India AI Impact Expo 2026 : पांच दिवसीय आयोजन, 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के पहुंचने की संभावना
by: vijay nandan
India AI Impact Expo 2026 : नई दिल्ली, प्रधानमंत्री Narendra Modi 16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में India AI Impact Expo 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह पांच दिवसीय एक्सपो India AI Impact Summit 2026 के साथ आयोजित किया जा रहा है और देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वास्तविक उपयोग का राष्ट्रीय प्रदर्शन होगा।

India AI Impact Expo 2026 : इस एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन शामिल होंगे, जिनमें Australia, Japan, Russia, United Kingdom, France, Germany, Italy, Netherlands, Switzerland, Serbia, Estonia, Tajikistan और Africa शामिल हैं। ये सभी देश एआई पारिस्थितिकी तंत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रदर्शन करेंगे।

India AI Impact Expo 2026 : एक्सपो में 300 से अधिक चयनित प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमो आयोजित किए जाएंगे। इन्हें तीन थीमैटिक चक्रों People, Planet और Progress के आधार पर संरचित किया गया है। इसके अलावा, 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप भी भाग लेंगे, जो वैश्विक स्तर पर उपयोगी और बड़ी आबादी के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं।
India AI Impact Expo 2026 : कार्यक्रम के दौरान 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव और यह सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा होगी कि एआई का लाभ दुनिया के हर नागरिक तक पहुंचे।

India AI Impact Expo 2026 में 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों, जिनमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी शामिल हैं, के आने की संभावना है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई इकोसिस्टम में नए साझेदारी अवसरों और व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ावा देना है।
वहीं, India AI Impact Summit 2026 भी कल से राष्ट्रीय राजधानी में शुरू होगा, जिसमें स्वास्थ्य, कृषि और सुशासन के क्षेत्रों में AI for Good समाधानों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
संपादकीय नजरिया
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) 21वीं सदी की सबसे परिवर्तनकारी तकनीक बनकर उभरी है। यह केवल उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और शासन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक बदलाव ला रही है। एआई डेटा विश्लेषण, स्वचालन और निर्णय-निर्माण की प्रक्रियाओं को तेज और अधिक सटीक बना रही है। हालांकि इसके साथ रोजगार पर प्रभाव, डेटा गोपनीयता और नैतिक उपयोग जैसी चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं, जिन पर संतुलित नीति की आवश्यकता है।
भारत इस वैश्विक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशाल डिजिटल अवसंरचना, युवा प्रतिभा और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र भारत को एआई नवाचार का केंद्र बना सकते हैं। यदि देश सस्ती और समावेशी तकनीक विकसित कर “एआई फॉर ऑल” की दिशा में आगे बढ़े, तो वह न केवल घरेलू जरूरतें पूरी करेगा बल्कि वैश्विक दक्षिण के लिए भी मॉडल बन सकता है। जिम्मेदार और मानव-केंद्रित एआई ही भविष्य की कुंजी है।

