Bhopal Kinner : हिमांगी सखी देश की पहली किन्नर शंकराचार्य, 4 जगद्गुरु और 5 महामंडलेश्वर घोषित किए
रिपोर्ट- अनिरुद्ध सोनाने
Bhopal Kinner : भोपाल, भगवान शिव के महापर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर भोपाल में हिन्दू किन्नरों का मुस्लिम धर्म से घर वापसी का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, इसमें दावा किया गया की किन्नरों के लिए यह जरूरी था| किन्नरों के धर्म सम्मेलन में देश की पहली किन्नर शंकराचार्य के रूप में हिमांगी सखी का पट्टाभिषेक किया गया। आयोजकों के मुताबिक़ राजस्थान के पुष्कर पीठ का चयन देश की पहली किन्नर शंकराचार्य पीठ के रूप में किया गया और जगतगुरु और महामण्डलेशवर भी घोषित किये गए। कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह घोषणा की गई। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में किन्नर समुदाय के प्रतिनिधि, संत-महात्मा और विभिन्न राज्यों से आए अनुयायी मौजूद रहे। लेकिन किन्नरों में शंकराचार्य को लेकर विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। क्योंकि कुछ संत और हिंदू संगठनों ने इस विरोध शुरू कर दिया है।


Bhopal Kinner : दावा किया जा रहा है कि आज महाशिवरात्रि पर्व पर राजधानी भोपाल में 500 से अधिक मुस्लिम किन्नरों ने हिंदू धर्म अपनाकर सनातन में वापसी की। भगवा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाकांत शुक्ला और प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार भार्गव भी शामिल हुए। हालांकि, इसे लेकर ट्रांसजेंडर कम्युनिटी में मतभेद सामने आए हैं। सुरैया नायक और देवी रानी के नेतृत्व वाला दूसरा गुट इसका विरोध करता नजर भी आया। इधर जब यह सम्मेलन हो रहा है तब एक तरफ जहां “किन्नर जिहाद” का मुद्दा गरमाया हुआ है, वहीं किन्नर अखाड़े ने देश के पहले किन्नर शंकराचार्य की ताजपोशी का ऐलान किया था। इसके लिए देश भर से किन्नर महामंडलेश्वर और संत इकट्ठा हुए, भोपाल में किन्नर अखाड़े के फाउंडर अजय दास त्यागी ने यह अहम ऐलान करते हुए कहा कि आज देश को पहला किन्नर शंकराचार्य मिला है।


Bhopal Kinner : इधर किन्नर अखाड़ा के डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने भी मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया है, तो वहीं महंत अनिलानंद महाराज ने किन्नरों के इस आयोजन पर और मुस्लिम से हिंदू बने किन्नरों के मामले को लेकर के सवाल खड़े किए हैं और उन्होंने कार्रवाई की मांग भी की है। हिंदू संगठन समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य सिर्फ हमारे चार मठों के हो सकते हैं। हर कोई अगर शंकराचार्य बनने लगेगा और कोई भी हिन्दू धर्म को आघात पहुंचाने का काम करेगा।

Bhopal Kinner : आने वाले चुनाव और उज्जैन में होने जा रहे सिंहस्थ को लेकर लगता है अब किन्नर समुदाय की पूर्व से तैयारी शुरू हो गई है। पट्टाभिषेक कार्यक्रम सिर्फ शंकराचार्य की नियुक्ति तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से दस जाने-माने ट्रांसजेंडर संतों को भी महामंडलेश्वर और जगतगुरु की उपाधि दी गई। भोपाल की काजल ठाकुर ग्रुप ने इस कार्यक्रम के लिए बड़ी तैयारी की थी जो नजर भी आई। ऐसे में अब देखना होगा कि इस मामले को लेकर आगे और क्या हलचल होती है।





