार में आदमी खुद ही फिल्म का हीरो बन जाता है। बस फर्क इतना है कि फिल्म सिर्फ दिमाग में चल रही होती है। उसमें गाने भी होते हैं, बारिश भी होती है, स्लो मोशन में मुलाकात भी होती है और अंत में हीरो-हीरोइन की शादी भी हो जाती है।

फिर अचानक कोई दोस्त हकीकत का थप्पड़ मार देता या देती है, भाई या बहन, उसे तो पता भी नहीं कि तू मौजूद है
Hasya Hathauda और भाई, एक तरफा प्यार में छोटी-छोटी चीजें भी बड़ी लगने लगती हैं। अगर सामने वाले या वाली ने दो सेकंड ज्यादा बात कर ली तो दिल कहता है, ये तो प्रगति है। अगर उसने किसी और से बात कर ली तो दिल दुखी होकर कहता है, आजकल लोग वफादार नहीं रहे।
Hasya Hathauda सबसे मजेदार बात यह है कि एक तरफा प्यार में इंसान खुद ही कवि, शायर और दार्शनिक बन जाता है। अचानक स्टेटस लगने लगते हैं, कुछ तो बात है उसमें, यूं ही दिल नहीं देता कोई…
दोस्त पूछते हैं, किसके लिए लिखा?
और जवाब आता है, बस ऐसे ही, मूड में लिख दिया।
लेकिन सच कहें तो एक तरफा प्यार की मासूमियत ही उसकी असली खूबसूरती है। इसमें कोई उम्मीद नहीं होती, फिर भी दिल खुश रहता है। कोई वादा नहीं होता, फिर भी सपने बनते रहते हैं।
तो भैया, अगर जिंदगी में कभी एक तरफा प्यार हो जाए तो घबराइए मत। थोड़ा हंस लीजिए, थोड़ा मुस्कुरा लीजिए। क्योंकि ये वही दौर होता है जब इंसान को पता चलता है कि दिल भी कभी-कभी बिना वजह ओवरटाइम करता है।

